30 सितंबर 2026
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गंडक तटबंध टूटा: गोपालगंज के शीतलपुर में बाढ़ का खतरा, CM सम्राट ने चंपारण का हवाई सर्वे किया

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गंडक तटबंध टूटा: गोपालगंज के शीतलपुर में बाढ़ का खतरा, CM सम्राट ने चंपारण का हवाई सर्वे किया

सारांश

गंडक नदी का तटबंध टूटने से गोपालगंज के 9 गाँवों पर बाढ़ का संकट मंडरा रहा है। CM सम्राट चौधरी ने चंपारण का हवाई सर्वे किया। वाल्मीकिनगर बराज से 1,29,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। पश्चिम चंपारण, सारण, मुजफ्फरपुर समेत 6 जिले सतर्कता में हैं।

मुख्य बातें

गोपालगंज के बैकुंठपुर प्रखंड के शीतलपुर में गंडक नदी का तटबंध 30 सितंबर 2026 को क्षतिग्रस्त हो गया।
तटबंध टूटने से 9 गाँवों — फैजुलाहपुर, खोमहारीपुर, सलेमपुर, नरवार, बहरामपुर, गंभारी, बैकुंठपुर, चिउताहा और बनौरा — में बाढ़ का खतरा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने चंपारण के बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए।
वाल्मीकिनगर गंडक बराज से 1,29,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है; डिस्चार्ज का रुझान स्थिर।
पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली — कुल 6 जिले बाढ़ के खतरे में।
जिलाधिकारी समीर सौरभ घटनास्थल पर पहुँचे; राहत-बचाव दल सक्रिय।

बिहार के गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर प्रखंड के शीतलपुर में 30 सितंबर 2026 को गंडक नदी का तटबंध क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे निचले इलाकों में तेज़ी से पानी फैलने लगा और आसपास के कई गाँवों में बाढ़ का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। तटबंध के टूटते ही स्थानीय प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें मौके पर पहुँच गईं। इसी बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने चंपारण के बाढ़-प्रभावित और संभावित प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायज़ा लिया।

कहाँ-कहाँ फैला पानी

तटबंध टूटने के बाद शीतलपुर के अलावा फैजुलाहपुर, खोमहारीपुर, सलेमपुर, नरवार, बहरामपुर, गंभारी के आधे हिस्से, बैकुंठपुर, चिउताहा और बनौरा गाँवों में पानी फैलने की आशंका बढ़ गई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और ज़रूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की अपील की जा रही है। गौरतलब है कि बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का विधानसभा क्षेत्र है, जिन्होंने इससे पहले ही संवेदनशील इलाकों और तटबंधों का निरीक्षण कर अधिकारियों को राहत-बचाव के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए थे।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

गोपालगंज के जिलाधिकारी समीर सौरभ स्वयं घटनास्थल पर पहुँचे और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। जल संसाधन विभाग की टीम तटबंध के क्षतिग्रस्त हिस्से और पानी के फैलाव का आकलन कर रही है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर कड़ी नज़र रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार राहत-बचाव दलों को सक्रिय किया जा रहा है।

CM सम्राट का हवाई सर्वे और निर्देश

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गंडक नदी में बढ़ते जलप्रवाह के बीच चंपारण के बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने प्रशासन को राहत, बचाव और आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर सतर्क एवं तत्पर रहने के निर्देश दिए। गंडक में हालिया भारी जलप्रवाह के कारण पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली सहित कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

बराज से पानी का स्तर और रुझान

जल संसाधन विभाग के बुधवार के आँकड़ों के अनुसार सुबह 8 बजे वाल्मीकिनगर गंडक बराज से 1,31,500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, जो 9 बजे घटकर 1,29,000 क्यूसेक हो गया और 10 तथा 11 बजे भी 1,29,000 क्यूसेक पर स्थिर रहा। विभाग ने बराज के डिस्चार्ज का रुझान 'स्थिर' बताया है। वहीं, सोन बराज इंद्रपुरी का डिस्चार्ज लगातार घटने के कारण उसका रुझान 'फॉलिंग' दर्ज किया गया है।

आगे की तैयारी

गंडक के जलस्तर और तटबंधों की स्थिति को देखते हुए प्रशासन की ओर से निचले इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार के कई उत्तरी जिले पहले से ही मानसूनी बाढ़ की मार झेल रहे हैं। आने वाले घंटों में पानी के फैलाव पर नज़र रखते हुए राहत और बचाव कार्यों को और तेज़ किए जाने की तैयारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी स्थायी तटबंध सुदृढ़ीकरण की रफ़्तार संकट से कहीं पीछे है। मुख्यमंत्री का हवाई सर्वे राजनीतिक दृश्यता देता है, लेकिन असली सवाल यह है कि वाल्मीकिनगर बराज से 1,29,000 क्यूसेक के भारी डिस्चार्ज के बावजूद निचले इलाकों की तैयारी कितनी पुख्ता थी। 6 जिलों में एक साथ खतरे की घंटी यह भी बताती है कि जल संसाधन विभाग की पूर्व-चेतावनी प्रणाली और तटबंध रखरखाव बजट की समीक्षा अब और टाली नहीं जा सकती।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोपालगंज में गंडक तटबंध कहाँ और कब टूटा?
गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर प्रखंड के शीतलपुर में 30 सितंबर 2026 को गंडक नदी का तटबंध क्षतिग्रस्त हुआ। तटबंध टूटते ही निचले इलाकों में पानी फैलने लगा और 9 से अधिक गाँवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा।
किन गाँवों में बाढ़ का सबसे अधिक खतरा है?
फैजुलाहपुर, खोमहारीपुर, सलेमपुर, नरवार, बहरामपुर, गंभारी (आधा हिस्सा), बैकुंठपुर, चिउताहा और बनौरा गाँवों में बाढ़ का खतरा सबसे अधिक है। निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।
CM सम्राट चौधरी ने हवाई सर्वे क्यों किया?
गंडक नदी में भारी जलप्रवाह के कारण चंपारण क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ने पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़-प्रभावित और संभावित प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने प्रशासन को राहत, बचाव और आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर तत्पर रहने के निर्देश दिए।
वाल्मीकिनगर गंडक बराज से कितना पानी छोड़ा जा रहा है?
जल संसाधन विभाग के आँकड़ों के अनुसार बुधवार सुबह 8 बजे वाल्मीकिनगर गंडक बराज से 1,31,500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, जो 9 बजे घटकर 1,29,000 क्यूसेक हो गया और उसके बाद स्थिर रहा। विभाग ने डिस्चार्ज का रुझान 'स्थिर' बताया है।
बिहार के कौन-कौन से जिले इस बाढ़ से प्रभावित हो सकते हैं?
गंडक में भारी जलप्रवाह के कारण पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली — कुल 6 जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ा है। प्रशासन इन सभी जिलों में निचले इलाकों पर नज़र रख रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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