क्या आई-पैक छापेमारी मामले में हाईकोर्ट पहुंची ईडी ने सीएम ममता पर जांच बाधित करने का आरोप लगाया?
सारांश
Key Takeaways
- ईडी ने ममता बनर्जी पर जांच में बाधा डालने का आरोप लगाया।
- हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही है।
- राजनीतिक दलों के बीच तनाव बढ़ सकता है।
कोलकाता, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इंडिया पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) के कार्यालय और उसके सह-संस्थापक प्रतीक जैन के निवास पर गुरुवार को की गई छापेमारी के बाद शुक्रवार को हाईकोर्ट का रुख किया। ईडी ने अदालत का ध्यान इस ओर आकर्षित किया कि उसकी जांच में जानबूझकर रुकावट उत्पन्न की गई है जिससे कार्य प्रभावित हो रहा है।
ईडी द्वारा दायर याचिका में सीबीआई जांच कराने की मांग की गई है। एजेंसी ने अदालत में आवेदन दाखिल कर इस संबंध में केस दर्ज करने की अनुमति मांगी है। इसके साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल सुनवाई की भी मांग की गई है। जस्टिस शुभ्रा घोष ने इस पर सुनवाई करते हुए ईडी को मामला दर्ज करने की अनुमति दे दी है। अदालत ने इस याचिका पर दोपहर 2:30 बजे सुनवाई तय की है।
ईडी के वकील ने अदालत को बताया कि गुरुवार को की गई जांच के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और जानकारियां अपने साथ ले गईं, जिससे जांच में प्रत्यक्ष रूप से बाधा उत्पन्न हुई। यह कार्रवाई जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली है और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
वकील ने यह भी कहा कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) द्वारा दायर याचिका भी इसी मुद्दे से संबंधित है, इसलिए दोनों मामलों की एक साथ सुनवाई की जानी चाहिए ताकि तथ्यों की समग्र जांच हो सके।
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी पक्षकार बनाया गया है। सभी की नजरें हाईकोर्ट में आज दोपहर होने वाली सुनवाई पर हैं कि अदालत क्या निर्णय लेती है।
ईडी की छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गुरुवार को राज्य प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रतीक जैन के निवास और फिर कार्यालय पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने कथित तौर पर कुछ फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज ले जाकर अपनी गाड़ी में रखवाएं। केंद्रीय एजेंसी ने अपनी याचिका में ममता बनर्जी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने दो जगहों पर छापे के दौरान अधिकारियों के कामों में रुकावट डालकर अपने संवैधानिक पद का गलत इस्तेमाल किया।