चुनाव आयोग की सख्ती: 408 करोड़ रुपये की अवैध सामग्री की गई जब्त
सारांश
Key Takeaways
- 408 करोड़ रुपये की अवैध सामग्री जब्त की गई।
- 5,173 फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए गए हैं।
- शिकायतें सी-विजिल ऐप पर दर्ज की जा सकती हैं।
- चुनावों को हिंसा और लालच से मुक्त रखने का प्रयास।
- जिला स्तर पर शिकायत निवारण समितियां बनाई गई हैं।
नई दिल्ली, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अप्रैल से होने वाले विधानसभा और उपचुनावों के मद्देनजर, चुनाव आयोग ने अपनी कार्रवाई को और सख्त कर दिया है। आयोग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, अब तक 400 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध सामग्री जब्त की जा चुकी है।
15 मार्च को, चुनाव आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के साथ-साथ 6 अन्य राज्यों में उपचुनावों की तिथियों की घोषणा की थी। इसके साथ ही सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (एमसीसी) का पालन करने के लिए सख्त निर्देश दिए गए थे।
24 मार्च को आयोग ने चुनावी राज्यों के मुख्य सचिवों, डीजीपी, मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, और अन्य उच्च अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य चुनावों को हिंसा, डर, और लालच से मुक्त रखने के लिए आपसी समन्वय बढ़ाना था।
चुनाव आयोग ने गड़बड़ियों पर नजर रखने के लिए पूरे देश में 5,173 फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए हैं, जो शिकायत मिलने के 100 मिनट के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, 5,200 से अधिक स्टैटिक सर्विलांस टीमें (एसएसटी) भी विभिन्न स्थानों पर अचानक चेकिंग कर रही हैं।
आयोग के अनुसार, 26 फरवरी से 25 मार्च के बीच इलेक्ट्रॉनिक सीजर मैनेजमेंट सिस्टम (ईएसएमएस) के माध्यम से कुल 408.82 करोड़ रुपए की अवैध सामग्री जब्त की गई है। इसमें 17.44 करोड़ रुपए नकद, 37.68 करोड़ रुपए की शराब (लगभग 16.3 लाख लीटर), 167.38 करोड़ रुपए के ड्रग्स, 23 करोड़ रुपए के कीमती धातु, और 163.30 करोड़ रुपए से अधिक के अन्य उपहार शामिल हैं।
चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान आम जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी या उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। इसके लिए जिला स्तर पर शिकायत निवारण समितियां बनाई गई हैं, ताकि किसी भी शिकायत का त्वरित समाधान किया जा सके।
आयोग ने नागरिकों और राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे एमसीसी के उल्लंघन की शिकायत सी-विजिल ऐप के माध्यम से दर्ज कराएं। 15 मार्च से 25 मार्च के बीच इस ऐप पर 70,944 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 70,831 का समाधान कर दिया गया है। उल्लेखनीय यह है कि 67,899 यानी 95.8 प्रतिशत शिकायतों का निपटारा 100 मिनट के भीतर किया गया।
इसके अतिरिक्त, आयोग ने एक कॉल सेंटर नंबर 1950 भी जारी किया है, जहां कोई भी व्यक्ति या राजनीतिक दल अपनी शिकायत दर्ज कर सकता है।