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फाल्टा पुनर्मतदान: भाजपा के देबांगशु पांडा 1,09,021 वोटों से जीते, TMC की जमानत जब्त

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फाल्टा पुनर्मतदान: भाजपा के देबांगशु पांडा 1,09,021 वोटों से जीते, TMC की जमानत जब्त

सारांश

फाल्टा में BJP ने 1,09,021 वोटों के अंतर से ऐतिहासिक जीत दर्ज की — TMC चौथे स्थान पर सिमट गई और जमानत गंवा बैठी। 2011 के बाद यह पहली बार है और 1998 में TMC की स्थापना के बाद से भी यह अभूतपूर्व है।

मुख्य बातें

BJP के देबांगशु पांडा ने फाल्टा पुनर्मतदान में 1,09,021 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की; उन्हें कुल 1,49,666 वोट मिले।
TMC के उम्मीदवार जहांगीर खान केवल 7,783 वोट पाकर चौथे स्थान पर रहे — 1998 में पार्टी की स्थापना के बाद पहली बार।
TMC और कांग्रेस — दोनों की जमानत जब्त; 2011 के बाद TMC के लिए यह पहली बार।
CPI(M) के शंभूनाथ कुर्मी 40,645 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में BJP की कुल सीटें बढ़कर 208 हो गईं।
मूल मतदान 29 अप्रैल को EVM से छेड़छाड़ के आरोपों के बाद रद्द किया गया था; ECI के आदेश पर 21 मई को पुनर्मतदान हुआ।

पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर 24 मई 2026 को घोषित पुनर्मतदान के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार देबांगशु पांडा ने 1,09,021 वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की, जबकि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार की जमानत तक जब्त हो गई। यह नतीजा पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक उलटफेर के रूप में दर्ज हो गया है।

मतगणना के आंकड़े

देबांगशु पांडा को कुल 1,49,666 वोट मिले। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — CPI(M) के उम्मीदवार शंभूनाथ कुर्मी 40,645 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के उम्मीदवार अब्दुर रज्जाक 10,084 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे, जबकि तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान केवल 7,783 वोटों के साथ चौथे पायदान पर रहे।

कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस — दोनों के उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।

ऐतिहासिक संदर्भ — दो मायनों में अभूतपूर्व

यह नतीजा दो वजहों से राजनीतिक इतिहास में दर्ज होगा। पहली बात: जनवरी 1998 में तृणमूल कांग्रेस की स्थापना के बाद से यह पहला मौका है जब किसी विधानसभा चुनाव में TMC का उम्मीदवार चौथे स्थान पर रहा हो। दूसरी बात: 2011 में 34 वर्षीय वाम मोर्चे के शासन के अंत और TMC सत्ता में आने के बाद यह पहली बार है जब TMC उम्मीदवार की जमानत जब्त हुई है।

गौरतलब है कि 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में TMC के शंकर कुमार नशकर ने फाल्टा से 41,000 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। इसी तरह, 2024 के लोकसभा चुनाव में फाल्टा विधानसभा क्षेत्र ने TMC के डायमंड हार्बर सांसद अभिषेक बनर्जी को लगभग 1,20,000 वोटों की बढ़त दिलाई थी। यह ऐसे समय में आया है जब TMC के लिए फाल्टा परंपरागत रूप से मजबूत गढ़ माना जाता रहा है।

पुनर्मतदान क्यों हुआ

मूल मतदान 29 अप्रैल को राज्य विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में हुआ था। धांधली की कई शिकायतें मिलने के बाद — जिनमें आरोप था कि कई मतदान केंद्रों पर BJP उम्मीदवारों के नाम और चुनाव चिन्ह से जुड़े EVM बटनों को सफेद टेप से ढक दिया गया था — मतदान रद्द कर दिया गया। विशेष चुनाव पर्यवेक्षक सुब्रता गुप्ता ने व्यक्तिगत रूप से क्षेत्र का दौरा कर जांच की। उनकी रिपोर्ट के आधार पर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने पूरे फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में पुनर्मतदान का आदेश दिया, जो 21 मई को संपन्न हुआ।

भाजपा की स्थिति और आगे का रास्ता

पांडा की इस जीत के साथ पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीटों में BJP की कुल संख्या बढ़कर 208 हो गई है। फाल्टा सीट डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सात विधानसभा सीटों में से एक है — वही क्षेत्र जिसका प्रतिनिधित्व TMC महासचिव और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी तीन बार कर चुके हैं। यह नतीजा राज्य में विपक्षी ताकत के पुनर्गठन का संकेत देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

20,000 वोटों की बढ़त दी थी, वहाँ दो साल में इतनी बड़ी पलटी सवाल उठाती है कि क्या यह स्थानीय प्रशासनिक नाराज़गी है या व्यापक राजनीतिक बदलाव की शुरुआत। TMC का चौथे स्थान पर सिमटना और जमानत जब्त होना पार्टी के संगठनात्मक ढाँचे पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाता है — खासकर तब जब EVM विवाद के बाद पुनर्मतदान में भी इतनी बड़ी हार मिली हो।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फाल्टा पुनर्मतदान में कौन जीता और कितने वोटों से?
BJP के उम्मीदवार देबांगशु पांडा 1,09,021 वोटों के अंतर से विजयी रहे। उन्हें कुल 1,49,666 वोट मिले, जबकि दूसरे स्थान पर CPI(M) के शंभूनाथ कुर्मी को 40,645 वोट मिले।
फाल्टा में पुनर्मतदान क्यों कराया गया था?
29 अप्रैल को हुए मूल मतदान में कई मतदान केंद्रों पर BJP उम्मीदवारों के EVM बटनों को सफेद टेप से ढकने के आरोप लगे। विशेष चुनाव पर्यवेक्षक सुब्रता गुप्ता की जांच के बाद भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 21 मई को पूरे क्षेत्र में पुनर्मतदान का आदेश दिया।
TMC की जमानत जब्त होना ऐतिहासिक क्यों है?
2011 में वाम मोर्चे के शासन के अंत और TMC के सत्ता में आने के बाद यह पहली बार है जब किसी विधानसभा चुनाव में TMC उम्मीदवार की जमानत जब्त हुई है। इसके अलावा, 1998 में पार्टी की स्थापना के बाद से यह पहली बार है कि TMC का उम्मीदवार किसी विधानसभा सीट पर चौथे स्थान पर रहा।
फाल्टा सीट का राजनीतिक इतिहास क्या रहा है?
2021 के विधानसभा चुनाव में TMC के शंकर कुमार नशकर ने फाल्टा से 41,000 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। 2024 के लोकसभा चुनाव में यही क्षेत्र TMC के अभिषेक बनर्जी को करीब 1,20,000 वोटों की बढ़त दे चुका था।
इस जीत के बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा में BJP की स्थिति क्या है?
फाल्टा की इस जीत के बाद 294 सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा में BJP की कुल सीटें बढ़कर 208 हो गई हैं।
राष्ट्र प्रेस
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