एटा में सपना डेयरी पर छापा: 10 क्विंटल नकली पनीर नष्ट, 40 क्विंटल क्रीम समेत भारी माल जब्त
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के एटा जिले में मिलावटी दुग्ध उत्पादों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने 9 अक्टूबर 2026 को बड़ी कार्रवाई की, जब लखनऊ मुख्यालय स्क्वाड और जिला खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के बरथर गाँव स्थित सपना डेयरी पर अचानक छापा मारा। छापेमारी में 10 क्विंटल तैयार मिलावटी पनीर, 40 क्विंटल क्रीम और 1 क्विंटल घी सहित भारी मात्रा में मिलावटी सामग्री बरामद हुई।
मुख्य घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, टीम को पूर्व सूचना मिली थी कि बरथरा रोड स्थित सपना डेयरी में सिंथेटिक पनीर तैयार किया जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर मुख्यालय और जिला टीमों ने संयुक्त अभियान चलाया। मौके पर मिले पनीर की गुणवत्ता संदिग्ध पाए जाने पर अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे नष्ट करने का निर्णय लिया।
बरामद 10 क्विंटल पनीर को जेसीबी मशीन से गड्ढा खुदवाकर मौके पर ही जमीन में दबाकर नष्ट कर दिया गया। मिलावट में प्रयुक्त सभी कच्चे माल और अन्य सामग्री को सील कर लिया गया।
जब्त की गई सामग्री का विवरण
छापेमारी के दौरान बरामद हुई मिलावटी सामग्री में शामिल हैं: 96 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर (SMP), सोयाबीन की 8 बोरियाँ, रिफाइंड पामोलिन तेल के 6 टिन और रानीपाल के 7 पैकेट। ये सामग्री सिंथेटिक पनीर बनाने में उपयोग की जाती है, जो दूध-आधारित असली पनीर की तुलना में उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है।
गौरतलब है कि सोयाबीन तेल, पामोलिन और SMP का संयोजन सिंथेटिक 'वनस्पति पनीर' तैयार करने में इस्तेमाल होता है, जो देखने में असली पनीर जैसा लगता है परंतु खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करता है।
अधिकारी का बयान
खाद्य विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर विजय वर्मा ने बताया, 'हमें सूचना मिली थी कि यहाँ सिंथेटिक पनीर तैयार किया जा रहा है। सूचना के आधार पर मुख्यालय की टीम और जिला खाद्य विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। छापे में लगभग 10 क्विंटल पनीर, 1 क्विंटल घी और 40 क्विंटल क्रीम बरामद हुए हैं। बरामद पनीर को मौके पर ही जेसीबी से गड्ढा खोदकर दबाकर नष्ट कर दिया गया है और मिलावटी सामग्री को सील कर दिया गया है। 10 नमूने लेकर जाँच के लिए लैब भेजे गए हैं और थाने में मामला दर्ज किया गया है।'
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में त्योहारी सीजन के दौरान मिठाइयों और दुग्ध उत्पादों की माँग चरम पर होती है। मिलावटी पनीर की बाजार में उपलब्धता उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, सिंथेटिक पनीर के सेवन से पाचन संबंधी समस्याएँ और दीर्घकालिक स्वास्थ्य दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
आलोचकों का कहना है कि ऐसी घटनाएँ खाद्य आपूर्ति श्रृंखला में नियमित निगरानी की कमी को उजागर करती हैं, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहाँ डेयरी इकाइयाँ अक्सर नियामकों की नज़र से बाहर रहती हैं।
क्या होगा आगे
डेयरी से एकत्र किए गए 10 नमूने प्रयोगशाला जाँच के लिए भेजे गए हैं। लैब रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। थाने में मामला दर्ज किया जा चुका है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि डेयरी संचालक के खिलाफ जाँच जारी है।