कर्नाटक CM शिवकुमार की 150+ GCC लीडर्स के साथ बैठक, 2029 तक 500 नए केंद्र और 3.5 लाख नौकरियों का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने 8 जुलाई 2026 को बेंगलुरु में 150 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक उच्चस्तरीय रणनीतिक बैठक की, जिसमें कर्नाटक को बहुराष्ट्रीय नवाचार और प्रौद्योगिकी केंद्रों के लिए देश के अग्रणी गंतव्य के रूप में स्थापित करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। राज्य सरकार ने 2029 तक 500 नए GCC आकर्षित करने, 3.5 लाख रोज़गार सृजित करने और अनुमानित $50 बिलियन का आर्थिक उत्पादन हासिल करने के अपने लक्ष्य को इस मंच पर एक बार फिर रेखांकित किया।
बैठक का स्वरूप और आयोजन
'कैटलिस्ट कनेक्ट: ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के लीडर्स के साथ मुख्यमंत्री की बैठक' शीर्षक वाले इस आयोजन का संचालन इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और जैव प्रौद्योगिकी विभाग ने कर्नाटक डिजिटल इकोनॉमी मिशन (KDEM) के साथ मिलकर किया। यह बैठक राज्य सरकार की KATALYST पहल का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य GCC के लिए कारोबारी माहौल को सुगम बनाना है। इसमें प्रमुख बहुराष्ट्रीय कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी, सरकारी प्रतिनिधि और उद्योग विशेषज्ञ शामिल हुए।
Target Corporation के GCC का दौरा
बैठक से पूर्व मुख्यमंत्री शिवकुमार ने बेंगलुरु स्थित अमेरिकी रिटेल दिग्गज Target Corporation के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर का दौरा किया। वहाँ उन्होंने कंपनी के नेतृत्व से संवाद किया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), फाइनेंस, डिजिटल ऑपरेशंस, सप्लाई चेन, मर्चेंडाइज़िंग और स्टोर डिज़ाइन के क्षेत्रों में हो रहे कार्यों का अवलोकन किया। यह दौरा इस बात का प्रमाण था कि बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ कर्नाटक को वैश्विक नवाचार के केंद्र के रूप में किस हद तक स्वीकार कर चुकी हैं।
चर्चा के प्रमुख विषय
रणनीतिक बैठक में AI, इंजीनियरिंग, अनुसंधान एवं विकास (R&D), उत्पाद नवाचार, प्रतिभा विकास, डिजिटल बुनियादी ढाँचा और उद्योग-शिक्षा जगत के बीच सहयोग जैसे विषयों पर विस्तृत विमर्श हुआ। उद्योग जगत के नेताओं ने बेंगलुरु से परे राज्य के अन्य हिस्सों में GCC निवेश को विस्तारित करने और स्टार्टअप्स तथा GCC के बीच साझेदारी को मज़बूत बनाने पर भी ज़ोर दिया।
मुख्यमंत्री और मंत्री के वक्तव्य
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा, 'हमारी सरकार ऐसा माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है जहाँ व्यवसाय आत्मविश्वास के साथ नवाचार कर सकें, विश्वस्तरीय प्रतिभा तक पहुँच सकें और वैश्विक स्तर पर विस्तार कर सकें। हम मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि अगली पीढ़ी की वैश्विक तकनीक और एंटरप्राइज़ क्षमताओं की परिकल्पना, इंजीनियरिंग और विस्तार कर्नाटक से ही हो।' गृह, सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी और ई-गवर्नेंस मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि राज्य GCC को वैश्विक ज़िम्मेदारियाँ संभालने के लिए आवश्यक नीतिगत समर्थन, प्रतिभा और नवाचार इकोसिस्टम प्रदान करता रहेगा।
आगे की राह
बैठक सरकार और उद्योग दोनों की इस साझा प्रतिबद्धता के साथ संपन्न हुई कि विचार-विमर्श में उभरे सुझावों को ठोस नीतिगत उपायों में बदला जाएगा। गौरतलब है कि कर्नाटक पहले से ही देश में GCC की सर्वाधिक सघनता वाला राज्य माना जाता है, और यह बैठक उस स्थिति को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक सुनियोजित कदम है।