विधानसभा चुनाव 2026: आचार संहिता में ₹1,444.96 करोड़ की नकदी, ड्रग्स व शराब जब्त, तमिलनाडु-बंगाल सबसे आगे

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विधानसभा चुनाव 2026: आचार संहिता में ₹1,444.96 करोड़ की नकदी, ड्रग्स व शराब जब्त, तमिलनाडु-बंगाल सबसे आगे

सारांश

2026 के विधानसभा चुनावों में चुनाव आयोग का अब तक का सबसे बड़ा जब्ती अभियान — ₹1,444.96 करोड़ की नकदी, ड्रग्स, शराब और फ्रीबीज पकड़ी गईं। 2021 से 40% से अधिक की बढ़ोतरी बताती है कि चुनावी प्रलोभन की राजनीति गहरी हो रही है, और आयोग की निगरानी भी पैनी।

मुख्य बातें

चुनाव आयोग ने 26 फरवरी से 6 मई 2026 के बीच ₹1,444.96 करोड़ की अवैध सामग्री जब्त की।
तमिलनाडु में सर्वाधिक ₹662.28 करोड़ और पश्चिम बंगाल में ₹573.41 करोड़ की जब्ती हुई।
जब्त सामग्री में ₹154.89 करोड़ नकद, 6,98,793 लीटर से अधिक शराब , ₹337.88 करोड़ की ड्रग्स और ₹250.14 करोड़ की कीमती धातुएँ शामिल हैं।
यह जब्ती 2021 के विधानसभा चुनावों की तुलना में 40.14% अधिक है; पश्चिम बंगाल में 68.92% और तमिलनाडु में 48.40% की वृद्धि।
376 व्यय प्रेक्षक , 7,470 FST और 7,470 SST टीमें तैनात की गई थीं।

चुनाव आयोग (Election Commission of India - ECI) ने 7 मई 2026 को बताया कि 2026 के विधानसभा चुनावों और उपचुनावों के दौरान आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के प्रवर्तन अभियान के तहत अब तक ₹1,444.96 करोड़ मूल्य की अवैध नकदी, ड्रग्स, शराब, कीमती धातुएँ और अन्य सामग्री जब्त की जा चुकी है। यह जब्ती 26 फरवरी 2026 से 6 मई 2026 के बीच पाँच राज्यों — असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल — में की गई, जो 2021 के विधानसभा चुनावों की तुलना में 40.14 प्रतिशत अधिक है।

राज्यवार जब्ती का ब्यौरा

आयोग द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक जब्ती तमिलनाडु में हुई, जहाँ ₹662.28 करोड़ का सामान पकड़ा गया। इसके बाद पश्चिम बंगाल से ₹573.41 करोड़, असम से ₹117.24 करोड़, केरल से ₹80.67 करोड़ और पुडुचेरी से ₹9.72 करोड़ की सामग्री जब्त की गई। पश्चिम बंगाल में 2021 की तुलना में 68.92 प्रतिशत और तमिलनाडु में 48.40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

जब्त सामग्री की श्रेणियाँ

कुल जब्ती में ₹154.89 करोड़ नकद, 6,98,793.38 लीटर शराब (मूल्य ₹183.33 करोड़), ₹337.88 करोड़ की ड्रग्स, ₹250.14 करोड़ की कीमती धातुएँ तथा ₹518.73 करोड़ मूल्य की फ्रीबीज और अन्य सामग्री शामिल है। यह आँकड़े बताते हैं कि मतदाताओं को प्रलोभन देने में नकदी से कहीं अधिक वस्तुओं और ड्रग्स का उपयोग किया जा रहा था।

निगरानी तंत्र और तैनाती

चुनाव आयोग ने इस व्यापक अभियान के लिए 376 व्यय प्रेक्षक, 7,470 फ्लाइंग स्क्वॉड टीमें (FST) और 7,470 स्टैटिक सर्विलांस टीमें (SST) तैनात की थीं। इसके अलावा, आयोग के 'इलेक्शन सीजर मैनेजमेंट सिस्टम' (ESMS) प्लेटफॉर्म के ज़रिए विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय सुनिश्चित किया गया। चुनावी राज्यों और सीमावर्ती राज्यों के मुख्य सचिवों, मुख्य निर्वाचन अधिकारियों और पुलिस महानिदेशकों के साथ कई समीक्षा बैठकें भी आयोजित की गईं।

5 राज्यों के साथ 7 उपचुनाव भी शामिल

गौरतलब है कि यह अभियान केवल पाँच मुख्य विधानसभा चुनावों तक सीमित नहीं था — इसमें 5 राज्यों की 7 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव भी शामिल थे। यह ऐसे समय में आया है जब चुनावी खर्च और प्रलोभन की राजनीति पर राष्ट्रीय बहस तेज़ हो रही है। आने वाले दिनों में आयोग इन जब्तियों की विस्तृत रिपोर्ट संबंधित राज्य सरकारों और प्रवर्तन एजेंसियों को सौंपेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

444.96 करोड़ की यह जब्ती रिकॉर्ड संख्या ज़रूर है, लेकिन असली सवाल यह है कि जो पकड़ा गया वह कुल प्रलोभन सामग्री का कितना हिस्सा है। 40% की वृद्धि दो बातें एक साथ बता सकती है — निगरानी तंत्र अधिक प्रभावी हुआ है, या चुनावी भ्रष्टाचार और गहरा हुआ है, या दोनों। पश्चिम बंगाल में 68.92% की उछाल विशेष रूप से चिंताजनक है, जहाँ चुनावी हिंसा और प्रभाव का इतिहास पुराना है। बिना अभियोजन दर और दोषसिद्धि के आँकड़ों के, जब्ती की संख्या महज़ एक प्रदर्शन बनकर रह जाती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 विधानसभा चुनावों में कुल कितनी जब्ती हुई?
चुनाव आयोग के अनुसार, 26 फरवरी से 6 मई 2026 के बीच पाँच राज्यों में ₹1,444.96 करोड़ मूल्य की अवैध नकदी, ड्रग्स, शराब, कीमती धातुएँ और फ्रीबीज जब्त की गईं। यह 2021 के विधानसभा चुनावों की तुलना में 40.14% अधिक है।
किस राज्य में सबसे अधिक जब्ती हुई?
तमिलनाडु में सबसे अधिक ₹662.28 करोड़ की सामग्री जब्त की गई, इसके बाद पश्चिम बंगाल में ₹573.41 करोड़। पश्चिम बंगाल में 2021 की तुलना में 68.92% और तमिलनाडु में 48.40% की वृद्धि दर्ज की गई।
जब्त सामग्री में क्या-क्या शामिल था?
जब्त सामग्री में ₹154.89 करोड़ नकद, 6,98,793 लीटर से अधिक शराब (मूल्य ₹183.33 करोड़), ₹337.88 करोड़ की ड्रग्स, ₹250.14 करोड़ की कीमती धातुएँ और ₹518.73 करोड़ मूल्य की फ्रीबीज व अन्य सामग्री शामिल थी।
चुनाव आयोग ने निगरानी के लिए क्या व्यवस्था की थी?
आयोग ने 376 व्यय प्रेक्षक, 7,470 फ्लाइंग स्क्वॉड टीमें और 7,470 स्टैटिक सर्विलांस टीमें तैनात की थीं। इसके साथ ही 'इलेक्शन सीजर मैनेजमेंट सिस्टम' (ESMS) के ज़रिए एजेंसियों के बीच समन्वय सुनिश्चित किया गया।
2021 के मुकाबले 2026 की जब्ती में कितना फर्क है?
चुनाव आयोग के आँकड़ों के अनुसार, 2026 की जब्ती 2021 के विधानसभा चुनावों की तुलना में 40.14% अधिक रही। यह वृद्धि बेहतर निगरानी तंत्र और/या बढ़ते चुनावी प्रलोभन दोनों का संकेत हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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