एयर इंडिया AI-171 जांच: AAIB ने सुप्रीम कोर्ट को दिया अक्टूबर तक रिपोर्ट का आश्वासन, 260 की गई थी जान
सारांश
मुख्य बातें
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने 28 जुलाई 2025 को सर्वोच्च न्यायालय को सूचित किया कि अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 हादसे की विस्तृत जांच इस वर्ष अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएगी। इस आश्वासन के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को निर्धारित की है। इस भीषण विमान दुर्घटना में 260 लोगों की जान गई थी।
जांच की प्रकृति और दायरा
सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान AAIB ने स्पष्ट किया कि यह महज डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के अधिकारियों द्वारा संचालित सामान्य आंतरिक जांच नहीं है। ब्यूरो के अनुसार, जांच अंतरराष्ट्रीय विमानन मानकों और प्रोटोकॉल के अनुरूप की जा रही है। इसमें उन देशों के विशेषज्ञ और मान्यता प्राप्त प्रतिनिधि भी सम्मिलित हैं, जिनके नागरिक इस हादसे में मारे गए थे।
याचिकाकर्ताओं की माँग और आपत्तियाँ
यह मामला भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष आया। सुनवाई मृतक पायलट कैप्टन सुमित सभरवाल के पिता और फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स की ओर से दाखिल याचिका पर हुई, जिसमें पूरे मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में कराने की माँग की गई है।
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने जांच की गति और उसकी प्रकृति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हादसे के कई महीने बीत जाने के बावजूद जांच पूरी नहीं हो सकी है। उनका यह भी दावा रहा कि जांच केवल DGCA के अधिकारियों तक सीमित है, जिससे उसकी निष्पक्षता संदिग्ध हो जाती है।
सरकार का पक्ष
इन आरोपों का खंडन करते हुए AAIB की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि याचिकाकर्ताओं के आरोप तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। उन्होंने अदालत को बताया कि जांच एयरक्राफ्ट (दुर्घटनाओं और घटनाओं की जांच) नियमों और लागू अंतरराष्ट्रीय संधियों के अनुसार संचालित हो रही है, जिनका भारत भी पक्षकार है।
सॉलिसिटर जनरल ने यह भी रेखांकित किया कि विदेशी विशेषज्ञों और संबंधित देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी जांच को पूरी तरह पारदर्शी और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाती है।
अंतिम रिपोर्ट और आगे की प्रक्रिया
तुषार मेहता ने सर्वोच्च न्यायालय को भरोसा दिलाया कि दुर्घटना की अंतिम जांच रिपोर्ट अक्टूबर 2025 तक तैयार कर ली जाएगी और उसे सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। गौरतलब है कि यह 12 जून 2025 के हादसे के बाद देश के सबसे बड़े विमानन जांच मामलों में से एक बन चुका है।
अब सभी की निगाहें 12 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई और AAIB की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो भारतीय विमानन सुरक्षा के भविष्य के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।