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क्या नोएडा में स्वच्छता अभियान को गति मिलेगी? कचरा जलाने पर प्राधिकरण ने लगाया 1 लाख रुपए का जुर्माना

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क्या नोएडा में स्वच्छता अभियान को गति मिलेगी? कचरा जलाने पर प्राधिकरण ने लगाया 1 लाख रुपए का जुर्माना

सारांश

नोएडा प्राधिकरण स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में शीर्ष स्थान प्राप्त करने के लिए सफाई और निरीक्षण अभियान चला रहा है। हाल ही में नियमों का उल्लंघन करने पर एक कंपनी पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया, जिससे साफ-सफाई की स्थिति पर ध्यान दिया जा सके। क्या यह अभियान वास्तव में प्रभावी होगा?

मुख्य बातें

स्वच्छता अभियान का उद्देश्य शहर को साफ और सुंदर बनाना है।
नोएडा प्राधिकरण ने कचरा जलाने पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया।
कंपनी को ग्रैप के नियमों का पालन करने की चेतावनी दी गई।
स्वच्छता में लापरवाही नहीं बर्दाश्त की जाएगी।
निरीक्षण और दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।

नोएडा, 15 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में शीर्ष स्थान हासिल करने के लिए, नोएडा प्राधिकरण शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर अभियान चला रहा है। शहर को स्वच्छ एवं सुंदर रखने के उद्देश्य से, प्राधिकरण विभिन्न सेक्टरों और औद्योगिक क्षेत्रों में निरीक्षण कर रहा है और स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जा रही है।

इसी संदर्भ में, शनिवार को नोएडा प्राधिकरण की टीम ने एक निरीक्षण अभियान चलाया। इस अभियान का नेतृत्व इंदु प्रकाश सिंह (जन स्वास्थ्य) और परियोजना अभियंता गौरव बंसल (जन स्वास्थ्य-1) ने किया। निरीक्षण के दौरान औद्योगिक क्षेत्रों में सफाई की स्थिति की गहनता से जांच की गई। जब टीम सेक्टर-54 के एमपी 2 रोड पर स्थित ए-8 के सामने पहुंची, तो वहां सड़क के किनारे बड़ी मात्रा में कचरा पाया गया। जांच में यह भी पाया गया कि कूड़े के बैग्स पर एक पैकर्स एंड मूवर्स कंपनी का नाम था।

कचरे के स्रोत की पुष्टि करने के लिए प्राधिकरण टीम संबंधित कंपनी के पते—सेक्टर-60, बी-23—पर पहुंची। वहां पर एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया। पैकर्स एंड मूवर्स कंपनी ने ग्रैप के नियमों का उल्लंघन करते हुए कचरे को सड़क किनारे जलाने का कार्य किया। इतना ही नहीं, कंपनी द्वारा कचरे को मुख्य सड़क पर फेंककर पर्यावरण और आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण फैलाया जा रहा था।

स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्राधिकरण की सख्त नीति को ध्यान में रखते हुए, टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 1,00,000 (एक लाख रुपए) का जुर्माना लगाया। इसके साथ ही कंपनी को कड़े निर्देश दिए गए कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम और ग्रैप के दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य है। यदि नियमों की अनदेखी की गई, तो कंपनी के खिलाफ और सख्त दंडात्मक कार्रवाई का भी आश्वासन दिया गया है।

नोएडा प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि स्वच्छता अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, शहर को स्वच्छ, प्रदूषण-मुक्त और सर्वेक्षण में अव्वल स्थान पर लाने के लिए निरीक्षण और दंडात्मक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि स्वच्छता अभियान केवल एक स्थानीय मुद्दा नहीं है, बल्कि यह पूरे देश की एक बड़ी आवश्यकता है। नोएडा प्राधिकरण की यह सख्त कार्रवाई अन्य शहरों के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करती है। यह आवश्यक है कि सभी संगठनों और नागरिकों को स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास हो।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में स्वच्छता अभियान का उद्देश्य क्या है?
नोएडा में स्वच्छता अभियान का मुख्य उद्देश्य शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाना है, साथ ही स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में शीर्ष स्थान प्राप्त करना है।
किस कंपनी पर जुर्माना लगाया गया?
पैकर्स एंड मूवर्स कंपनी पर जुर्माना लगाया गया था, जिसने कचरे को सड़क किनारे जलाने का कार्य किया था।
क्या भविष्य में और कार्रवाई की जाएगी?
हां, यदि नियमों का उल्लंघन जारी रहा, तो प्राधिकरण और भी सख्त दंडात्मक कार्रवाई करेगा।
स्वच्छता अभियान के तहत निरीक्षण कब तक जारी रहेगा?
स्वच्छता अभियान के तहत निरीक्षण और दंडात्मक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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