रक्षाबंधन से पहले गौतमबुद्ध नगर में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई: 350 किलो मिलावटी पनीर नष्ट
सारांश
मुख्य बातें
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, गौतमबुद्ध नगर ने 22 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन पर्व से पहले मिलावटी खाद्य पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत लगभग 350 किलोग्राम पनीर जब्त कर नष्ट करा दिया। यह पनीर अलीगढ़ स्थित एक डेयरी से दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न जिलों में सप्लाई के लिए ले जाया जा रहा था, जिसे खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने प्रथम दृष्टया मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाया।
कैसे हुई कार्रवाई
21 और 22 अगस्त की मध्यरात्रि को मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीरेंद्र द्विवेदी के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश कुमार और अमर बहादुर सरोज की संयुक्त टीम ने लखनावली, ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में एक वाहन को रोका। यह वाहन महगोरा, अलीगढ़ स्थित सुरेंद्र की डेयरी से पनीर की सप्लाई कर रहा था।
मौके पर जाँच के दौरान पनीर संदिग्ध और मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त प्रतीत हुआ। अधिकारियों ने एक नमूना प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजा और शेष लगभग 350 किलोग्राम पनीर को लखनावली स्थित सिद्ध बाबा डेयरी में विनष्टीकरण हेतु सुरक्षित रखवाया। 22 अगस्त की सुबह ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सहयोग से जब्त पनीर को विधिवत नष्ट करा दिया गया।
अभियान की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा के अनुसार यह विशेष अभियान आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ तथा जिलाधिकारी के निर्देश पर संचालित किया जा रहा है। अभियान का मुख्य लक्ष्य त्योहारी सीजन में बाजार में बिकने वाले दूध, पनीर, खोया और अन्य दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।
गौरतलब है कि त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की माँग में तेज उछाल आता है, जिससे मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है। यह ऐसे समय में आया है जब पिछले कुछ वर्षों में देशभर में त्योहारी सीजन के दौरान मिलावटी मिठाइयों और दुग्ध उत्पादों के मामले लगातार सामने आते रहे हैं।
आम जनता पर असर और विभाग की अपील
खाद्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि रक्षाबंधन के दौरान खाद्य सामग्री खरीदते समय गुणवत्ता और पैकेजिंग पर विशेष ध्यान दें। संदिग्ध खाद्य पदार्थों की बिक्री की जानकारी मिलने पर नागरिक संबंधित विभाग को तत्काल सूचित करें।
अधिकारियों का कहना है कि बाजार, डेयरी और आपूर्तिकर्ता प्रतिष्ठानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। दिल्ली-एनसीआर जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में पनीर की बड़े पैमाने पर आपूर्ति होने के कारण यह कार्रवाई और अधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आगे क्या होगा
प्रयोगशाला से जाँच रिपोर्ट आने के बाद यदि पनीर में निर्धारित मानकों के विपरीत मिलावट या घटिया गुणवत्ता पाई जाती है, तो संबंधित डेयरी संचालक के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि विभिन्न स्थानों से दूध और दुग्ध उत्पादों के नमूने लेने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।