अहमदाबाद में 3 नए पुलिस स्टेशनों का उद्घाटन, हर्ष संघवी बोले — अपराधियों में हो कानून का डर
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 5 नवंबर 2026 को दीपावली और रमा एकादशी के अवसर पर अहमदाबाद में तीन नए पुलिस स्टेशनों — मोटेरा, वस्त्राल और हंसपुरा — का विधिवत उद्घाटन किया। इन तीन केंद्रों के सक्रिय होने से अहमदाबाद शहर में पुलिस स्टेशनों की कुल संख्या 49 से बढ़कर 52 हो गई है, जो शहर की सुरक्षा व्यवस्था के विस्तार में एक उल्लेखनीय कदम है।
नए थानों की भूमिका और महत्व
उपमुख्यमंत्री संघवी ने उद्घाटन समारोह में कहा कि नए पुलिस स्टेशन खुलने से स्थानीय नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने या अन्य कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे उनका समय और परिश्रम दोनों की बचत होगी। मोटेरा पुलिस स्टेशन विशेष रूप से नरेंद्र मोदी स्टेडियम — जो विश्व का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम है — के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और बड़े आयोजनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगा।
अपराध नियंत्रण और पुलिस की उपलब्धियाँ
समारोह में संघवी ने हाल ही में अहमदाबाद क्राइम ब्रांच द्वारा करोड़ों रुपये की एमडी और हेरोइन ड्रग्स के साथ एक अंतर-राज्यीय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश किए जाने की सराहना की। उन्होंने पुलिस बल की इस कार्रवाई को शहर की सुरक्षा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।
इसके अलावा, उन्होंने नवरात्रि उत्सव के दौरान पूरी रात ड्यूटी पर रहकर लाखों खिलाड़ियों को सुरक्षित माहौल देने और औद्योगिक व व्यावसायिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बल का आभार व्यक्त किया।
आम नागरिकों के प्रति संवेदनशील रवैये की अपील
पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए संघवी ने स्पष्ट किया, 'असामाजिक तत्वों और अपराधियों में कानून का सख्त डर होना चाहिए, लेकिन जब कोई आम या गरीब आवेदक आए तो उसका सम्मान के साथ स्वागत किया जाना चाहिए, उसकी बात सुनी जानी चाहिए और उसे जल्द न्याय दिलाने के लिए संवेदनशील रवैया दिखाया जाना चाहिए।' यह बयान पुलिसिंग के दोहरे दायित्व — सख्ती और संवेदनशीलता — को रेखांकित करता है।
दीपावली पर व्यापारियों और नागरिकों से अपील
दीपावली के संदर्भ में उपमुख्यमंत्री ने पुलिस से अनुरोध किया कि वह छोटे व्यापारियों — मटके विक्रेताओं, ट्रक-कैरियर चालकों और अन्य छोटे कारोबारियों — के साथ सहयोगात्मक और मित्रवत व्यवहार करे, ताकि वे देर रात तक निर्भय होकर व्यापार कर सकें। उन्होंने नागरिकों से भी आग्रह किया कि वे इन छोटे व्यापारियों की आजीविका में सहयोग करके उनकी दीपावली को भी रोशन करें।
पुलिसकर्मियों को भावभरी शुभकामनाएँ
संघवी ने भावुक होते हुए कहा कि 18-18 घंटे जनता की सुरक्षा में समर्पित रहने वाले पुलिसकर्मियों को कार्यस्थल की जिम्मेदारियाँ एक ओर रखकर एक प्यार करने वाले बेटे, पति या पिता के रूप में अपने परिवार के साथ दीपावली का पर्व मनाना चाहिए। यह संदेश पुलिस बल के मनोबल को ऊँचा रखने और उनके मानवीय पक्ष को मान्यता देने का प्रयास था। गौरतलब है कि अहमदाबाद जैसे बड़े महानगर में पुलिस अवसंरचना का यह विस्तार शहर की जनसंख्या वृद्धि और बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनज़र दीर्घकालीन महत्व रखता है।