भारतीय नौसेना का यूएवी 'दृष्टि-10' पोरबंदर के पास दुर्घटनाग्रस्त, जांच शुरू
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय नौसेना का उन्नत मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी) 'दृष्टि-10' 8 जुलाई की दोपहर एक नियमित प्रशिक्षण उड़ान के दौरान गुजरात के पोरबंदर हवाई क्षेत्र के निकट दुर्घटनाग्रस्त हो गया। नौसेना ने बुधवार को आधिकारिक बयान जारी कर इस घटना की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि दुर्घटना में जमीन पर कोई हताहत नहीं हुआ।
मुख्य घटनाक्रम
नौसेना के अनुसार, दृष्टि-10 यूएवी एक नियमित प्रशिक्षण मिशन पर था जब उड़ान के दौरान कथित तौर पर तकनीकी या अन्य कारणों से वह नियंत्रण से बाहर हो गया। इसके बाद यह पोरबंदर एयरफील्ड के समीप जा गिरा। घटना की सूचना मिलते ही संबंधित सुरक्षा एजेंसियों और तकनीकी दलों को तत्काल मौके पर रवाना किया गया।
नौसेना ने पुष्टि की है कि दुर्घटनास्थल को सुरक्षित कर लिया गया है और मलबे की विधिवत जांच की जा रही है। जमीन पर किसी भी व्यक्ति के घायल होने या जनहानि की कोई सूचना नहीं है।
जांच का दायरा
घटना के कारणों का पता लगाने के लिए एक विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। नौसेना के विशेषज्ञ और तकनीकी अधिकारी उड़ान से जुड़े आंकड़ों, संचार प्रणाली, तकनीकी उपकरणों और उस दिन की मौसम संबंधी परिस्थितियों का गहन विश्लेषण करेंगे। नौसेना ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों पर कोई आधिकारिक निष्कर्ष जारी किया जाएगा।
दृष्टि-10 की भूमिका और महत्व
गौरतलब है कि दृष्टि-10 भारतीय नौसेना के बेड़े में एक अत्यंत महत्वपूर्ण संपत्ति है। इसका उपयोग मुख्यतः समुद्री निगरानी, खुफिया जानकारी एकत्र करने, टोही अभियानों और तटीय सुरक्षा के लिए किया जाता है। यह यूएवी लंबे समय तक हवा में बने रहने और दूरस्थ समुद्री क्षेत्रों पर नज़र रखने में सक्षम माना जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी समुद्री निगरानी क्षमताओं को तेज़ी से बढ़ा रहा है।
आगे क्या होगा
नौसेना के अनुसार जांच दल के निष्कर्ष आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि दुर्घटना तकनीकी खराबी, मानवीय चूक या मौसम की वजह से हुई। फिलहाल किसी जनहानि न होने को बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। जांच के नतीजे भविष्य में इस श्रेणी के यूएवी के प्रशिक्षण प्रोटोकॉल को भी प्रभावित कर सकते हैं।