गंडक तटबंध टूटा: गोपालगंज के शीतलपुर में बाढ़ का खतरा, CM सम्राट ने चंपारण का हवाई सर्वे किया
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर प्रखंड के शीतलपुर में 30 सितंबर 2026 को गंडक नदी का तटबंध क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे निचले इलाकों में तेज़ी से पानी फैलने लगा और आसपास के कई गाँवों में बाढ़ का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। तटबंध के टूटते ही स्थानीय प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें मौके पर पहुँच गईं। इसी बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने चंपारण के बाढ़-प्रभावित और संभावित प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायज़ा लिया।
कहाँ-कहाँ फैला पानी
तटबंध टूटने के बाद शीतलपुर के अलावा फैजुलाहपुर, खोमहारीपुर, सलेमपुर, नरवार, बहरामपुर, गंभारी के आधे हिस्से, बैकुंठपुर, चिउताहा और बनौरा गाँवों में पानी फैलने की आशंका बढ़ गई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और ज़रूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की अपील की जा रही है। गौरतलब है कि बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का विधानसभा क्षेत्र है, जिन्होंने इससे पहले ही संवेदनशील इलाकों और तटबंधों का निरीक्षण कर अधिकारियों को राहत-बचाव के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए थे।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
गोपालगंज के जिलाधिकारी समीर सौरभ स्वयं घटनास्थल पर पहुँचे और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। जल संसाधन विभाग की टीम तटबंध के क्षतिग्रस्त हिस्से और पानी के फैलाव का आकलन कर रही है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर कड़ी नज़र रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार राहत-बचाव दलों को सक्रिय किया जा रहा है।
CM सम्राट का हवाई सर्वे और निर्देश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गंडक नदी में बढ़ते जलप्रवाह के बीच चंपारण के बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने प्रशासन को राहत, बचाव और आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर सतर्क एवं तत्पर रहने के निर्देश दिए। गंडक में हालिया भारी जलप्रवाह के कारण पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली सहित कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
बराज से पानी का स्तर और रुझान
जल संसाधन विभाग के बुधवार के आँकड़ों के अनुसार सुबह 8 बजे वाल्मीकिनगर गंडक बराज से 1,31,500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, जो 9 बजे घटकर 1,29,000 क्यूसेक हो गया और 10 तथा 11 बजे भी 1,29,000 क्यूसेक पर स्थिर रहा। विभाग ने बराज के डिस्चार्ज का रुझान 'स्थिर' बताया है। वहीं, सोन बराज इंद्रपुरी का डिस्चार्ज लगातार घटने के कारण उसका रुझान 'फॉलिंग' दर्ज किया गया है।
आगे की तैयारी
गंडक के जलस्तर और तटबंधों की स्थिति को देखते हुए प्रशासन की ओर से निचले इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार के कई उत्तरी जिले पहले से ही मानसूनी बाढ़ की मार झेल रहे हैं। आने वाले घंटों में पानी के फैलाव पर नज़र रखते हुए राहत और बचाव कार्यों को और तेज़ किए जाने की तैयारी है।