28 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एयर इंडिया AI-171 जांच: AAIB ने सुप्रीम कोर्ट को दिया अक्टूबर तक रिपोर्ट का आश्वासन, 260 की गई थी जान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एयर इंडिया AI-171 जांच: AAIB ने सुप्रीम कोर्ट को दिया अक्टूबर तक रिपोर्ट का आश्वासन, 260 की गई थी जान

सारांश

260 जानें लेने वाले एयर इंडिया AI-171 हादसे की जांच अब अंतिम चरण में है। AAIB ने सर्वोच्च न्यायालय को अक्टूबर तक सीलबंद रिपोर्ट सौंपने का आश्वासन दिया है। अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को — जो तय करेगी कि न्यायालय की निगरानी में जांच होगी या नहीं।

मुख्य बातें

AAIB ने सर्वोच्च न्यायालय को आश्वस्त किया कि एयर इंडिया AI-171 हादसे की जांच रिपोर्ट अक्टूबर 2025 तक तैयार होगी।
अगली सुनवाई 12 अक्टूबर 2025 को निर्धारित; रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अदालत को सौंपी जाएगी।
12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुए इस हादसे में 260 लोगों की जान गई थी।
मृतक पायलट कैप्टन सुमित सभरवाल के पिता और फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स ने न्यायालय की निगरानी में जांच की माँग की है।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि जांच अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है और विदेशी विशेषज्ञ भी इसमें शामिल हैं।

एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने 28 जुलाई 2025 को सर्वोच्च न्यायालय को सूचित किया कि अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 हादसे की विस्तृत जांच इस वर्ष अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएगी। इस आश्वासन के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को निर्धारित की है। इस भीषण विमान दुर्घटना में 260 लोगों की जान गई थी।

जांच की प्रकृति और दायरा

सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान AAIB ने स्पष्ट किया कि यह महज डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के अधिकारियों द्वारा संचालित सामान्य आंतरिक जांच नहीं है। ब्यूरो के अनुसार, जांच अंतरराष्ट्रीय विमानन मानकों और प्रोटोकॉल के अनुरूप की जा रही है। इसमें उन देशों के विशेषज्ञ और मान्यता प्राप्त प्रतिनिधि भी सम्मिलित हैं, जिनके नागरिक इस हादसे में मारे गए थे।

याचिकाकर्ताओं की माँग और आपत्तियाँ

यह मामला भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष आया। सुनवाई मृतक पायलट कैप्टन सुमित सभरवाल के पिता और फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स की ओर से दाखिल याचिका पर हुई, जिसमें पूरे मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में कराने की माँग की गई है।

याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने जांच की गति और उसकी प्रकृति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हादसे के कई महीने बीत जाने के बावजूद जांच पूरी नहीं हो सकी है। उनका यह भी दावा रहा कि जांच केवल DGCA के अधिकारियों तक सीमित है, जिससे उसकी निष्पक्षता संदिग्ध हो जाती है।

सरकार का पक्ष

इन आरोपों का खंडन करते हुए AAIB की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि याचिकाकर्ताओं के आरोप तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। उन्होंने अदालत को बताया कि जांच एयरक्राफ्ट (दुर्घटनाओं और घटनाओं की जांच) नियमों और लागू अंतरराष्ट्रीय संधियों के अनुसार संचालित हो रही है, जिनका भारत भी पक्षकार है।

सॉलिसिटर जनरल ने यह भी रेखांकित किया कि विदेशी विशेषज्ञों और संबंधित देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी जांच को पूरी तरह पारदर्शी और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाती है।

अंतिम रिपोर्ट और आगे की प्रक्रिया

तुषार मेहता ने सर्वोच्च न्यायालय को भरोसा दिलाया कि दुर्घटना की अंतिम जांच रिपोर्ट अक्टूबर 2025 तक तैयार कर ली जाएगी और उसे सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। गौरतलब है कि यह 12 जून 2025 के हादसे के बाद देश के सबसे बड़े विमानन जांच मामलों में से एक बन चुका है।

अब सभी की निगाहें 12 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई और AAIB की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो भारतीय विमानन सुरक्षा के भविष्य के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होगी या सीलबंद ही रहेगी। 260 मौतों के मामले में पीड़ित परिवारों को पारदर्शी जवाबदेही का अधिकार है, केवल न्यायालय को सौंपी गई बंद रिपोर्ट पर्याप्त नहीं। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय विमानन सुरक्षा की वैश्विक साख दांव पर है — AAIB की स्वतंत्रता और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी का दावा सही साबित होना चाहिए, न सिर्फ अदालत में, बल्कि रिपोर्ट के निष्कर्षों में भी।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एयर इंडिया AI-171 हादसा क्या था और कब हुआ?
एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 का हादसा 12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुआ था, जिसमें 260 लोगों की जान गई। यह भारत के हालिया इतिहास की सबसे भीषण विमान दुर्घटनाओं में से एक है।
AAIB ने जांच रिपोर्ट कब तक देने का आश्वासन दिया है?
AAIB ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया है कि अंतिम जांच रिपोर्ट अक्टूबर 2025 तक तैयार कर ली जाएगी और सीलबंद लिफाफे में अदालत को सौंपी जाएगी। अगली सुनवाई 12 अक्टूबर 2025 को निर्धारित है।
सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका किसने दायर की और क्या माँग है?
यह याचिका मृतक पायलट कैप्टन सुमित सभरवाल के पिता और फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स ने दाखिल की है। उनकी माँग है कि पूरे मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय की प्रत्यक्ष निगरानी में कराई जाए।
क्या AI-171 की जांच अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार हो रही है?
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के अनुसार, जांच एयरक्राफ्ट (दुर्घटनाओं और घटनाओं की जांच) नियमों और लागू अंतरराष्ट्रीय संधियों के तहत हो रही है। इसमें उन देशों के विशेषज्ञ और प्रतिनिधि भी शामिल हैं जिनके नागरिक इस हादसे में मारे गए थे।
वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने जांच पर क्या आपत्ति जताई?
प्रशांत भूषण ने आरोप लगाया कि जांच में महीनों की देरी हुई है और यह केवल DGCA के अधिकारियों तक सीमित है, जिससे निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। AAIB ने इन आरोपों को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 23 घंटे पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 साल पहले
  4. 1 साल पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले