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फाल्टा पुनर्मतदान: BJP की 1,09,021 वोटों से जीत, अभिषेक बनर्जी ने माँगी CCTV की स्वतंत्र ऑडिट

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फाल्टा पुनर्मतदान: BJP की 1,09,021 वोटों से जीत, अभिषेक बनर्जी ने माँगी CCTV की स्वतंत्र ऑडिट

सारांश

फाल्टा में BJP की 1,09,021 वोटों की ऐतिहासिक जीत के बाद TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने मतगणना प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं — काउंटिंग की असामान्य गति, एजेंट्स को बाहर निकालने और कार्यकर्ताओं के विस्थापन के आरोप लगाते हुए स्वतंत्र CCTV ऑडिट की माँग की है।

मुख्य बातें

BJP उम्मीदवार देबांगशु पांडा ने फाल्टा पुनर्मतदान में 1,09,021 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की; TMC जमानत भी नहीं बचा सकी।
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने एक्स पर पोस्ट कर पूरी मतगणना प्रक्रिया की स्वतंत्र CCTV ऑडिट की माँग की।
बनर्जी के अनुसार रविवार दोपहर 3:30 बजे तक सभी 21 राउंड की गिनती पूरी हो गई, जबकि 4 मई को इसी समय केवल 2-4 राउंड हुए थे।
TMC ने आरोप लगाया कि उसके और अन्य दलों के काउंटिंग एजेंट्स को मतगणना केंद्र से बाहर निकाला गया, BJP एजेंट्स को नहीं।
पिछले 10 दिनों में फाल्टा से TMC के 1,000 से अधिक कार्यकर्ताओं को घर छोड़ने पर मजबूर होने का आरोप।
चुनाव आयोग ने अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर हुए पुनर्मतदान की मतगणना प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार देबांगशु पांडा ने 1,09,021 वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की, जबकि TMC अपनी जमानत तक नहीं बचा सकी। रविवार, 25 मई को घोषित इन नतीजों के बाद अभिषेक बनर्जी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर पूरी मतगणना प्रक्रिया की स्वतंत्र सीसीटीवी ऑडिट की माँग की।

मतगणना की गति पर उठे सवाल

अभिषेक बनर्जी ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि रविवार को दोपहर 3:30 बजे तक फाल्टा के सभी 21 राउंड की गिनती पूरी हो गई, जबकि 4 मई को इसी समय सीमा में केवल 2 से 4 राउंड की ही मतगणना हो सकी थी। उन्होंने कहा कि इस असामान्य अंतर का जवाब चुनाव आयोग को देश को देना चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में TMC पहले ही करारी हार झेल चुकी है।

काउंटिंग एजेंट्स को बाहर निकालने का आरोप

TMC सांसद ने आरोप लगाया कि 4 मई को मतगणना केंद्र से TMC और अन्य दलों के काउंटिंग एजेंट्स को बाहर निकाल दिया गया, जबकि BJP के एजेंट्स को भीतर रहने दिया गया। उनके अनुसार यह कार्रवाई चुनाव आयोग के अधीन तैनात अधिकारियों और केंद्रीय बलों द्वारा की गई। चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

कार्यकर्ताओं के विस्थापन और तोड़फोड़ के आरोप

अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि पिछले 10 दिनों में फाल्टा इलाके से TMC के 1,000 से अधिक कार्यकर्ताओं को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आदर्श आचार संहिता लागू रहने के बावजूद पार्टी कार्यालयों में दिनदहाड़े तोड़फोड़ की गई, लेकिन चुनाव आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की। गौरतलब है कि ये आरोप TMC की ओर से लगाए गए हैं और स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।

मुख्य सचिव की नियुक्ति पर विवाद

TMC सांसद ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति पर भी आपत्ति जताई। उनके अनुसार जिस अधिकारी पर मतदाता सूची से नाम हटाने और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगे थे, उसी अधिकारी को नई पश्चिम बंगाल सरकार का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया — और यह नियुक्ति तब हुई जब फाल्टा में आदर्श आचार संहिता अभी भी लागू थी।

TMC की माँग और आगे की राह

अभिषेक बनर्जी ने माँग की है कि पूरी मतगणना प्रक्रिया की स्वतंत्र सीसीटीवी ऑडिट कराई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, 'सच्चाई को हमेशा दबाया नहीं जा सकता।' फाल्टा में TMC की इस हार ने पार्टी के लिए राज्य में विपक्षी भूमिका को और कठिन बना दिया है, और चुनाव आयोग पर उठाए गए ये सवाल आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का केंद्र बने रह सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ध्यान देने योग्य यह है कि TMC स्वयं वर्षों तक बंगाल में चुनावी प्रक्रिया की शिकायतों के जवाब में कटघरे में रही है। चुनाव आयोग पर सवाल उठाना विपक्ष का अधिकार है, किंतु बिना स्वतंत्र सत्यापन के ये आरोप राजनीतिक बयानबाजी से अधिक नहीं माने जाएंगे। असली परीक्षा यह है कि क्या TMC इन आरोपों को कानूनी या संस्थागत मंच पर ले जाती है — या यह केवल सोशल मीडिया तक सीमित रहता है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फाल्टा पुनर्मतदान में किसने जीत दर्ज की और कितने वोटों के अंतर से?
BJP उम्मीदवार देबांगशु पांडा ने फाल्टा विधानसभा सीट पर 1,09,021 वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की। TMC इस सीट पर अपनी जमानत भी नहीं बचा सकी।
अभिषेक बनर्जी ने CCTV ऑडिट की माँग क्यों की?
अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि मतगणना की गति असामान्य रूप से तेज़ थी — रविवार को दोपहर 3:30 बजे तक 21 राउंड पूरे हुए, जबकि 4 मई को उसी समय केवल 2-4 राउंड हुए थे। इसके अलावा TMC एजेंट्स को मतगणना केंद्र से बाहर निकालने के आरोप भी लगाए। उन्होंने इन कथित अनियमितताओं की जाँच के लिए स्वतंत्र CCTV ऑडिट की माँग की है।
TMC ने चुनाव आयोग पर क्या-क्या आरोप लगाए हैं?
TMC ने आरोप लगाए हैं कि आदर्श आचार संहिता के दौरान पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ हुई, 1,000 से अधिक कार्यकर्ताओं को घर छोड़ना पड़ा, और काउंटिंग एजेंट्स को मतगणना केंद्र से बाहर किया गया। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि एक विवादित अधिकारी को आचार संहिता लागू रहते मुख्य सचिव नियुक्त किया गया।
फाल्टा में पुनर्मतदान क्यों हुआ था?
फाल्टा विधानसभा सीट पर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान हुई अनियमितताओं के कारण चुनाव आयोग ने पुनर्मतदान का आदेश दिया था। यह पुनर्मतदान 4 मई को हुआ और इसके नतीजे रविवार को घोषित किए गए।
चुनाव आयोग ने TMC के आरोपों पर क्या कहा?
रिपोर्टों के अनुसार, चुनाव आयोग ने अभी तक अभिषेक बनर्जी के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। TMC ने स्वतंत्र ऑडिट और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
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