मुंबई यूएस क्लब घोटाला: ईडी ने ₹13.44 करोड़ की 13 संपत्तियाँ कुर्क कीं, ₹77 करोड़ गबन मामले में जाँच जारी
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 14 सितंबर 2026 को मुंबई के यूनाइटेड सर्विसेज क्लब (यूएस क्लब) में कथित ₹77 करोड़ के गबन और धनशोधन मामले में ₹13.44 करोड़ मूल्य की 13 चल और अचल संपत्तियाँ अस्थायी रूप से कुर्क की हैं। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है।
कुर्क संपत्तियों का विवरण
जांच एजेंसी के अनुसार, ताज़ा कुर्की में मुंबई, गोवा और मध्य प्रदेश में स्थित फ्लैट, ज़मीन/प्लॉट, फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) तथा बैंक खातों में जमा राशि शामिल है। ये संपत्तियाँ क्लब की तत्कालीन डिप्टी सेक्रेटरी (फाइनेंस) बर्नाडेट भारत वर्मा, उनके पति भारतकुमार शंकरलाल वर्मा और अन्य संबंधित व्यक्तियों के नाम पर दर्ज हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले 20 मार्च 2026 को इसी मामले में ₹34.51 करोड़ मूल्य की 35 संपत्तियाँ भी कुर्क की जा चुकी हैं। इस प्रकार अब तक कुल कुर्क संपत्तियों का मूल्य ₹47.95 करोड़ से अधिक हो गया है।
मुख्य घटनाक्रम: कैसे हुआ घोटाला
जांच में सामने आया है कि बर्नाडेट भारत वर्मा ने अपने पति भारतकुमार शंकरलाल वर्मा के साथ मिलकर यूनाइटेड सर्विसेज क्लब के नियमित विक्रेताओं (वेंडर्स) के नाम से मिलते-जुलते कई फर्जी और डमी बैंक खाते खुलवाए। इन खातों में क्लब के कथित तौर पर लगभग ₹77 करोड़ ट्रांसफर किए गए।
इस अपराध से अर्जित राशि को बाद में आरोपी दंपती तथा उनके परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के व्यक्तिगत एवं संयुक्त बैंक खातों में स्थानांतरित किया गया। इसके अलावा, कथित तौर पर लगभग ₹11 करोड़ की राशि एम/एस ज्योतिर्गमय फाउंडेशन (ट्रस्ट) के बैंक खाते में भेजी गई।
चार्टर्ड अकाउंटेंट की संलिप्तता
जांच एजेंसी के अनुसार, ज्योतिर्गमय फाउंडेशन के खाते में आई यह रकम बाद में यूनाइटेड सर्विसेज क्लब से जुड़े चार्टर्ड अकाउंटेंट चंद्र प्रकाश पांडे, उनके परिवार के सदस्यों और उनकी नियंत्रित फर्मों के खातों में भेजी गई। इस प्रकार मामले में एक व्यापक वित्तीय नेटवर्क के संकेत उभरते हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब ईडी देशभर में क्लब, सोसाइटी और ट्रस्ट से जुड़े धनशोधन मामलों पर सख्त नज़र रख रहा है।
जांच की पृष्ठभूमि
ईडी ने यह जांच मुंबई पुलिस द्वारा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि मामले में धन के प्रवाह और अन्य संबंधित लेनदेन की जांच अभी जारी है।
आगे क्या होगा
जांच अभी जारी होने के कारण आने वाले समय में और संपत्तियों की कुर्की तथा संभावित गिरफ्तारियों से इनकार नहीं किया जा सकता। ईडी आरोपियों के वित्तीय नेटवर्क का पूरा खाका तैयार करने में जुटी है ताकि अपराध से अर्जित समस्त राशि की पहचान कर उसे जब्त किया जा सके।