मुंबई ईडी कार्रवाई: बर्नाडेट भरत वर्मा समेत 11 पर PMLA चार्जशीट, ₹79 करोड़ की धोखाधड़ी
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई जोनल ऑफिस ने 14 अक्टूबर 2026 को मुंबई की स्पेशल कोर्ट (PMLA) में वित्त विभाग की पूर्व डिप्टी सेक्रेटरी बर्नाडेट भरत वर्मा, उनके पति भरतकुमार शंकरलाल वर्मा और 9 अन्य आरोपियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 3 और धारा 4 के तहत अभियोजन परिवाद (प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट) दायर की है। आरोप है कि इन आरोपियों ने यूनाइटेड सर्विसेज क्लब के ₹79 करोड़ से अधिक के फंड को फर्जी बैंक खातों के जरिए डायवर्ट कर मनी लॉन्ड्रिंग को अंजाम दिया। PMLA स्पेशल कोर्ट ने सभी आरोपियों को प्री-कॉग्निजेंस नोटिस जारी करने का आदेश भी दे दिया है।
मामले की पृष्ठभूमि
ईडी की जांच मुंबई के कफ परेड पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर पर आधारित है। जांच एजेंसी के अनुसार, वित्त विभाग की पूर्व डिप्टी सेक्रेटरी बर्नाडेट भरत वर्मा ने यूनाइटेड सर्विसेज क्लब में अपने पद का दुरुपयोग करते हुए क्लब के वेंडरों से मिलते-जुलते नामों से फर्जी बैंक खाते खुलवाए और उनमें लगभग ₹77.52 करोड़ स्थानांतरित कराए।
यह ऐसे समय में आया है जब सार्वजनिक संस्थाओं में वित्तीय अनियमितताओं पर ईडी की कार्रवाई तेज हुई है। गौरतलब है कि यह मामला किसी बाहरी अंकेक्षण के दौरान सामने आया, न कि आंतरिक निगरानी तंत्र से — जो संस्थागत निगरानी की कमी को उजागर करता है।
धोखाधड़ी का तरीका
जांच में सामने आया कि भरतकुमार शंकरलाल वर्मा ने उन संस्थाओं के नामों से मिलते-जुलते नाम इस्तेमाल कर डमी बैंक खाते खोले, जो यूनाइटेड सर्विसेज क्लब की वास्तविक वेंडर थीं। इसके बाद अपराध से अर्जित रकम को कई डमी संस्थाओं के बीच घुमाकर दंपती के निजी खातों, जॉइंट अकाउंट्स और परिवार के सदस्यों के खातों में पहुंचाया गया।
अभियोजन परिवाद के अनुसार, इस रकम का उपयोग अचल संपत्ति की खरीद, फिक्स्ड डिपॉजिट, लग्जरी वाहन, विदेश यात्राएं और आलीशान जीवनशैली बनाए रखने में किया गया।
ऑडिट और अतिरिक्त लेनदेन
अगस्त 2024 में नियुक्त एक सीए द्वारा क्लब के ऑडिट के दौरान इन धोखाधड़ी वाले लेनदेन का पता चला। ईडी के अनुसार, धोखाधड़ी उजागर होने के बाद भी आरोपियों ने अपराध से मिली रकम का एक हिस्सा स्थानांतरित किया। इसके अलावा, उक्त सीए की कथित गैर-कानूनी मांगों के चलते एक फाउंडेशन/ट्रस्ट को ₹11 करोड़ दिए गए, जिनका उपयोग मुख्य रूप से उस सीए और/या उसके सहयोगियों द्वारा किया गया।
जब्त संपत्तियां
ईडी ने PMLA, 2002 की धारा 5 के तहत मुंबई और रायगढ़ क्षेत्र में स्थित फ्लैट, जमीन, दुकान जैसी अचल संपत्तियों के अलावा एफडी और बैंक बैलेंस जैसी चल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया है। जब्त की गई संपत्तियों की कुल अनुमानित कीमत ₹47 करोड़ से अधिक बताई जा रही है।
आगे की जांच
ईडी के अनुसार, इस मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। PMLA कोर्ट का प्री-कॉग्निजेंस नोटिस अगले कानूनी चरण की शुरुआत का संकेत देता है।