फाल्टा पुनर्मतदान: BJP की 1,09,021 वोटों से जीत, अभिषेक बनर्जी ने माँगी CCTV की स्वतंत्र ऑडिट
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर हुए पुनर्मतदान की मतगणना प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार देबांगशु पांडा ने 1,09,021 वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की, जबकि TMC अपनी जमानत तक नहीं बचा सकी। रविवार, 25 मई को घोषित इन नतीजों के बाद अभिषेक बनर्जी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर पूरी मतगणना प्रक्रिया की स्वतंत्र सीसीटीवी ऑडिट की माँग की।
मतगणना की गति पर उठे सवाल
अभिषेक बनर्जी ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि रविवार को दोपहर 3:30 बजे तक फाल्टा के सभी 21 राउंड की गिनती पूरी हो गई, जबकि 4 मई को इसी समय सीमा में केवल 2 से 4 राउंड की ही मतगणना हो सकी थी। उन्होंने कहा कि इस असामान्य अंतर का जवाब चुनाव आयोग को देश को देना चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में TMC पहले ही करारी हार झेल चुकी है।
काउंटिंग एजेंट्स को बाहर निकालने का आरोप
TMC सांसद ने आरोप लगाया कि 4 मई को मतगणना केंद्र से TMC और अन्य दलों के काउंटिंग एजेंट्स को बाहर निकाल दिया गया, जबकि BJP के एजेंट्स को भीतर रहने दिया गया। उनके अनुसार यह कार्रवाई चुनाव आयोग के अधीन तैनात अधिकारियों और केंद्रीय बलों द्वारा की गई। चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
कार्यकर्ताओं के विस्थापन और तोड़फोड़ के आरोप
अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि पिछले 10 दिनों में फाल्टा इलाके से TMC के 1,000 से अधिक कार्यकर्ताओं को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आदर्श आचार संहिता लागू रहने के बावजूद पार्टी कार्यालयों में दिनदहाड़े तोड़फोड़ की गई, लेकिन चुनाव आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की। गौरतलब है कि ये आरोप TMC की ओर से लगाए गए हैं और स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।
मुख्य सचिव की नियुक्ति पर विवाद
TMC सांसद ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति पर भी आपत्ति जताई। उनके अनुसार जिस अधिकारी पर मतदाता सूची से नाम हटाने और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगे थे, उसी अधिकारी को नई पश्चिम बंगाल सरकार का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया — और यह नियुक्ति तब हुई जब फाल्टा में आदर्श आचार संहिता अभी भी लागू थी।
TMC की माँग और आगे की राह
अभिषेक बनर्जी ने माँग की है कि पूरी मतगणना प्रक्रिया की स्वतंत्र सीसीटीवी ऑडिट कराई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, 'सच्चाई को हमेशा दबाया नहीं जा सकता।' फाल्टा में TMC की इस हार ने पार्टी के लिए राज्य में विपक्षी भूमिका को और कठिन बना दिया है, और चुनाव आयोग पर उठाए गए ये सवाल आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का केंद्र बने रह सकते हैं।