ईडी की कार्रवाई राजनीतिक बदले की नीयत से: कांग्रेस नेता हरीश धामी का भाजपा पर हमला
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता हरीश धामी ने देहरादून में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हालिया कार्रवाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जाँच एजेंसियों का उपयोग राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए कर रही है और कांग्रेस इस दबाव से बिल्कुल नहीं डरेगी। यह विवाद उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत के पूर्व ओएसडी चंदन जीना के खिलाफ ईडी की कार्रवाई के बाद भड़का है।
मुख्य घटनाक्रम
ईडी की कार्रवाई में चंदन जीना के पास कथित तौर पर ₹32 लाख नकद, लगभग 200 ग्राम सोना और कई महँगी घड़ियाँ बरामद होने की बात कही गई है। हरीश धामी ने सवाल उठाया कि क्या यह संपत्ति अपने आप में भ्रष्टाचार का प्रमाण है। उन्होंने तर्क दिया कि चंदन जीना ने करीब 40 वर्षों तक सेवा की है और इतने लंबे कार्यकाल में इतनी संपत्ति का संचय असामान्य नहीं माना जा सकता।
धामी ने घड़ियों के बारे में भी स्पष्ट किया कि यदि किसी को उपहार में घड़ी मिली हो तो उसे भ्रष्टाचार का आधार नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने ईडी की कार्रवाई के समय पर भी सवाल खड़े किए और पूछा कि यह मामला इतने वर्षों के बाद अचानक क्यों उठाया जा रहा है।
भाजपा पर पलटवार और जवाबी माँगें
कांग्रेस नेता ने भाजपा सरकार से माँग की कि यदि जाँच एजेंसियाँ सच में भ्रष्टाचार के विरुद्ध काम कर रही हैं, तो उत्तराखंड विधानसभा से जुड़े विवादों और पूर्व मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के खिलाफ लगे आरोपों की भी जाँच होनी चाहिए। धामी ने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री के निकट रहने वाले कुछ व्यक्तियों की संपत्ति में कथित तौर पर असामान्य बढ़ोतरी हुई है और उस पर भी ईडी की नज़र पड़नी चाहिए।
खनन सहित विभिन्न क्षेत्रों में भ्रष्टाचार के आरोपों की जाँच की माँग करते हुए उन्होंने कहा कि जाँच का दायरा केवल विपक्षी नेताओं तक सीमित नहीं होना चाहिए।
सरकारी विज्ञापन व्यवस्था पर निशाना
हरीश धामी ने उत्तराखंड में सरकारी मीडिया विज्ञापनों पर होने वाले खर्च को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि कुछ पोर्टलों और मीडिया संस्थानों को पहले जहाँ सीमित राशि के विज्ञापन मिलते थे, वहाँ अब कथित तौर पर करोड़ों रुपये के सरकारी विज्ञापन दिए जा रहे हैं। धामी ने कहा कि यदि उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार बनती है तो इस पूरी विज्ञापन व्यवस्था की जाँच कराई जाएगी।
दोहरे मापदंड का आरोप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत माँ को लेकर जारी विवाद पर धामी ने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसी भी नेता की माँ का सम्मान होना चाहिए, किंतु उनके अनुसार कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के बारे में भी भाजपा नेताओं और सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियाँ होती रही हैं। धामी ने माँग की कि राजनीतिक विमर्श में परिवार के सदस्यों को निशाना बनाना उचित नहीं है और सभी पक्षों पर समान मापदंड लागू होने चाहिए।
2027 चुनाव और भविष्य की रणनीति
2027 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए धामी ने कहा कि बेरोज़गार युवा और राज्य की जनता भाजपा सरकार की कार्यशैली को अच्छी तरह समझ चुकी है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री के निकटवर्ती कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर कथित भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े नाम और साक्ष्य वे आने वाले समय में सार्वजनिक करेंगे। कांग्रेस नेता के इस आक्रामक तेवर से स्पष्ट है कि पार्टी 2027 के चुनाव से पहले ईडी मुद्दे को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की तैयारी में है।