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चुनाव आयोग की कड़ी कार्रवाई: 650 करोड़ से अधिक की अवैध जब्ती, पश्चिम बंगाल सबसे आगे

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चुनाव आयोग की कड़ी कार्रवाई: 650 करोड़ से अधिक की अवैध जब्ती, पश्चिम बंगाल सबसे आगे

सारांश

चुनाव आयोग की कड़ी निगरानी के चलते 650 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध सामग्री जब्त हुई है। जानें, किन राज्यों में सबसे अधिक जब्ती हुई है और आयोग ने क्या कदम उठाए हैं।

मुख्य बातें

650 करोड़ से अधिक की अवैध सामग्री की जब्ती।
पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक जब्ती हुई।
आदर्श आचार संहिता का पालन सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं।
5,173 फ्लाइंग स्क्वॉड और 5,200 स्टैटिक सर्विलांस टीमें तैनात की गई हैं।
नागरिकों की भागीदारी के लिए सी-विजिल मॉड्यूल उपलब्ध है।

नई दिल्ली, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। देश के विभिन्न प्रदेशों में चल रहे विधानसभा चुनावों और उपचुनावों के संदर्भ में कड़ी निगरानी और प्रवर्तन के कारण बड़ी मात्रा में अवैध सामग्री की जब्ती की गई है। इस कार्रवाई के तहत 650 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध सामग्री जब्त की गई, जिसमें पश्चिम बंगाल सबसे ऊपर है।

भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) द्वारा जारी की गई जानकारी के अनुसार, असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा आम चुनावों एवं छह राज्यों में उपचुनावों की घोषणा के बाद से अब तक 650 करोड़ रुपए से अधिक की जब्ती की जा चुकी है। आयोग ने सभी संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।

निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और भयमुक्त बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। आयोग ने चुनाव वाले पांच राज्यों के साथ-साथ उनके 12 सीमावर्ती राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों, मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ), पुलिस महानिदेशकों (डीजीपी) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई समीक्षा बैठकें आयोजित की हैं। इन बैठकों में प्रवर्तन एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि चुनावों को हिंसा-मुक्त, डर-मुक्त और प्रलोभन-मुक्त तरीके से संपन्न कराया जाए।

जमीनी स्तर पर निगरानी को मजबूत करने के लिए 5,173 से अधिक फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए गए हैं, जिनका लक्ष्य चुनाव से जुड़ी शिकायतों का 100 मिनट के भीतर निपटारा सुनिश्चित करना है। इसके अतिरिक्त, 5,200 से अधिक स्टैटिक सर्विलांस टीमें भी विभिन्न स्थानों पर तैनात की गई हैं, जो अचानक नाके लगाकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया में धनबल और बाहुबल के प्रभाव को कम करना है।

आयोग द्वारा 26 फरवरी 2026 को शुरू की गई इलेक्ट्रॉनिक ज़ब्ती प्रबंधन प्रणाली (ईएसएमएस) के तहत 5 अप्रैल 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, कुल 651.51 करोड़ रुपए की जब्ती की गई है। इसमें 53.2 करोड़ रुपए नकद, लगभग 29.63 लाख लीटर शराब (मूल्य 79.3 करोड़ रुपए), 230 करोड़ रुपए के नशीले पदार्थ, 58 करोड़ रुपये की कीमती धातुएं और 231.01 करोड़ रुपए के मुफ्त उपहार एवं अन्य वस्तुएं शामिल हैं।

राज्यवार आंकड़ों में पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक 319 करोड़ रुपए की जब्ती दर्ज की गई, जबकि तमिलनाडु में 170 करोड़ रुपए, असम में 97 करोड़ रुपए, केरल में 58 करोड़ रुपए और पुडुचेरी में 7 करोड़ रुपए की जब्ती हुई है।

निर्वाचन आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि प्रवर्तन एजेंसियां जांच और निरीक्षण के दौरान आम नागरिकों को अनावश्यक असुविधा या उत्पीड़न का सामना न करने दें। इस उद्देश्य से जिला स्तर पर शिकायत निवारण समितियों का गठन किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की शिकायत का त्वरित समाधान किया जा सके।

इससे अधिक, नागरिकों और राजनीतिक दलों को भी चुनाव प्रक्रिया की निगरानी में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया गया है। आयोग ने ईसीआईनेट पर उपलब्ध सी-विजिल मॉड्यूल के माध्यम से आदर्श आचार संहिता के उल्लंघनों की रिपोर्ट करने की सुविधा प्रदान की है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही को और अधिक मजबूत किया जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक हैं।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चुनाव आयोग ने कितनी अवैध सामग्री जब्त की है?
चुनाव आयोग ने 650 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध सामग्री जब्त की है।
कौन सा राज्य सबसे अधिक अवैध सामग्री की जब्ती में शीर्ष पर है?
पश्चिम बंगाल सबसे अधिक अवैध सामग्री की जब्ती में शीर्ष पर है।
निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को कैसे सुरक्षित किया है?
निर्वाचन आयोग ने कड़ी निगरानी और प्रवर्तन के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया को सुरक्षित किया है।
फ्लाइंग स्क्वॉड का क्या कार्य है?
फ्लाइंग स्क्वॉड का कार्य चुनाव से जुड़ी शिकायतों का त्वरित निपटारा करना है।
आयोग ने नागरिकों की भागीदारी को कैसे प्रोत्साहित किया है?
आयोग ने सी-विजिल मॉड्यूल के माध्यम से नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित किया है।
राष्ट्र प्रेस
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