भारत-शारजाह व्यापार सहयोग: महावाणिज्य दूत डॉ. रेड्डी ने शेख खालिद से की अहम मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
दुबई में भारत के महावाणिज्य दूत डॉ. ई. विष्णु वर्धन रेड्डी ने बुधवार, 23 सितंबर 2026 को शारजाह पोर्ट्स, कस्टम्स एंड फ्री ज़ोन्स अथॉरिटी के चेयरमैन शेख खालिद बिन अब्दुल्ला बिन सुल्तान अल कासिमी के साथ बैठक की, जिसमें भारत और शारजाह के बीच द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को नई ऊँचाई देने के उपायों पर विस्तृत चर्चा हुई। दुबई स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने इस बैठक की जानकारी एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की।
शारजाह बैठक का ब्यौरा
बैठक में भारत-शारजाह संबंधों को और अधिक सशक्त बनाने के लिए व्यापार एवं निवेश के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की नई संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। दूतावास के अनुसार, दोनों पक्षों ने मौजूदा आर्थिक साझेदारी को विस्तार देने की दिशा में ठोस कदमों पर सहमति जताई। शारजाह का फ्री ज़ोन नेटवर्क भारतीय निर्यातकों और निवेशकों के लिए विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण माना जाता है।
रस अल खैमाह में भी उच्चस्तरीय संवाद
इससे एक दिन पहले, मंगलवार को डॉ. रेड्डी ने यूएई सुप्रीम काउंसिल के सदस्य और रस अल खैमाह के शासक शेख सऊद बिन सकर अल कासिमी से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात में व्यापार, निवेश, कारोबार, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और जनसंपर्क को और प्रगाढ़ करने पर बातचीत हुई। डॉ. रेड्डी ने रस अल खैमाह में रह रहे भारतीय समुदाय को मिलने वाले निरंतर समर्थन के लिए शेख सऊद के प्रति आभार व्यक्त किया।
वाणिज्य एवं उद्योग क्षेत्र से संवाद
रस अल खैमाह दौरे के दौरान डॉ. रेड्डी ने रस अल खैमाह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के निदेशक मंडल के अध्यक्ष मोहम्मद मोसब्बेह अल नुआइमी से भी भेंट की। बैठक में भारत-यूएई के आर्थिक एवं वाणिज्यिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने तथा दोनों देशों के कारोबारी समुदायों के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने पर विशेष ज़ोर दिया गया।
रस अल खैमाह इकोनॉमिक ज़ोन के साथ साझेदारी पर चर्चा
इसके अतिरिक्त महावाणिज्य दूत ने रस अल खैमाह इकोनॉमिक ज़ोन के मुख्य रणनीति अधिकारी पुनीत जैन और रणनीतिक साझेदारी प्रबंधक मोहम्मद अल बलूशी के साथ भी बैठक की। इस बैठक में भारत और रस अल खैमाह के बीच आर्थिक एवं कारोबारी सहयोग के नए अवसरों और साझा हितों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-यूएई के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) लागू होने के बाद से द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
व्यापक संदर्भ और आगे की राह
गौरतलब है कि भारत और यूएई के बीच व्यापारिक संबंध पिछले कुछ वर्षों में तेज़ी से प्रगाढ़ हुए हैं, और शारजाह तथा रस अल खैमाह जैसे अमीरात इस साझेदारी में बढ़ती भूमिका निभा रहे हैं। ये बैठकें भारत के उस कूटनीतिक प्रयास का हिस्सा हैं जिसके तहत खाड़ी क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने और निर्यात के नए रास्ते खोलने पर लगातार काम किया जा रहा है।