5 नवंबर 2026
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चुनाव आयोग का एसएसआर शेड्यूल जारी, 21 जनवरी 2027 को प्रकाशित होगी फाइनल वोटर लिस्ट

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चुनाव आयोग का एसएसआर शेड्यूल जारी, 21 जनवरी 2027 को प्रकाशित होगी फाइनल वोटर लिस्ट

सारांश

भारतीय चुनाव आयोग ने SSR का पूरा टाइमलाइन जारी कर दिया है — 30 नवंबर तक ड्राफ्ट रोल, दो महीने दावे-आपत्तियों के लिए, और 21 जनवरी 2027 को फाइनल प्रकाशन। पहाड़ी राज्य और दस बड़े राज्य बाद में अलग शेड्यूल पाएंगे।

मुख्य बातें

भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने 5 नवंबर 2026 को SSR (स्पेशल समरी रिवीजन) का पूरा शेड्यूल घोषित किया।
इंटीग्रेटेड ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल 30 नवंबर 2026 तक प्रकाशित होगा।
दावे और आपत्तियाँ 30 नवंबर से 12 दिसंबर 2026 के बीच दाखिल की जा सकेंगी; निपटारा 16 जनवरी 2027 तक।
फाइनल वोटर लिस्ट 21 जनवरी 2027 को प्रकाशित होगी।
आंध्र प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र सहित 10 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों का SSR शेड्यूल बाद में जारी होगा।
हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में ठंड के मौसम को देखते हुए SSR बाद में शुरू होगा।

भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने 5 नवंबर 2026 को वोटर लिस्ट के स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) का पूरा कार्यक्रम घोषित कर दिया, जिसके अनुसार फाइनल इलेक्टोरल रोल 21 जनवरी 2027 को प्रकाशित किया जाएगा। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य उन युवाओं को मतदाता सूची में शामिल करना है जो पहली बार वोट देने के योग्य हो रहे हैं या अब तक सूची से छूट गए हैं।

मुख्य घटनाक्रम और तारीखें

आयोग द्वारा जारी विस्तृत टाइमलाइन के अनुसार, 20 नवंबर 2026 तक पोलिंग स्टेशनों का युक्तिकरण और पुनर्व्यवस्था पूरी करनी होगी। 30 नवंबर 2026 तक इंटीग्रेटेड ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल का प्रकाशन सुनिश्चित किया जाएगा।

30 नवंबर से 12 दिसंबर 2026 के बीच नागरिक अपने दावे और आपत्तियाँ दाखिल कर सकेंगे। इसके बाद 16 जनवरी 2027 तक सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा पूरा करना होगा। अंततः 21 जनवरी 2027 को फाइनल इलेक्टोरल रोल प्रकाशित किया जाएगा।

किन राज्यों में पहले और किनमें बाद में होगा SSR

आयोग ने स्पष्ट किया कि SSR उन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में पहले लागू किया जाएगा जहाँ SIR (Special Intensive Revision) हाल ही में पूरा हो चुका है या तीसरे चरण में है। यह प्रक्रिया चरणबद्ध होगी, एक साथ पूरे देश में नहीं।

आयोग के अनुसार, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मेघालय, नागालैंड, दिल्ली, त्रिपुरा और तेलंगाना के लिए SSR का शेड्यूल बाद में अलग से घोषित किया जाएगा। वहीं हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड को देखते हुए SSR बाद में शुरू किया जाएगा।

मतदान अधिकारियों को दिशा-निर्देश

आयोग ने विस्तृत प्रेस नोट में BLO (बूथ स्तर अधिकारी), DRO, ERO और अन्य मतदान अधिकारियों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने कहा कि प्रत्येक CEO (मुख्य निर्वाचन अधिकारी) इस पूरी अवधि के दौरान प्रेस नोट जारी करेंगे, जिनमें ERO द्वारा राजनीतिक दलों को दावों और आपत्तियों की साप्ताहिक सूची सौंपे जाने की तस्वीरें भी साझा की जाएंगी।

आयोग ने यह भी निर्देश दिया कि नोट में जनता और राजनीतिक दलों को अपील की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी और अंतिम प्रकाशन के दिन मतदाताओं के विवरण का सारांश भी उपलब्ध कराया जाएगा।

युवा मतदाताओं पर विशेष ज़ोर

गौरतलब है कि 29 सितंबर 2026 को आयोग ने कम से कम 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में छूटे हुए युवाओं और पहली बार वोट करने योग्य मतदाताओं के नामांकन के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। अब SSR की तारीखों की घोषणा के साथ उस अभियान को औपचारिक ढाँचा मिल गया है।

यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्यों में आगामी चुनावों की संभावना को देखते हुए अद्यतन मतदाता सूची की माँग तेज हो रही है। आयोग का यह कदम मतदाता भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि जिन 10 बड़े राज्यों — जिनमें दिल्ली और महाराष्ट्र जैसे चुनावी दृष्टि से संवेदनशील राज्य हैं — का शेड्यूल 'बाद में' घोषित होना है, वहाँ प्रक्रिया कब तक पूरी होगी। पहाड़ी राज्यों में ठंड का तर्क समझ में आता है, लेकिन बड़े राज्यों में देरी से युवा और पहली बार मतदाता बनने वाले नागरिकों के नामांकन पर असर पड़ सकता है। 29 सितंबर को शुरू हुए विशेष अभियान और अब घोषित शेड्यूल के बीच सामंजस्य ज़मीनी स्तर पर BLO और ERO की कार्यक्षमता पर निर्भर है — जो अतीत में अक्सर कमज़ोर कड़ी रही है।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) क्या होता है?
SSR वह प्रक्रिया है जिसके तहत भारतीय चुनाव आयोग मतदाता सूची को अद्यतन करता है — नए पात्र मतदाताओं को जोड़ता है, त्रुटियाँ सुधारता है और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाता है। इसका विशेष ज़ोर पहली बार मतदाता बनने योग्य युवाओं पर होता है।
फाइनल वोटर लिस्ट कब जारी होगी?
भारतीय चुनाव आयोग के अनुसार, फाइनल इलेक्टोरल रोल 21 जनवरी 2027 को प्रकाशित किया जाएगा। इससे पहले 30 नवंबर 2026 तक ड्राफ्ट रोल और 16 जनवरी 2027 तक सभी दावे-आपत्तियों का निपटारा पूरा होगा।
दावे और आपत्तियाँ कब और कैसे दाखिल कर सकते हैं?
नागरिक और राजनीतिक दल 30 नवंबर से 12 दिसंबर 2026 के बीच अपने दावे और आपत्तियाँ दाखिल कर सकते हैं। इसके लिए संबंधित ERO (इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर) से संपर्क किया जा सकता है; अपील की प्रक्रिया की जानकारी CEO के प्रेस नोट में उपलब्ध होगी।
किन राज्यों में SSR का शेड्यूल अभी घोषित नहीं हुआ?
आंध्र प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मेघालय, नागालैंड, दिल्ली, त्रिपुरा और तेलंगाना के लिए SSR शेड्यूल बाद में अलग से जारी किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में ठंड के कारण SSR बाद में शुरू होगा।
इस SSR अभियान की पृष्ठभूमि क्या है?
चुनाव आयोग ने 29 सितंबर 2026 को कम से कम 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में युवा और पहली बार मतदाता बनने योग्य नागरिकों के नामांकन के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। 5 नवंबर की तारीखों की घोषणा के साथ उस अभियान को औपचारिक टाइमलाइन मिल गई है।
राष्ट्र प्रेस
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