चुनाव आयोग का एसएसआर शेड्यूल जारी, 21 जनवरी 2027 को प्रकाशित होगी फाइनल वोटर लिस्ट
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने 5 नवंबर 2026 को वोटर लिस्ट के स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) का पूरा कार्यक्रम घोषित कर दिया, जिसके अनुसार फाइनल इलेक्टोरल रोल 21 जनवरी 2027 को प्रकाशित किया जाएगा। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य उन युवाओं को मतदाता सूची में शामिल करना है जो पहली बार वोट देने के योग्य हो रहे हैं या अब तक सूची से छूट गए हैं।
मुख्य घटनाक्रम और तारीखें
आयोग द्वारा जारी विस्तृत टाइमलाइन के अनुसार, 20 नवंबर 2026 तक पोलिंग स्टेशनों का युक्तिकरण और पुनर्व्यवस्था पूरी करनी होगी। 30 नवंबर 2026 तक इंटीग्रेटेड ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल का प्रकाशन सुनिश्चित किया जाएगा।
30 नवंबर से 12 दिसंबर 2026 के बीच नागरिक अपने दावे और आपत्तियाँ दाखिल कर सकेंगे। इसके बाद 16 जनवरी 2027 तक सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा पूरा करना होगा। अंततः 21 जनवरी 2027 को फाइनल इलेक्टोरल रोल प्रकाशित किया जाएगा।
किन राज्यों में पहले और किनमें बाद में होगा SSR
आयोग ने स्पष्ट किया कि SSR उन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में पहले लागू किया जाएगा जहाँ SIR (Special Intensive Revision) हाल ही में पूरा हो चुका है या तीसरे चरण में है। यह प्रक्रिया चरणबद्ध होगी, एक साथ पूरे देश में नहीं।
आयोग के अनुसार, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मेघालय, नागालैंड, दिल्ली, त्रिपुरा और तेलंगाना के लिए SSR का शेड्यूल बाद में अलग से घोषित किया जाएगा। वहीं हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड को देखते हुए SSR बाद में शुरू किया जाएगा।
मतदान अधिकारियों को दिशा-निर्देश
आयोग ने विस्तृत प्रेस नोट में BLO (बूथ स्तर अधिकारी), DRO, ERO और अन्य मतदान अधिकारियों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने कहा कि प्रत्येक CEO (मुख्य निर्वाचन अधिकारी) इस पूरी अवधि के दौरान प्रेस नोट जारी करेंगे, जिनमें ERO द्वारा राजनीतिक दलों को दावों और आपत्तियों की साप्ताहिक सूची सौंपे जाने की तस्वीरें भी साझा की जाएंगी।
आयोग ने यह भी निर्देश दिया कि नोट में जनता और राजनीतिक दलों को अपील की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी और अंतिम प्रकाशन के दिन मतदाताओं के विवरण का सारांश भी उपलब्ध कराया जाएगा।
युवा मतदाताओं पर विशेष ज़ोर
गौरतलब है कि 29 सितंबर 2026 को आयोग ने कम से कम 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में छूटे हुए युवाओं और पहली बार वोट करने योग्य मतदाताओं के नामांकन के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। अब SSR की तारीखों की घोषणा के साथ उस अभियान को औपचारिक ढाँचा मिल गया है।
यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्यों में आगामी चुनावों की संभावना को देखते हुए अद्यतन मतदाता सूची की माँग तेज हो रही है। आयोग का यह कदम मतदाता भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल मानी जा रही है।