भारत-सऊदी संबंध: महावाणिज्यदूत फहद सूरी ने मदीना उप-गवर्नर प्रिंस सऊद से की अहम मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
भारत के महावाणिज्यदूत फहद सूरी ने 19 अक्टूबर 2026 को मदीना क्षेत्र के उप-गवर्नर प्रिंस सऊद बिन नहर बिन सऊद बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद से मुलाकात की। यह बैठक सऊदी अरब में जारी सुरक्षा तनाव के बीच हुई, जब भारत ने वहाँ रह रहे अपने नागरिकों के लिए विशेष सतर्कता एडवाइज़री जारी कर रखी थी। जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के अनुसार, इस उच्चस्तरीय संवाद में भारत-सऊदी अरब संबंधों को सुदृढ़ करने, प्रवासी भारतीय समुदाय से जुड़े मुद्दों और आपसी हित के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग विस्तार पर केंद्रित चर्चा हुई।
बैठक की पृष्ठभूमि और महत्व
यह मुलाकात ऐसे नाज़ुक दौर में हुई है जब सऊदी अरब में नागरिक ढाँचे को निशाना बनाने वाले हमलों की खबरें सामने आई हैं। भारत सरकार ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए सऊदी अरब की संप्रभुता और सुरक्षा के प्रयासों के साथ एकजुटता जताई है। गौरतलब है कि सऊदी अरब में लगभग 26 लाख से अधिक प्रवासी भारतीय निवास करते हैं, जिनकी सुरक्षा भारत की प्राथमिक चिंता है।
भारतीय समुदाय के लिए एडवाइज़री
जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने प्रवासी भारतीयों से अपील की है कि वे सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में निकटतम सुरक्षित स्थान पर पहुँचें। दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया कि चल रही घटनाओं से संबंधित तस्वीरें, वीडियो या अन्य संवेदनशील सामग्री रिकॉर्ड करने अथवा सोशल मीडिया पर साझा करने से बचा जाए।
इसके अतिरिक्त, दूतावास के अधिकारी उन अस्पतालों का लगातार दौरा कर रहे हैं जहाँ भारतीय नागरिकों का उपचार चल रहा है और प्रभावित परिवारों से नियमित संपर्क बनाए रखकर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
यात्रियों के लिए विशेष सलाह
दूतावास ने सऊदी अरब के कुछ हवाई अड्डों पर जारी परिचालन व्यवधानों और उड़ानों में संभावित बदलावों को देखते हुए यात्रियों को अपनी यात्रा योजना पहले से सुनिश्चित करने की सलाह दी है। यात्रा से पूर्व एयरलाइन और हवाई अड्डा अधिकारियों से स्थिति की पुष्टि करने की भी अनुशंसा की गई है।
भारत-सऊदी रणनीतिक साझेदारी का संदर्भ
यह ताज़ा उच्चस्तरीय संपर्क दोनों देशों के बीच गहराते रणनीतिक संबंधों की कड़ी में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत और सऊदी अरब के बीच ऊर्जा, व्यापार, निवेश और प्रवासी कल्याण के क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। यह बैठक संकट की घड़ी में भी कूटनीतिक संवाद जारी रखने की दोनों देशों की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच और उच्चस्तरीय संपर्क की उम्मीद है।