गांधी जयंती पर ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक सेक्टरों में विशेष स्वच्छता अभियान, खुले में कूड़ा फेंकने पर जुर्माना
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने 2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर शहर के औद्योगिक सेक्टरों में विशेष स्वच्छता अभियान की शुरुआत की। अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़कों, नालियों, खाली भूखंडों और निर्माण स्थलों के निकट जमा कूड़े व मलबे का वैज्ञानिक पद्धति से निस्तारण करना है। सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने वालों के विरुद्ध जुर्माने की कार्रवाई भी की जाएगी।
अभियान का दायरा और संरचना
प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर यह विशेष अभियान ग्रेटर नोएडा ईस्ट और ग्रेटर नोएडा वेस्ट — दोनों क्षेत्रों में अलग-अलग टीमें गठित कर चलाया जा रहा है। अभियान की निगरानी के लिए दोनों क्षेत्रों में नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं।
ग्रेटर नोएडा ईस्ट की जिम्मेदारी वरिष्ठ प्रबंधक राजेश कुमार को सौंपी गई है, जबकि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में वरिष्ठ प्रबंधक चेतराम सिंह नोडल अधिकारी के रूप में कार्यभार संभाल रहे हैं। टीमें मुख्य सड़कों, आंतरिक मार्गों, नालियों, निर्माण स्थलों और खाली स्थानों की सफाई सुनिश्चित कर रही हैं।
कवर किए जा रहे औद्योगिक सेक्टर
ग्रेटर नोएडा ईस्ट में इकोटेक-1, इकोटेक-1 एक्सटेंशन-1, इकोटेक-1 एक्सटेंशन, इकोटेक-6, इकोटेक-7, इकोटेक-8, इकोटेक-10, इकोटेक-11 और उद्योग विहार (इकोटेक-2) सहित अन्य सेक्टरों को अभियान में शामिल किया गया है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में इकोटेक-3 और इकोटेक-12 समेत संबंधित औद्योगिक क्षेत्रों में विशेष सफाई कराई जा रही है। गौरतलब है कि इन सेक्टरों में बड़ी संख्या में विनिर्माण इकाइयाँ और वेयरहाउस हैं, जहाँ निर्माण मलबा और ठोस अपशिष्ट की समस्या अक्सर सामने आती है।
वैज्ञानिक निस्तारण और सौंदर्यीकरण पर जोर
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अभियान केवल कूड़ा उठाने तक सीमित नहीं रहेगा। सफाई के दौरान निकलने वाले ठोस अपशिष्ट और निर्माण मलबे को अलग-अलग वर्गीकृत कर वैज्ञानिक पद्धति से निस्तारित किया जाएगा। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत औद्योगिक क्षेत्रों में स्वच्छता मानकों को सुधारने पर ज़ोर दिया जा रहा है। प्राधिकरण की यह पहल उस दिशा में एक ठोस स्थानीय कदम मानी जा रही है।
एसीईओ की निगरानी और जुर्माने का प्रावधान
प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस स्वयं इस अभियान की निगरानी कर रही हैं। उनका स्पष्ट निर्देश है कि अभियान के दायरे में आने वाला कोई भी औद्योगिक सेक्टर सफाई से अछूता न रहे। एसीईओ ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों की स्वच्छता के प्रति प्राधिकरण पूरी तरह प्रतिबद्ध है और विशेष टीमों को तैनात कर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
अभियान के दौरान प्राधिकरण की टीमें यह भी सुनिश्चित करेंगी कि औद्योगिक क्षेत्रों में दोबारा खुले में कूड़ा या निर्माण मलबा न डाला जाए। नियमों का उल्लंघन कर सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने वालों के विरुद्ध जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या होगा
प्राधिकरण ने निगरानी तंत्र को मजबूत करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत अधिकारियों की नियमित समीक्षा और मौके पर आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। गांधी जयंती से शुरू हुए इस अभियान को आगे भी निरंतर जारी रखने का संकेत प्राधिकरण की ओर से दिया गया है, ताकि औद्योगिक सेक्टरों में स्वच्छता का स्थायी वातावरण बनाया जा सके।