22 अगस्त 2026
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FICCI FLO 'वाइब्रेंट वर्व एडिशन-4' जम्मू: 45 प्रदर्शकों के साथ महिला उद्यमियों और कारीगरों को मिला राष्ट्रीय मंच

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FICCI FLO 'वाइब्रेंट वर्व एडिशन-4' जम्मू: 45 प्रदर्शकों के साथ महिला उद्यमियों और कारीगरों को मिला राष्ट्रीय मंच

सारांश

जम्मू में फिक्की एफएलओ का 'वाइब्रेंट वर्व एडिशन-4' सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं — यह जम्मू-कश्मीर की महिला उद्यमिता को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास है। 45 प्रदर्शकों, स्थानीय कारीगरों और युवा स्टार्टअप संस्थापकों के साथ यह मंच बदलाव की नई इबारत लिख रहा है।

मुख्य बातें

फिक्की एफएलओ जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख ने 22 अगस्त 2026 को जम्मू में 'वाइब्रेंट वर्व एडिशन-4' का आयोजन किया।
देशभर से करीब 45 प्रदर्शक — महिला उद्यमी, कारीगर, डिजाइनर और गृहिणियाँ — इस आयोजन में शामिल हुईं।
इस बार कार्यक्रम रक्षाबंधन विशेष संस्करण के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें स्थानीय हस्तशिल्प को विशेष प्रमुखता दी गई।
AWWA ने अपनी 60वीं वर्षगाँठ के अवसर पर कई महिला उद्यमियों को इस प्रदर्शनी में भाग दिलाया।
युवा महिलाओं ने बेकरी, ज्वेलरी, इवेंट मैनेजमेंट और डिजिटल मार्केटिंग में स्टार्टअप शुरू कर उद्यमिता में नई उपस्थिति दर्ज कराई।
फिक्की एफएलओ जेकेएल का यह कार्यक्रम भविष्य में पूरे जम्मू-कश्मीर में विस्तारित करने की योजना है।

जम्मू में 22 अगस्त 2026 को आयोजित फिक्की एफएलओ जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख (जेकेएल) के चौथे संस्करण 'द पावर टू एम्पावर: वाइब्रेंट वर्व, एडिशन-4' ने महिला उद्यमिता, स्थानीय हस्तशिल्प और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाले एक प्रमुख मंच के रूप में अपनी पहचान और मजबूत की है। देशभर से करीब 45 प्रदर्शक — जिनमें महिला उद्यमी, कारीगर, डिजाइनर और गृहिणियाँ शामिल हैं — इस आयोजन में अपने उत्पाद और रचनात्मक कार्य प्रस्तुत कर रही हैं।

कार्यक्रम की विशेषता और उद्देश्य

फिक्की एफएलओ जेकेएल की चेयरपर्सन वर्षा बंसल ने बताया कि इस चौथे संस्करण को लेकर संगठन विशेष रूप से उत्साहित है, क्योंकि इस बार एक लाइफस्टाइल प्रदर्शनी को सामाजिक उद्देश्य के साथ जोड़ा गया है। उन्होंने कहा, 'इस कार्यक्रम को लोगों का शानदार समर्थन मिल रहा है। रक्षाबंधन विशेष संस्करण होने के कारण हम लोगों को यह संदेश देना चाहते हैं कि यदि आप अपने भाई या बहन के लिए कोई विशेष उपहार खरीदना चाहते हैं, तो फिक्की एफएलओ का वाइब्रेंट वर्व एडिशन-4 एक बेहतरीन मंच है।'

गौरतलब है कि इस संस्करण में स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्प कलाकारों को विशेष प्रमुखता दी गई है — जो इसे पिछले संस्करणों से अलग बनाती है। प्रदर्शनी में लगाए गए स्टॉल महिलाओं को देशभर के ग्राहकों और बाजारों से जोड़ने का काम कर रहे हैं।

सरकार की भागीदारी और प्रतिक्रिया

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की आयुक्त-सचिव बबीला रकवाल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि फिक्की एफएलओ महिलाओं के लिए कार्य करने वाला एक महत्वपूर्ण संगठन है और जम्मू चैप्टर का यह कार्यक्रम पूरे जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में विस्तार के लिए तैयार किया जा रहा है।

रकवाल ने कहा, 'यह बेहद सुंदर और सशक्त बनाने वाली पहल है। सरकार का विशेष ध्यान महिलाओं से जुड़ी योजनाओं पर है, लेकिन जब महिलाएं अन्य विकास कार्यक्रमों और सामुदायिक पहलों में भी सक्रिय भागीदारी करती हैं, तो इससे समावेशी विकास को और मजबूती मिलती है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि आज महिला सहकारी समितियों और महिला समूहों को पहले से अधिक प्रोत्साहन मिल रहा है।

स्थानीय प्रशासन और सेना परिवारों की भागीदारी

जम्मू की अतिरिक्त जिला आयुक्त (एडीसी) अनुसूया जमवाल ने कहा कि वाइब्रेंट वर्व का चौथा संस्करण विभिन्न पृष्ठभूमियों की महिलाओं — कारीगरों, डिजाइनरों, गृहिणियों और युवा उद्यमियों — को एक साझा मंच पर लाता है। उन्होंने कहा, 'किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के विकास में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। यदि किसी देश को आगे बढ़ना है तो उसकी आधी से अधिक आबादी यानी महिलाओं को अवसर और सशक्तिकरण देना अनिवार्य है।'

उधमपुर स्थित आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (AWWA) से जुड़ी शाइनी शर्मा ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल आय अर्जित करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के आत्मविश्वास, व्यक्तित्व विकास और सामाजिक भागीदारी को भी मजबूत करता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष AWWA अपनी स्थापना के 60 वर्ष पूरे कर रहा है और संगठन की ओर से कई महिला उद्यमियों को इस प्रदर्शनी में भाग लेने का अवसर दिया गया है।

युवा उद्यमिता: बेकरी से डिजिटल मार्केटिंग तक

फिक्की एफएलओ जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख की संस्थापक चेयरपर्सन कुंवरानी डॉ. रितु सिंह ने पिछले 5 वर्षों में संगठन की प्रगति पर संतोष जताते हुए कहा कि बड़ी संख्या में युवा महिलाएं उद्यमिता की ओर कदम बढ़ा रही हैं। उन्होंने बताया कि कई युवतियों ने बेकरी, कपड़ा, ज्वेलरी, इवेंट मैनेजमेंट और डिजिटल मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में अपने स्टार्टअप शुरू किए हैं।

डॉ. सिंह ने कहा, 'यही युवा देश का भविष्य हैं। जब लड़कियां आगे बढ़कर अपना व्यवसाय शुरू करती हैं और रोज़गार के अवसर पैदा करती हैं, तो यह देश के विकास में उनका सीधा योगदान होता है।' उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा महिलाओं, युवाओं और MSME क्षेत्र के लिए शुरू की गई योजनाओं का भी उल्लेख किया, जिन्होंने उद्यमिता की नई संभावनाएं पैदा की हैं।

आगे की राह

यह आयोजन ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में महिला स्वयं-सहायता समूहों और सहकारी समितियों को नई गति मिल रही है। फिक्की एफएलओ जेकेएल का यह मंच न केवल स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ रहा है, बल्कि क्षेत्र की महिला उद्यमिता को एक संगठित स्वरूप देने की दिशा में भी काम कर रहा है। आने वाले संस्करणों में इस कार्यक्रम को पूरे जम्मू-कश्मीर में विस्तारित करने की योजना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इन प्रदर्शनियों के बाद कितनी महिलाएं टिकाऊ व्यवसाय खड़ा कर पाती हैं। जम्मू-कश्मीर जैसे क्षेत्र में जहाँ बाजार तक पहुँच, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल साक्षरता की चुनौतियाँ अभी भी बनी हुई हैं, वहाँ वार्षिक प्रदर्शनियाँ एक शुरुआत तो हैं, पर पर्याप्त नहीं। MSME योजनाओं की प्रशंसा के साथ-साथ यह भी देखना होगा कि जम्मू-कश्मीर की महिला उद्यमियों को राष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं में स्थायी जगह मिल रही है या नहीं।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फिक्की एफएलओ का 'वाइब्रेंट वर्व एडिशन-4' क्या है?
यह फिक्की एफएलओ जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख चैप्टर द्वारा आयोजित वार्षिक महिला सशक्तिकरण और उद्यमिता प्रदर्शनी का चौथा संस्करण है, जो 22 अगस्त 2026 को जम्मू में आयोजित हुआ। इसमें देशभर से करीब 45 प्रदर्शकों ने भाग लिया और स्थानीय हस्तशिल्प कलाकारों को विशेष प्रमुखता दी गई।
इस कार्यक्रम में किन क्षेत्रों की महिलाएं शामिल हुईं?
इस आयोजन में कारीगर, डिजाइनर, गृहिणियाँ, युवा उद्यमी और AWWA से जुड़ी महिलाएं शामिल हुईं। बेकरी, कपड़ा, ज्वेलरी, इवेंट मैनेजमेंट और डिजिटल मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में स्टार्टअप चलाने वाली युवतियों ने भी अपने उत्पाद प्रदर्शित किए।
इस बार का संस्करण पिछले संस्करणों से अलग क्यों है?
एडिशन-4 को रक्षाबंधन विशेष संस्करण के रूप में आयोजित किया गया और इसमें लाइफस्टाइल प्रदर्शनी को सामाजिक उद्देश्य के साथ जोड़ा गया। स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्प कलाकारों को इस बार विशेष प्रमुखता दी गई, जो पिछले संस्करणों से एक महत्वपूर्ण बदलाव है।
सरकार ने इस आयोजन पर क्या प्रतिक्रिया दी?
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की आयुक्त-सचिव बबीला रकवाल ने कार्यक्रम की सराहना की और बताया कि जम्मू चैप्टर का यह आयोजन पूरे जम्मू-कश्मीर में विस्तारित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि महिला सहकारी समितियों और महिला समूहों को पहले से अधिक प्रोत्साहन मिल रहा है।
AWWA की इस कार्यक्रम में क्या भूमिका रही?
उधमपुर स्थित आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (AWWA) ने अपनी 60वीं वर्षगाँठ के अवसर पर कई महिला उद्यमियों को इस प्रदर्शनी में भाग लेने का अवसर दिया। AWWA से जुड़ी शाइनी शर्मा ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल आय तक सीमित नहीं, बल्कि यह व्यक्तित्व विकास और राष्ट्र निर्माण से भी जुड़ा है।
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