वृद्धावस्था पेंशन न मिलने पर बुजुर्ग महिला ने रोका सुवेंदु अधिकारी का काफिला, मिला मदद का आश्वासन
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में मंगलवार को एक मार्मिक दृश्य सामने आया, जब 68 वर्षीया स्वप्ना दास ने नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के काफिले को रोककर वृद्धावस्था पेंशन न मिलने की अपनी पीड़ा सुनाई। अधिकारी ने न केवल गाड़ी रुकवाई, बल्कि तत्काल पार्टी के जिला अध्यक्ष को दस्तावेज एकत्र कर अपने कार्यालय भेजने का निर्देश भी दिया।
मुख्य घटनाक्रम
मंगलवार सुबह एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद सुवेंदु अधिकारी का काफिला जेसोर रोड पर निकल रहा था। भाजपा महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं की भीड़ के बीच खड़ी स्वप्ना दास 'बाबा दराओ (रुको), बाबा दराओ' पुकारते हुए काफिले की ओर बढ़ने लगीं। उनकी आवाज़ सुनकर अधिकारी ने गाड़ी रुकवाई और कार की खिड़की का शीशा नीचे किया।
उल्लेखनीय है कि मध्यमग्राम नगरपालिका के वार्ड नंबर आठ में श्रीनगर बाज़ार के निकट रहने वाली स्वप्ना दास को कार्यक्रम स्थल के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई थी, क्योंकि उनके पास निमंत्रण पत्र नहीं था। आखिरकार जब काफिला बाहर निकला तो उन्होंने भीड़ में से हाथ उठाकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
क्या कहा दोनों ने
अधिकारी ने पूछा, 'मां, बताइए आप क्या कहना चाहती हैं?' स्वप्ना दास ने जवाब दिया, 'मुझे अन्नपूर्णा भंडार से पैसे नहीं मिलते।' इस पर अधिकारी ने स्पष्ट किया कि उन्हें अन्नपूर्णा योजना के बजाय वृद्धावस्था पेंशन योजना (बृद्धोख्या भत्ता) के तहत राशि दिलाई जाएगी और उन्होंने इसका पूरा इंतजाम करने का वचन दिया। भावुक स्वप्ना दास ने अधिकारी के सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया और कहा, 'मुझे पैसे नहीं, आप मिल गए बाबा, मेरा दिल भर आया है।'
स्वप्ना दास की पारिवारिक पृष्ठभूमि
स्वप्ना दास के पति उन्हें 12 साल पहले छोड़कर चले गए थे। उनका एकमात्र पुत्र शुभजीत दास (31) एम.ए. उत्तीर्ण है, किंतु रोज़गार न मिलने के कारण वह अब गंभीर बीमारी से पीड़ित होकर बिस्तर पर है। परिवार का गुज़ारा एक रिश्तेदार की आर्थिक सहायता से किसी तरह चल रहा है। स्वप्ना दास ने मध्यमग्राम नगरपालिका में बार-बार वृद्धावस्था पेंशन के लिए आवेदन किया, परंतु कोई परिणाम नहीं निकला।
अधिकारी का निर्देश
घटना के बाद अधिकारी ने पास खड़े बारासात संगठनात्मक जिला अध्यक्ष राजीव पोद्दार को स्पष्ट निर्देश दिया कि वृद्धावस्था पेंशन योजना से जुड़े स्वप्ना दास के सभी दस्तावेज उनके कार्यालय तक पहुँचाए जाएँ।
आम जनता पर असर
यह घटना उत्तरी 24 परगना जिले में पेंशन वितरण की प्रक्रियागत खामियों की ओर ध्यान खींचती है। आलोचकों का कहना है कि नगरपालिका स्तर पर बार-बार आवेदन के बावजूद पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ न मिलना प्रशासनिक विफलता का संकेत है। स्वप्ना दास ने पत्रकारों से कहा, 'मुख्यमंत्री ने मुझे भरोसा दिलाया कि वे इसके लिए इंतजाम करेंगे। मैं उन्हें आशीर्वाद दे पाई। मुझे उम्मीद है कि वे और अच्छा काम करेंगे।' अब देखना यह होगा कि प्रशासनिक स्तर पर यह आश्वासन कितनी जल्दी धरातल पर उतरता है।