फाल्टा सीट: जहांगीर खान के चुनाव से हटने पर अभिषेक बनर्जी के '10 जन्म' वाले दावे की हवा निकली, BJP का रास्ता साफ

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फाल्टा सीट: जहांगीर खान के चुनाव से हटने पर अभिषेक बनर्जी के '10 जन्म' वाले दावे की हवा निकली, BJP का रास्ता साफ

सारांश

अभिषेक बनर्जी ने BJP को '10 जन्म' की चुनौती दी थी — लेकिन उनके अपने उम्मीदवार जहांगीर खान ने मतदान से 48 घंटे पहले ही मैदान छोड़ दिया। फाल्टा सीट, जो TMC की प्रतिष्ठा का प्रतीक बन गई थी, अब BJP के लिए खुला मैदान बन गई है।

मुख्य बातें

TMC उम्मीदवार जहांगीर खान ने 21 मई 2026 के पुनर्मतदान से 48 घंटे पहले फाल्टा सीट से नाम वापस लिया।
अभिषेक बनर्जी ने चुनाव प्रचार में BJP को चुनौती दी थी कि उनके 'डायमंड हार्बर मॉडल' को नुकसान पहुँचाने के लिए 10 जन्म भी कम पड़ेंगे ।
जहांगीर खान ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दी थी, जिसे न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने स्वीकार किया।
खान ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके विरुद्ध मनगढ़ंत आरोपों पर FIR दर्ज की है।
केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने तंज कसा — 'पुष्पा इस बार फुस्स हो गया।' फाल्टा सीट डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत है, जहाँ अभिषेक बनर्जी 2014 से सांसद हैं और 2024 में 7 लाख से अधिक वोटों से जीते थे।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पहले से ही करारी हार झेल चुकी तृणमूल कांग्रेस (TMC) को अब फाल्टा विधानसभा सीट पर भी बड़ा झटका लगा है। TMC उम्मीदवार जहांगीर खान ने मतदान से महज 48 घंटे पहले — यानी 21 मई 2026 को होने वाले पुनर्मतदान से पूर्व — चुनाव मैदान से खुद को अलग कर लिया। इस फैसले ने न केवल फाल्टा सीट पर TMC की स्थिति कमज़ोर की, बल्कि पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी के उन बड़े-बड़े दावों की भी हवा निकाल दी, जो उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को ललकारते हुए किए थे।

अभिषेक बनर्जी के दावे और BJP को चुनौती

विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी ने फाल्टा सीट को लेकर अत्यंत आक्रामक रुख अपनाया था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सीधी चुनौती देते हुए कहा था कि उनके 'डायमंड हार्बर मॉडल' को नुकसान पहुँचाने के लिए BJP के 10 जन्म भी कम पड़ जाएंगे। बनर्जी ने यहाँ तक कहा था कि यदि शाह में हिम्मत है तो वे 5 मई को कोलकाता में रहें। यह सीट उनके संसदीय क्षेत्र डायमंड हार्बर लोकसभा के अंतर्गत आती है, इसलिए इसे उनकी राजनीतिक प्रतिष्ठा से सीधे जोड़कर देखा जा रहा था।

जहांगीर खान का 'पुष्पा' अंदाज़ और अचानक पीछे हटना

TMC ने फाल्टा सीट से जहांगीर खान पर दाँव लगाया था। चुनाव प्रचार के दौरान खान फिल्म 'पुष्पा' के अंदाज़ में नज़र आए और कई जनसभाओं में 'पुष्पा राज… मैं झुकेगा नहीं' जैसे फिल्मी संवाद बोलते देखे गए। उन्होंने विरोधियों को खुली चुनौती भी दी। लेकिन 21 मई को होने वाले पुनर्मतदान से ठीक 48 घंटे पहले उनके चुनाव से हटने के फैसले ने उनके समर्थकों को भी हैरान कर दिया।

गिरफ्तारी की आशंका और हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत

चुनाव से हटने से पहले जहांगीर खान ने आरोप लगाया था कि मतदान की तारीख से पहले उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। इसी आशंका के मद्देनज़र उन्होंने कलकत्ता उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत की अर्जी दी थी, जिसे न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल-न्यायाधीश पीठ ने स्वीकार कर लिया था। खान ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि पुलिस ने उनके विरुद्ध मनगढ़ंत आरोपों के आधार पर एफआईआर दर्ज की है।

BJP की प्रतिक्रिया और राजनीतिक असर

जहांगीर खान के चुनाव से हटने पर BJP ने तीखा तंज कसा। कोलकाता में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि कई लोग 'पुष्पा' बनने की कोशिश करते हैं, लेकिन इस बार 'पुष्पा' 'फुस्स' हो गया। गौरतलब है कि फाल्टा सीट को TMC का मज़बूत गढ़ माना जाता था, क्योंकि यह अभिषेक बनर्जी के डायमंड हार्बर संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है — और वे 2014 से लगातार इस लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने यहाँ से 7 लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी।

आगे क्या होगा

TMC उम्मीदवार के हटने के बाद फाल्टा सीट पर BJP का रास्ता काफी हद तक साफ हो गया है। यह ऐसे समय में हुआ है जब TMC पहले ही पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बड़ी पराजय का सामना कर चुकी है। अभिषेक बनर्जी के लिए यह सीट महज एक विधानसभा क्षेत्र नहीं, बल्कि उनकी राजनीतिक साख का सवाल बन गई थी — और अब उनके अपने उम्मीदवार के हटने से वह दाँव उल्टा पड़ता दिख रहा है। आने वाले दिनों में TMC के भीतर इस फैसले को लेकर जवाबदेही की माँग उठ सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उतना ही गहरा राजनीतिक नुकसान अब उन्हें उठाना होगा। यह भी ध्यान देने योग्य है कि गिरफ्तारी की आशंका और अग्रिम जमानत याचिका जैसे घटनाक्रम चुनाव से पहले सार्वजनिक हुए, फिर भी TMC ने उम्मीदवार नहीं बदला — जो पार्टी के भीतर संकट प्रबंधन की कमज़ोरी को उजागर करता है। पश्चिम बंगाल में TMC की व्यापक हार के बाद फाल्टा एकमात्र ऐसी सीट थी जहाँ पार्टी 'मुँह रखने' की कोशिश कर रही थी — और वह भी हाथ से निकलती दिख रही है।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जहांगीर खान ने फाल्टा सीट से चुनाव क्यों नहीं लड़ा?
जहांगीर खान ने मतदान से 48 घंटे पहले खुद को चुनाव से अलग कर लिया। उन्होंने आरोप लगाया था कि पुलिस ने उनके विरुद्ध मनगढ़ंत आरोपों पर FIR दर्ज की है और उन्हें मतदान से पहले गिरफ्तार किया जा सकता है। इसी आशंका में उन्होंने कलकत्ता उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका भी दाखिल की थी।
अभिषेक बनर्जी ने BJP को क्या चुनौती दी थी?
अभिषेक बनर्जी ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि BJP के '10 जन्म भी कम पड़ जाएंगे' उनके 'डायमंड हार्बर मॉडल' को नुकसान पहुँचाने के लिए। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह को भी सीधी चुनौती दी थी कि यदि उनमें हिम्मत है तो 5 मई को कोलकाता में रहें।
फाल्टा विधानसभा सीट का राजनीतिक महत्व क्या है?
फाल्टा सीट डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है, जो TMC नेता अभिषेक बनर्जी का संसदीय क्षेत्र है। वे 2014 से यहाँ से सांसद हैं और 2024 में 7 लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीते थे, इसलिए इसे TMC का मज़बूत गढ़ माना जाता रहा है।
BJP ने जहांगीर खान के हटने पर क्या कहा?
केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने कोलकाता में मीडिया से बातचीत में तंज कसते हुए कहा कि कई लोग 'पुष्पा' बनने की कोशिश करते हैं, लेकिन इस बार 'पुष्पा' 'फुस्स' हो गया — जो जहांगीर खान के चुनाव प्रचार के फिल्मी अंदाज़ पर सीधा कटाक्ष था।
फाल्टा सीट पर पुनर्मतदान कब होना था?
फाल्टा विधानसभा सीट पर 21 मई 2026 को पुनर्मतदान निर्धारित था। TMC उम्मीदवार जहांगीर खान ने इससे 48 घंटे पहले ही अपना नाम वापस ले लिया, जिससे इस सीट पर BJP का रास्ता काफी हद तक साफ हो गया।
राष्ट्र प्रेस
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