एयर इंडिया 171 हादसा: FIP ने AAIB जांच में पारदर्शिता की माँग की, ड्राफ्ट समिति में शामिल करने का आग्रह
सारांश
मुख्य बातें
फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) के अध्यक्ष कैप्टन सी.एस. रंधावा ने 27 सितंबर 2026 को माँग की कि अहमदाबाद एयर इंडिया 171 विमान दुर्घटना की जाँच में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए और नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा गठित समीक्षा समिति में FIP को शामिल किया जाए। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) के अक्टूबर में ड्राफ्ट रिपोर्ट जारी करने की उम्मीद है।
हादसे का संक्षिप्त विवरण
एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 ने 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन गैटविक के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद विमान मेघानीनगर इलाके में एक मेडिकल हॉस्टल कॉम्प्लेक्स से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में यात्रियों, क्रू सदस्यों और ज़मीन पर मौजूद लोगों सहित लगभग 260 लोगों की जान चली गई। यह भारत के हाल के दशकों के सबसे भीषण विमान हादसों में से एक रहा।
FIP का रुख और तकनीकी दावे
कैप्टन रंधावा ने कहा, 'जून 2025 से ही हम कह रहे हैं कि इस हादसे में तकनीकी दिक्कतें — जैसे कि इलेक्ट्रिकल समस्याएँ — शामिल थीं, जिनकी वजह से इंजन तक फ्यूल सप्लाई बंद हो गई थी।' FIP ने पुष्कर राज सबरवाल के साथ मिलकर इस मसले पर सर्वोच्च न्यायालय में एक याचिका भी दायर की है, जिसमें विमान की तकनीकी खामियों की स्वतंत्र जाँच की माँग की गई है।
सर्वोच्च न्यायालय की सुनवाई और सरकारी आश्वासन
रंधावा के अनुसार, 28 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय में हुई सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने माना था कि FIP द्वारा AAIB को बताए गए मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और उन पर विचार किया जाएगा। सॉलिसिटर जनरल ने यह भी कहा था कि FIP से सलाह-मशविरा किया जाएगा। हालाँकि, रंधावा का दावा है कि 'आज तक AAIB ने हमें किसी भी बैठक के लिए नहीं बुलाया।'
मंत्रालय की समीक्षा समिति पर सवाल
FIP को हाल ही में जानकारी मिली कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने AAIB को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि ड्राफ्ट रिपोर्ट को सार्वजनिक करने से पहले एक विशेष समिति को दी जाए, और समिति की जाँच के बाद ही रिपोर्ट जारी की जाए। रंधावा ने कहा, 'हमने माँग की है कि इस समिति में FIP को भी शामिल किया जाए, क्योंकि हमें इस मामले की गहरी जानकारी है।' AAIB की जाँच में बोइंग, अमेरिकी नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) और फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) भी शामिल हैं।
आगे की राह
AAIB ने संकेत दिया है कि वह अक्टूबर 2026 में ICAO के प्रोटोकॉल के अनुसार ड्राफ्ट रिपोर्ट जारी करेगा। शुरुआती जाँच रिपोर्ट पहले ही सामने आ चुकी है, लेकिन अंतिम रिपोर्ट का इंतजार बना हुआ है। FIP की माँगें और सर्वोच्च न्यायालय में दायर याचिका यह तय करेगी कि भविष्य की जाँच प्रक्रिया में पायलट संगठनों की भूमिका किस हद तक सुनिश्चित होती है।