9 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

फाल्टा पुनर्मतदान में BJP की जीत: सुवेंदु अधिकारी ने मतदाताओं को प्रणाम किया, TMC पर साधा निशाना

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
फाल्टा पुनर्मतदान में BJP की जीत: सुवेंदु अधिकारी ने मतदाताओं को प्रणाम किया, TMC पर साधा निशाना

सारांश

फाल्टा पुनर्मतदान में BJP उम्मीदवार देबांग्शु पांड्या की 1 लाख 8 हजार से अधिक मतों की ऐतिहासिक जीत ने TMC के 'डायमंड हार्बर मॉडल' को चुनौती दी। सुवेंदु अधिकारी ने इसे 15 साल बाद मिली 'असली आजादी' बताया और इसे आने वाले चुनावों में TMC-विरोधी लहर की शुरुआत करार दिया।

मुख्य बातें

फाल्टा पुनर्मतदान में BJP उम्मीदवार देबांग्शु पांड्या ने 1 लाख 8 हजार से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज की।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने एक्स पर पोस्ट कर मतदाताओं को 'दिव्य जनता' कहकर नतमस्तक होकर प्रणाम किया।
अधिकारी ने TMC पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग, सिंडिकेट और 'माफिया कंपनी' जैसे गंभीर आरोप लगाए।
पिछले चुनाव में TMC ने फाल्टा में डेढ़ लाख वोटों की बढ़त बनाई थी, जिसे अधिकारी ने 'लोकतंत्र का मजाक' बताया।
त्रिपुरा विधानसभा चुनावों में TMC के 'नोटा' से पीछे रहने का हवाला देते हुए अधिकारी ने पश्चिम बंगाल में भी ऐसी ही स्थिति की भविष्यवाणी की।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने फाल्टा विधानसभा पुनर्मतदान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार देबांग्शु पांड्या की जीत पर मतदाताओं का आभार जताया और अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोला। अधिकारी ने कहा कि 1 लाख 8 हजार से अधिक मतों के अंतर से मिली यह जीत जनता का स्पष्ट जनादेश है।

मुख्य घटनाक्रम

अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए फाल्टा के मतदाताओं को 'दिव्य जनता' कहकर संबोधित किया और उनके प्रति नतमस्तक होने की बात कही। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं मतदाताओं से अपील की थी कि BJP उम्मीदवार को 1 लाख वोटों के अंतर से जिताएं, और जनता ने इससे भी आगे बढ़कर 1 लाख 8 हजार से अधिक मतों का अंतर सुनिश्चित किया।

अधिकारी ने कहा, 'हम विकास के जरिए इस कर्ज को चुकाएंगे। हम एक स्वर्णिम फाल्टा बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।' उन्होंने बदनाम 'डायमंड हार्बर मॉडल' को अब 'तृणमूल के नुकसान का मॉडल' करार दिया।

TMC पर अधिकारी के आरोप

मुख्यमंत्री अधिकारी ने TMC पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग, जनता के धन की लूट और सिंडिकेट तथा धमकियों के जरिए राज्य को 'निजी जागीर' की तरह चलाने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह पार्टी 'सिद्धांतों और विचारधारा से पूरी तरह खाली' होकर एक 'माफिया कंपनी' में तब्दील हो चुकी थी।

अधिकारी ने आगे कहा कि पिछले चुनाव में TMC ने फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में डेढ़ लाख वोटों की बढ़त बनाई थी, जिसे उन्होंने 'लोकतंत्र का मजाक' बताया। उनके अनुसार, 15 वर्षों के बाद जब मतदाताओं को निर्भय होकर वोट डालने का अवसर मिला, तब असली जनमत सामने आया।

TMC और NOTA पर तुलनात्मक टिप्पणी

अधिकारी ने यह भी याद दिलाया कि अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस त्रिपुरा विधानसभा चुनावों में 'नोटा' से भी पीछे रह चुकी है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की जनता भी ऐसे ही 'जोरदार मुकाबले' की साक्षी बनेगी, जहाँ TMC नेतृत्व को 'नोटा' जैसे विकल्प से कड़ी टक्कर मिलेगी।

आगे क्या

अधिकारी ने इस जीत को 'अभी बस शुरुआत' बताते हुए कहा कि BJP अब 'रिजेक्शन की एक लंबी यात्रा' पर निकलने वाली है। फाल्टा के लिए 'स्वर्णिम फाल्टा' के नाम से विकास कार्यों की प्रतिबद्धता जताई गई है, हालांकि इसके ब्यौरे अभी सामने नहीं आए हैं। पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावी परिदृश्य में यह नतीजा BJP के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक पुनर्मतदान के नतीजे से 2026 के विधानसभा चुनाव का पूर्वानुमान लगाना जल्दबाजी होगी — TMC का संगठनात्मक ढाँचा और ममता बनर्जी की व्यक्तिगत लोकप्रियता अभी भी एक बड़ी चुनौती है। असली सवाल यह है कि क्या BJP इस जीत को एक व्यापक सामाजिक गठबंधन में बदल पाएगी, या यह जीत केवल TMC-विरोधी भावना की अभिव्यक्ति बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फाल्टा पुनर्मतदान में BJP ने कितने मतों के अंतर से जीत दर्ज की?
BJP उम्मीदवार देबांग्शु पांड्या ने फाल्टा पुनर्मतदान में 1 लाख 8 हजार से अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल की। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने स्वयं मतदाताओं से 1 लाख के अंतर की अपील की थी, जिसे जनता ने पार कर दिया।
सुवेंदु अधिकारी ने TMC पर क्या आरोप लगाए?
अधिकारी ने TMC पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग, जनता की गाढ़ी कमाई की जबरन वसूली, सिंडिकेट और धमकियों के जरिए राज्य को 'निजी जागीर' बनाने के आरोप लगाए। उन्होंने TMC को 'माफिया कंपनी' और 'सिद्धांतहीन पार्टी' करार दिया।
'डायमंड हार्बर मॉडल' क्या है और अधिकारी ने इसे क्यों उठाया?
अधिकारी ने 'डायमंड हार्बर मॉडल' को TMC के कथित राजनीतिक वर्चस्व और चुनावी धाँधली का प्रतीक बताया। फाल्टा की जीत के बाद उन्होंने कहा कि यह मॉडल अब 'तृणमूल के नुकसान का मॉडल' बन गया है।
पिछले चुनाव में फाल्टा में क्या हुआ था?
अधिकारी के अनुसार, पिछले चुनाव में TMC ने फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में डेढ़ लाख वोटों की बढ़त बनाई थी। उन्होंने इसे 'लोकतंत्र का मजाक' बताया और कहा कि 15 वर्षों बाद निर्भय मतदान का अवसर मिलने पर असली जनमत सामने आया।
त्रिपुरा में TMC और NOTA का क्या संदर्भ है?
अधिकारी ने कहा कि अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस त्रिपुरा विधानसभा चुनावों में 'नोटा' से भी पीछे रह चुकी है। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भी आने वाले चुनावों में TMC को 'नोटा' जैसे विकल्प से कड़ी टक्कर मिल सकती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 8 महीने पहले