27 सितंबर 2026
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एयर इंडिया 171 हादसा: FIP ने AAIB जांच में पारदर्शिता की माँग की, ड्राफ्ट समिति में शामिल करने का आग्रह

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एयर इंडिया 171 हादसा: FIP ने AAIB जांच में पारदर्शिता की माँग की, ड्राफ्ट समिति में शामिल करने का आग्रह

सारांश

एयर इंडिया 171 हादसे की जाँच एक नए मोड़ पर है — FIP ने आरोप लगाया है कि सर्वोच्च न्यायालय में सरकारी आश्वासन के बावजूद उन्हें AAIB ने एक भी बैठक में नहीं बुलाया। अक्टूबर में ड्राफ्ट रिपोर्ट आने से पहले पारदर्शिता की यह लड़ाई तेज हो गई है।

मुख्य बातें

FIP अध्यक्ष कैप्टन सी.एस.
रंधावा ने 27 सितंबर 2026 को AI-171 हादसे की जाँच में पूर्ण पारदर्शिता की माँग की।
12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुए इस हादसे में लगभग 260 लोगों की मौत हो गई थी।
FIP का दावा है कि विमान में इलेक्ट्रिकल खराबी के कारण इंजन तक फ्यूल सप्लाई बंद हो गई थी।
28 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय में सॉलिसिटर जनरल ने FIP से परामर्श का आश्वासन दिया था, लेकिन AAIB ने अब तक कोई बैठक नहीं बुलाई।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने AAIB को निर्देश दिया है कि ड्राफ्ट रिपोर्ट पहले विशेष समिति को दी जाए; FIP ने उसमें शामिल होने की माँग की है।
AAIB अक्टूबर 2026 में ICAO प्रोटोकॉल के अनुसार ड्राफ्ट रिपोर्ट जारी करने की उम्मीद है।

फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) के अध्यक्ष कैप्टन सी.एस. रंधावा ने 27 सितंबर 2026 को माँग की कि अहमदाबाद एयर इंडिया 171 विमान दुर्घटना की जाँच में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए और नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा गठित समीक्षा समिति में FIP को शामिल किया जाए। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) के अक्टूबर में ड्राफ्ट रिपोर्ट जारी करने की उम्मीद है।

हादसे का संक्षिप्त विवरण

एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 ने 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन गैटविक के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद विमान मेघानीनगर इलाके में एक मेडिकल हॉस्टल कॉम्प्लेक्स से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में यात्रियों, क्रू सदस्यों और ज़मीन पर मौजूद लोगों सहित लगभग 260 लोगों की जान चली गई। यह भारत के हाल के दशकों के सबसे भीषण विमान हादसों में से एक रहा।

FIP का रुख और तकनीकी दावे

कैप्टन रंधावा ने कहा, 'जून 2025 से ही हम कह रहे हैं कि इस हादसे में तकनीकी दिक्कतें — जैसे कि इलेक्ट्रिकल समस्याएँ — शामिल थीं, जिनकी वजह से इंजन तक फ्यूल सप्लाई बंद हो गई थी।' FIP ने पुष्कर राज सबरवाल के साथ मिलकर इस मसले पर सर्वोच्च न्यायालय में एक याचिका भी दायर की है, जिसमें विमान की तकनीकी खामियों की स्वतंत्र जाँच की माँग की गई है।

सर्वोच्च न्यायालय की सुनवाई और सरकारी आश्वासन

रंधावा के अनुसार, 28 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय में हुई सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने माना था कि FIP द्वारा AAIB को बताए गए मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और उन पर विचार किया जाएगा। सॉलिसिटर जनरल ने यह भी कहा था कि FIP से सलाह-मशविरा किया जाएगा। हालाँकि, रंधावा का दावा है कि 'आज तक AAIB ने हमें किसी भी बैठक के लिए नहीं बुलाया।'

मंत्रालय की समीक्षा समिति पर सवाल

FIP को हाल ही में जानकारी मिली कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने AAIB को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि ड्राफ्ट रिपोर्ट को सार्वजनिक करने से पहले एक विशेष समिति को दी जाए, और समिति की जाँच के बाद ही रिपोर्ट जारी की जाए। रंधावा ने कहा, 'हमने माँग की है कि इस समिति में FIP को भी शामिल किया जाए, क्योंकि हमें इस मामले की गहरी जानकारी है।' AAIB की जाँच में बोइंग, अमेरिकी नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) और फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) भी शामिल हैं।

आगे की राह

AAIB ने संकेत दिया है कि वह अक्टूबर 2026 में ICAO के प्रोटोकॉल के अनुसार ड्राफ्ट रिपोर्ट जारी करेगा। शुरुआती जाँच रिपोर्ट पहले ही सामने आ चुकी है, लेकिन अंतिम रिपोर्ट का इंतजार बना हुआ है। FIP की माँगें और सर्वोच्च न्यायालय में दायर याचिका यह तय करेगी कि भविष्य की जाँच प्रक्रिया में पायलट संगठनों की भूमिका किस हद तक सुनिश्चित होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जाँच की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय का ड्राफ्ट रिपोर्ट को पहले 'विशेष समिति' को भेजने का निर्देश पारदर्शिता के दावों से उलट संदेश देता है — खासकर जब जाँच में बोइंग, NTSB और FAA जैसे अंतरराष्ट्रीय हितधारक भी शामिल हों। 260 जानें जाने के बाद भारत की विमानन जाँच प्रणाली की साख दाँव पर है, और अगर ड्राफ्ट रिपोर्ट बिना पायलट-समुदाय की भागीदारी के जारी हुई तो न्यायिक और सार्वजनिक विश्वसनीयता दोनों को नुकसान होगा।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 हादसा क्या था?
एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 ने 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन गैटविक के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के कुछ देर बाद विमान अहमदाबाद के मेघानीनगर इलाके में एक मेडिकल हॉस्टल कॉम्प्लेक्स से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें लगभग 260 लोगों की मौत हो गई।
FIP ने AI-171 जाँच में क्या माँगें रखी हैं?
FIP ने माँग की है कि AAIB की जाँच प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ड्राफ्ट समीक्षा समिति में FIP को भी शामिल किया जाए। FIP का कहना है कि उसे विमान की तकनीकी खामियों की गहरी जानकारी है और उसकी भागीदारी जाँच को अधिक विश्वसनीय बनाएगी।
AAIB की ड्राफ्ट रिपोर्ट कब आएगी?
AAIB ने संकेत दिया है कि वह अक्टूबर 2026 में ICAO की जरूरतों और लागू प्रोटोकॉल के अनुसार ड्राफ्ट रिपोर्ट जारी करेगा। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के निर्देश के अनुसार रिपोर्ट पहले एक विशेष समिति को दी जाएगी।
सर्वोच्च न्यायालय में FIP की याचिका पर क्या हुआ?
28 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय में हुई सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने स्वीकार किया था कि FIP के उठाए मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और FIP से परामर्श किया जाएगा। हालाँकि, FIP अध्यक्ष का दावा है कि इस आश्वासन के बावजूद AAIB ने उन्हें आज तक किसी बैठक में नहीं बुलाया।
FIP ने हादसे के तकनीकी कारणों के बारे में क्या कहा है?
FIP का दावा है कि हादसे में इलेक्ट्रिकल खराबी के चलते विमान के इंजन तक फ्यूल सप्लाई बंद हो गई थी। यह दावा जून 2025 से ही FIP कर रहा है और इसी आधार पर उसने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की है।
राष्ट्र प्रेस
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