ईडी की केरल में बड़ी छापेमारी: तीन जिलों के सहकारी बैंकों पर मनी लॉन्ड्रिंग जांच
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को केरल के त्रिशूर, एर्नाकुलम और कोझिकोड जिलों में सहकारी बैंकों, उनके अधिकारियों और शासी निकाय के सदस्यों के आवासों पर एक साथ बड़ा तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग और कथित वित्तीय गड़बड़ी के मामलों में की गई है।
ऑपरेशन का विस्तार और समय
ईडी की टीमों ने सुबह करीब 6.30 बजे एक साथ कई ठिकानों पर दबिश दी। इस अभियान में केरल और तमिलनाडु दोनों राज्यों के ईडी अधिकारी शामिल थे। तीनों जिलों में कुल मिलाकर दर्जनों स्थानों पर तलाशी ली जा रही है, जिनमें बैंक कार्यालय, शासी निकायों के सदस्यों के घर, सेवारत तथा पूर्व कर्मचारियों के आवास और संस्थानों से जुड़े अन्य व्यक्तियों के परिसर शामिल हैं।
कौन-से बैंक हैं निशाने पर
इस ऑपरेशन में तीन प्रमुख सहकारी बैंक केंद्र में हैं। एर्नाकुलम के अंगामली अर्बन कोऑपरेटिव बैंक में कथित तौर पर धोखाधड़ी वाले ऋणों के ज़रिए ₹121 करोड़ की वित्तीय अनियमितता का पहले ही पता लगाया जा चुका था। त्रिशूर के कुट्टानेल्लूर सर्विस कोऑपरेटिव बैंक से जुड़े पाँच स्थानों — एंचेरिचिरा, पश्चिम एंचेरी और पदावराड की शाखाओं सहित — पर तलाशी चल रही है।
कोझिकोड के थेन्नाला सर्विस कोऑपरेटिव बैंक से संबंधित मामले में सात स्थानों पर छापेमारी की जा रही है। तीनों बैंकों के पूर्व अध्यक्षों और शासी निकाय के सदस्यों के आवास भी इस तलाशी अभियान के दायरे में हैं।
मुख्य संदिग्ध और आरोप
अंगामली अर्बन कोऑपरेटिव बैंक के पूर्व कर्मचारी और लेखाकार शिजू के आवास की भी तलाशी ली जा रही है। ईडी के अनुसार, शिजू ने कथित तौर पर धोखाधड़ी वाले ऋणों की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। एजेंसी यह स्थापित करने की कोशिश कर रही है कि बैंक के भीतर और बाहर किन-किन व्यक्तियों ने इस अनियमितता में सक्रिय हिस्सा लिया।
जांच का उद्देश्य
ईडी का ध्यान इस बात पर केंद्रित है कि संदिग्ध धनराशि का प्रवाह किन रास्तों से हुआ और अपराध की आय को किस प्रकार वैध ठहराया गया। तलाशी के दौरान ऋण रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन के दस्तावेज़, बैंक स्टेटमेंट और अन्य प्रासंगिक कागज़ात बारीकी से खंगाले जाएंगे। यह ऐसे समय में आया है जब केरल के सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में वित्तीय अनुशासन को लेकर पहले से सवाल उठ रहे हैं।
केरल के सहकारी बैंकिंग क्षेत्र पर असर
गौरतलब है कि केरल में सहकारी बैंकों का जाल राज्य की ग्रामीण और अर्ध-शहरी अर्थव्यवस्था में गहरी जड़ें रखता है और लाखों खाताधारकों की जमाराशियाँ इनमें सुरक्षित हैं। यह ताजा कार्रवाई एजेंसी की उस व्यापक जांच का हिस्सा बताई जा रही है, जिसमें केरल के सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में कथित वित्तीय अनियमितताओं की पड़ताल की जा रही है। आगामी दिनों में ईडी से पूछताछ के नए दौर और संभावित गिरफ्तारियों की भी आशंका जताई जा रही है।