9 जुलाई 2026
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फाल्टा उपचुनाव में BJP की जीत: सुवेंदु अधिकारी बोले — 'डायमंड हार्बर मॉडल' विफल, अभिषेक बनर्जी ने मतगणना पर उठाए सवाल

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फाल्टा उपचुनाव में BJP की जीत: सुवेंदु अधिकारी बोले — 'डायमंड हार्बर मॉडल' विफल, अभिषेक बनर्जी ने मतगणना पर उठाए सवाल

सारांश

फाल्टा में BJP की जीत ने TMC के सबसे मज़बूत माने जाने वाले 'डायमंड हार्बर मॉडल' को चुनौती दी है। CM सुवेंदु अधिकारी ने इसे जनादेश बताया, तो अभिषेक बनर्जी ने मतगणना में विसंगतियों और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए — बंगाल की राजनीति में नई तल्खी का संकेत।

मुख्य बातें

BJP ने फाल्टा विधानसभा उपचुनाव में भारी अंतर से TMC को हराया, जो डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि अभिषेक बनर्जी का 'डायमंड हार्बर मॉडल' राजनीतिक रूप से विफल हो गया है।
अधिकारी ने कहा कि 15 वर्षों बाद मतदाताओं को स्वतंत्र मतदान का अवसर मिला और जनता ने बदलाव चुना।
अभिषेक बनर्जी ने एक्स पर पोस्ट कर मतगणना में विसंगतियाँ बताईं — 24 मई को दोपहर 3:30 बजे तक सभी 21 दौर पूरे हुए, जबकि 4 मई को इसी समय केवल 2-4 दौर हुए थे।
बनर्जी ने आरोप लगाया कि पिछले 10 दिनों में 1,000 से अधिक TMC कार्यकर्ताओं को घर छोड़ने पर मजबूर किया गया।
बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि विवादित CEO को आचार संहिता लागू रहते नई सरकार में मुख्य सचिव नियुक्त किया गया।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने रविवार, 24 मई को फाल्टा विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोला और दावा किया कि TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी से जुड़ा 'डायमंड हार्बर मॉडल' राजनीतिक रूप से पूरी तरह विफल हो गया है। फाल्टा सीट, जो डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है, लंबे समय से TMC का अभेद्य गढ़ मानी जाती रही थी।

मुख्य घटनाक्रम

चुनाव परिणाम घोषित होते ही अधिकारी ने कहा कि BJP ने भारी अंतर से यह सीट सत्ताधारी TMC से छीन ली। उन्होंने दावा किया कि 15 वर्षों बाद पहली बार मतदाताओं को स्वतंत्र रूप से अपना मत डालने का अवसर मिला, और जनता ने अपना फैसला सुना दिया।

सुवेंदु अधिकारी की प्रतिक्रिया

अधिकारी ने TMC पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह पार्टी 'सिद्धांतों और आदर्शों से विहीन, माफिया गिरोह में परिवर्तित हो चुकी है।' उनके अनुसार, TMC नेताओं ने सत्ता का दुरुपयोग किया, सरकारी धन की लूट की, जनता की मेहनत की कमाई जबरन वसूली और धमकी का माहौल बनाया। अधिकारी ने यह भी कहा कि आगामी चुनावों में TMC नेतृत्व को 'नोटा (NOTA)' के खिलाफ भी कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा।

अभिषेक बनर्जी के आरोप

दूसरी ओर, TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट में फाल्टा उपचुनाव की मतगणना प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। बनर्जी ने लिखा कि पुनर्मतगणना में 'स्पष्ट विसंगतियाँ' सामने आई हैं — 24 मई को दोपहर 3:30 बजे तक सभी 21 दौर पूरे हो चुके थे, जबकि 4 मई को इसी समय तक केवल दो से चार दौर ही हुए थे। उन्होंने चुनाव आयोग (ECI) से सार्वजनिक स्पष्टीकरण की माँग की।

बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले 10 दिनों में फाल्टा के 1,000 से अधिक TMC कार्यकर्ताओं को अपने घर छोड़ने पर मजबूर किया गया, और आदर्श आचार संहिता लागू रहने के बावजूद दिनदहाड़े पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई।

चुनाव आयोग पर निशाना

बनर्जी ने चुनाव आयोग के आचरण की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) पर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभ्यास की आड़ में नाम हटाने और चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर का कथित आरोप है, उन्हें — आचार संहिता लागू रहने और मतदान प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही — नई पश्चिम बंगाल सरकार में मुख्य सचिव नियुक्त कर दिया गया। ये आरोप अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।

आगे क्या

फाल्टा की यह जीत BJP के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह TMC के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक के प्रभाव क्षेत्र में हुई है। यह ऐसे समय में आई है जब पश्चिम बंगाल में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ अभी से शुरू हो रही हैं। चुनाव आयोग की ओर से अभी तक बनर्जी के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कहानी यह है कि बंगाल में चुनावी संस्थाओं की विश्वसनीयता अब खुद विवाद के केंद्र में है — और यह प्रवृत्ति 2026 के विधानसभा चुनाव तक और गहरी हो सकती है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फाल्टा विधानसभा उपचुनाव में किसने जीत हासिल की?
फाल्टा विधानसभा उपचुनाव में BJP ने भारी अंतर से जीत दर्ज की और सत्ताधारी TMC से यह सीट छीन ली। यह सीट डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है, जिसे TMC का गढ़ माना जाता था।
'डायमंड हार्बर मॉडल' क्या है और इसे विफल क्यों कहा जा रहा है?
'डायमंड हार्बर मॉडल' TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की राजनीतिक रणनीति से जुड़ा वह प्रभाव-क्षेत्र है जिसे उनकी पार्टी का अभेद्य गढ़ माना जाता था। CM सुवेंदु अधिकारी ने फाल्टा में BJP की जीत के बाद इसे 'राजनीतिक रूप से विफल' करार दिया, क्योंकि यह जीत सीधे बनर्जी के लोकसभा क्षेत्र में हुई।
अभिषेक बनर्जी ने मतगणना पर क्या आरोप लगाए?
अभिषेक बनर्जी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि 24 मई को दोपहर 3:30 बजे तक सभी 21 दौर पूरे हो गए, जबकि 4 मई को इसी समय केवल 2-4 दौर हुए थे — यह 'स्पष्ट विसंगति' है। उन्होंने चुनाव आयोग से सार्वजनिक स्पष्टीकरण की माँग की।
अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए?
बनर्जी ने आरोप लगाया कि जिस CEO पर SIR अभ्यास के दौरान मतदाता सूची में हेरफेर का कथित आरोप है, उन्हें आचार संहिता लागू रहते और मतदान प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही पश्चिम बंगाल सरकार में मुख्य सचिव नियुक्त कर दिया गया। ये आरोप अभी स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।
फाल्टा उपचुनाव का बंगाल की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?
यह जीत BJP के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह TMC के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक के क्षेत्र में हुई है। CM अधिकारी ने संकेत दिया कि आगामी चुनावों में TMC को NOTA तक से कड़ी चुनौती मिलेगी, जो 2026 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज़ से महत्वपूर्ण संकेत है।
राष्ट्र प्रेस
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