फाल्टा सीट: जहांगीर खान के चुनाव से हटने पर अभिषेक बनर्जी के '10 जन्म' वाले दावे की हवा निकली, BJP का रास्ता साफ
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पहले से ही करारी हार झेल चुकी तृणमूल कांग्रेस (TMC) को अब फाल्टा विधानसभा सीट पर भी बड़ा झटका लगा है। TMC उम्मीदवार जहांगीर खान ने मतदान से महज 48 घंटे पहले — यानी 21 मई 2026 को होने वाले पुनर्मतदान से पूर्व — चुनाव मैदान से खुद को अलग कर लिया। इस फैसले ने न केवल फाल्टा सीट पर TMC की स्थिति कमज़ोर की, बल्कि पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी के उन बड़े-बड़े दावों की भी हवा निकाल दी, जो उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को ललकारते हुए किए थे।
अभिषेक बनर्जी के दावे और BJP को चुनौती
विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी ने फाल्टा सीट को लेकर अत्यंत आक्रामक रुख अपनाया था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सीधी चुनौती देते हुए कहा था कि उनके 'डायमंड हार्बर मॉडल' को नुकसान पहुँचाने के लिए BJP के 10 जन्म भी कम पड़ जाएंगे। बनर्जी ने यहाँ तक कहा था कि यदि शाह में हिम्मत है तो वे 5 मई को कोलकाता में रहें। यह सीट उनके संसदीय क्षेत्र डायमंड हार्बर लोकसभा के अंतर्गत आती है, इसलिए इसे उनकी राजनीतिक प्रतिष्ठा से सीधे जोड़कर देखा जा रहा था।
जहांगीर खान का 'पुष्पा' अंदाज़ और अचानक पीछे हटना
TMC ने फाल्टा सीट से जहांगीर खान पर दाँव लगाया था। चुनाव प्रचार के दौरान खान फिल्म 'पुष्पा' के अंदाज़ में नज़र आए और कई जनसभाओं में 'पुष्पा राज… मैं झुकेगा नहीं' जैसे फिल्मी संवाद बोलते देखे गए। उन्होंने विरोधियों को खुली चुनौती भी दी। लेकिन 21 मई को होने वाले पुनर्मतदान से ठीक 48 घंटे पहले उनके चुनाव से हटने के फैसले ने उनके समर्थकों को भी हैरान कर दिया।
गिरफ्तारी की आशंका और हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत
चुनाव से हटने से पहले जहांगीर खान ने आरोप लगाया था कि मतदान की तारीख से पहले उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। इसी आशंका के मद्देनज़र उन्होंने कलकत्ता उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत की अर्जी दी थी, जिसे न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल-न्यायाधीश पीठ ने स्वीकार कर लिया था। खान ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि पुलिस ने उनके विरुद्ध मनगढ़ंत आरोपों के आधार पर एफआईआर दर्ज की है।
BJP की प्रतिक्रिया और राजनीतिक असर
जहांगीर खान के चुनाव से हटने पर BJP ने तीखा तंज कसा। कोलकाता में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि कई लोग 'पुष्पा' बनने की कोशिश करते हैं, लेकिन इस बार 'पुष्पा' 'फुस्स' हो गया। गौरतलब है कि फाल्टा सीट को TMC का मज़बूत गढ़ माना जाता था, क्योंकि यह अभिषेक बनर्जी के डायमंड हार्बर संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है — और वे 2014 से लगातार इस लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने यहाँ से 7 लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी।
आगे क्या होगा
TMC उम्मीदवार के हटने के बाद फाल्टा सीट पर BJP का रास्ता काफी हद तक साफ हो गया है। यह ऐसे समय में हुआ है जब TMC पहले ही पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बड़ी पराजय का सामना कर चुकी है। अभिषेक बनर्जी के लिए यह सीट महज एक विधानसभा क्षेत्र नहीं, बल्कि उनकी राजनीतिक साख का सवाल बन गई थी — और अब उनके अपने उम्मीदवार के हटने से वह दाँव उल्टा पड़ता दिख रहा है। आने वाले दिनों में TMC के भीतर इस फैसले को लेकर जवाबदेही की माँग उठ सकती है।