फाल्टा उपचुनाव: भाजपा के देबांग्शु पांडा आगे, डायमंड हार्बर मॉडल फेल — प्रदीप भंडारी
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के फाल्टा विधानसभा सीट पर 21 मई 2026 को हुई पुनर्मतदान की गिनती में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार देबांग्शु पांडा 19 राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद स्पष्ट बढ़त बनाए हुए थे। अधिकारियों के अनुसार कुल 21 राउंड की गिनती निर्धारित थी, और 19वें राउंड तक पांडा को 1,37,473 वोट मिल चुके थे। यह नतीजा डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वर्चस्व को सीधी चुनौती देता है।
मतगणना का क्रम और प्रतिस्पर्धी उम्मीदवार
मतगणना रविवार, 24 मई को सुबह 8 बजे शुरू हुई। रुझानों के अनुसार भाजपा के देबांग्शु पांडा पहले स्थान पर बने रहे, जबकि सीपीआई (एम) उम्मीदवार शंभू नाथ कुर्मी दूसरे, कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुर रज्जाक मोल्ला तीसरे और तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान महज 5,914 वोट लेकर चौथे स्थान पर रहे।
भाजपा की प्रतिक्रिया और प्रदीप भंडारी का बयान
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें भाजपा समर्थक झंडे लहराते और नारे लगाते दिखे। भंडारी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि 'डायमंड हार्बर मॉडल फेल, भतीजों का घमंड टूटा। सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न से प्रेरित होकर, बंगाल की जनता ने फाल्टा में भाजपा को चुना।' पार्टी ने इस बढ़त का श्रेय पश्चिम बंगाल में मोदी के नेतृत्व और अधिकारी के राजनीतिक प्रभाव को दिया।
ऐतिहासिक संदर्भ: पिछले नतीजों से बड़ा उलटफेर
यह रुझान फाल्टा के पिछले चुनावी इतिहास से बिल्कुल अलग है। 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के शंकर कुमार नश्कर ने फाल्टा से 41,000 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। गौरतलब है कि फाल्टा, डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के सात विधानसभा क्षेत्रों में से एक है — वही सीट जिसका प्रतिनिधित्व तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी तीन बार कर चुके हैं।
TMC उम्मीदवार का मना करना और राजनीतिक समीकरण
पुनर्मतदान से पहले तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने इस सीट से चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद भाजपा के लिए जीत का रास्ता कुछ आसान माना जा रहा था। 21 मई को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुए इस पुनर्मतदान में मतदाताओं ने भारी संख्या में भाग लिया।
आगे क्या
सभी 21 राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद अंतिम परिणाम घोषित किया जाना था। यदि भाजपा यह सीट जीतती है, तो यह पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस के गढ़ में सेंध का संकेत होगा।