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मिल्खा सिंह पुण्यतिथि: 'फ्लाइंग सिख' को BJP नेताओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

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मिल्खा सिंह पुण्यतिथि: 'फ्लाइंग सिख' को BJP नेताओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

सारांश

18 जून को 'फ्लाइंग सिख' मिल्खा सिंह की पुण्यतिथि पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से लेकर योगी आदित्यनाथ, मोहन यादव, रेखा गुप्ता, पुष्कर सिंह धामी और भजनलाल शर्मा तक — BJP के शीर्ष नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनकी विरासत को युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया।

मुख्य बातें

18 जून को 'फ्लाइंग सिख' पद्म श्री मिल्खा सिंह की पुण्यतिथि पर देशभर में श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.
मोहन यादव और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उनके जीवन को धैर्य और अनुशासन का प्रतीक बताया।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी उनकी विरासत को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
मिल्खा सिंह ने विभाजन की त्रासदी से उबरकर भारतीय एथलेटिक्स को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई और पद्म श्री से सम्मानित हुए।

महान भारतीय धावक और 'फ्लाइंग सिख' के नाम से विख्यात पद्म श्री मिल्खा सिंह की 18 जून को पुण्यतिथि पर देशभर के राजनेताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। भारतीय एथलेटिक्स को वैश्विक पहचान दिलाने वाले इस महान खिलाड़ी की विरासत आज भी करोड़ों युवाओं को प्रेरणा देती है।

केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्रियों की श्रद्धांजलि

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर लिखा, 'फ्लाइंग सिख पद्मश्री मिल्खा सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र अभिवादन।' उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'भारतीय खेल जगत के अप्रतिम गौरव, अनुशासन और असाधारण गति के पर्याय 'फ्लाइंग सिख', 'पद्म श्री' मिल्खा सिंह की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। ध्येय के प्रति आपकी अटूट लगन और अथक परिश्रम युवाओं के लिए सदैव प्रेरणास्रोत एवं अनुकरणीय रहेंगे।'

मध्य प्रदेश और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों के विचार

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक्स पर लिखा, 'फ्लाइंग सिख, पद्म श्री मिल्खा सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। उन्होंने संघर्षों को सकारात्मक रूप में आत्मसात कर अपनी शक्ति बनाई और सपनों को उपलब्धियों में बदल दिया। उन्होंने अपने खेल कौशल, अनुशासन और ध्येयनिष्ठा से विश्व पटल पर मां भारती को गौरवभूषित किया।' दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी अपनी श्रद्धांजलि में कहा, 'विपरीत परिस्थितियों से जूझते हुए वैश्विक पटल पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाने वाले उनके जीवन का प्रत्येक अध्याय धैर्य, अनुशासन और अटूट संकल्प का प्रतीक रहा।'

उत्तराखंड और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों की भावना

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर लिखा, 'विश्व पटल पर भारत को गौरवान्वित करने वाले महान धावक फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह जी की पुण्यतिथि पर कोटि-कोटि नमन। आपकी प्रेरणादायी जीवन यात्रा एवं उत्कृष्ट खेल प्रतिभा देश के करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।' राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा, 'भारतीय एथलेटिक्स को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाने वाले महान धावक, पद्मश्री से सम्मानित, फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि! उनका संघर्ष, अनुशासन और अद्वितीय उपलब्धियां देश के युवाओं एवं खिलाड़ियों को सदैव उत्कृष्टता की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देती रहेंगी।'

मिल्खा सिंह की अमर विरासत

गौरतलब है कि मिल्खा सिंह ने अपने करियर में भारतीय एथलेटिक्स को अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक अलग पहचान दिलाई। विभाजन की त्रासदी से उबरकर विश्वस्तरीय धावक बनने की उनकी जीवन-यात्रा आज भी भारतीय खेल इतिहास की सबसे प्रेरणादायक कहानियों में से एक मानी जाती है। उनके सम्मान में भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री से नवाज़ा था। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए अनुशासन, संघर्ष और राष्ट्र-गौरव का प्रतीक बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या इन शब्दों से परे भारतीय एथलेटिक्स को वह ढाँचागत समर्थन मिल रहा है जिसके वे हकदार हैं। मिल्खा सिंह का उदय किसी सरकारी योजना का नहीं, बल्कि व्यक्तिगत संघर्ष और अदम्य इच्छाशक्ति का परिणाम था — और यही विरोधाभास आज भी प्रासंगिक है। भारतीय एथलेटिक्स में प्रतिभाओं की कमी नहीं, कमी है तो उस पारिस्थितिकी तंत्र की जो एक और मिल्खा सिंह को तैयार कर सके।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मिल्खा सिंह की पुण्यतिथि कब है?
मिल्खा सिंह की पुण्यतिथि 18 जून को मनाई जाती है। इस दिन देशभर के नेता और खेल जगत से जुड़े लोग उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
मिल्खा सिंह को 'फ्लाइंग सिख' क्यों कहा जाता था?
मिल्खा सिंह को उनकी असाधारण दौड़ने की गति के कारण 'फ्लाइंग सिख' की उपाधि दी गई थी। यह उपाधि उन्हें पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति ने एक अंतरराष्ट्रीय दौड़ में उनके शानदार प्रदर्शन के बाद दी थी।
मिल्खा सिंह को कौन-सा राष्ट्रीय सम्मान मिला था?
मिल्खा सिंह को भारत सरकार द्वारा पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। यह भारत के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में से एक है।
18 जून 2025 को किन नेताओं ने मिल्खा सिंह को श्रद्धांजलि दी?
18 जून को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
मिल्खा सिंह की विरासत भारतीय खेल जगत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
मिल्खा सिंह ने विभाजन की त्रासदी से उबरकर अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स में भारत को पहचान दिलाई, जो उन्हें केवल एक खिलाड़ी नहीं बल्कि राष्ट्रीय प्रेरणा का प्रतीक बनाती है। उनका जीवन अनुशासन, संघर्ष और दृढ़ संकल्प की मिसाल है जो आज भी युवा एथलीटों को दिशा देता है।
राष्ट्र प्रेस
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