डायमंड हार्बर में पूर्व एसडीपीओ मितुन कुमार डे पर एफआईआर, अभिषेक बनर्जी के करीबी पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण 24 परगना जिले की डायमंड हार्बर पुलिस ने 19 जून 2026 को पूर्व उप-पुलिस अधीक्षक मितुन कुमार डे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मितुन कुमार डे को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव एवं लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी का करीबी सहयोगी कथित तौर पर माना जाता है। यह मामला ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली प्रशासनिक व्यवस्था के दौरान की घटनाओं से जुड़ा बताया जा रहा है।
शिकायत में क्या है आरोप
सूत्रों के अनुसार, यह एफआईआर डायमंड हार्बर नगरपालिका के TMC पार्षद डॉ. तमाल कुमार हलदर की लिखित शिकायत पर दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जब डॉ. हलदर एक शिकायत दर्ज कराने पुलिस थाने पहुँचे, तब तत्कालीन एसडीपीओ मितुन कुमार डे ने कथित तौर पर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की और उन्हें प्रताड़ित किया।
शिकायत में यह भी गंभीर आरोप है कि डे ने कथित तौर पर पार्षद को कपड़े उतारकर पीटा और बिजली का झटका देकर यातना दी। इसके अतिरिक्त, दावा किया गया है कि उसी घटना को कवर करने पहुँचे एक मीडियाकर्मी को भी गंभीर रूप से प्रताड़ित किया गया।
मितुन कुमार डे का सेवाकाल और तबादला
घटना के समय मितुन कुमार डे डायमंड हार्बर के एसडीपीओ पद पर तैनात थे। बाद में उन्हें पदोन्नति देकर डायमंड हार्बर पुलिस जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बनाया गया। विधानसभा चुनावों से पूर्व चुनाव आयोग (ECI) ने उनका तबादला पश्चिम मेदिनीपुर जिले के खड़गपुर रेलवे पुलिस अधीक्षक के पद पर कर दिया था।
जाँच की स्थिति
डायमंड हार्बर पुलिस जिले के एक अधिकारी के अनुसार, शिकायत के आधार पर मामले की जाँच शुरू कर दी गई है और मितुन कुमार डे से पूछताछ भी की जाएगी। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में पुलिस-राजनीति गठजोड़ के आरोप पहले से ही सुर्खियों में हैं।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र TMC सांसद अभिषेक बनर्जी का गढ़ माना जाता है। डे की उनसे कथित नजदीकी इस मामले को राजनीतिक रूप से संवेदनशील बनाती है। आलोचकों का कहना है कि यह एफआईआर दर्शाती है कि सत्ता के संरक्षण में काम करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कानूनी प्रक्रिया अब शुरू हो सकती है। आगे की जाँच में यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है।