सौरव गांगुली का खंडन: युसूफ पठान को ममता के लिए सीट छोड़ने का संदेश देने की खबर 'वास्तविकता से परे'
सारांश
मुख्य बातें
भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली ने 6 जून 2026 को एक मीडिया रिपोर्ट के विरुद्ध सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी करते हुए उसमें लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि 4 जून 2026 को प्रकाशित उस रिपोर्ट में किए गए दावों का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
विवादित रिपोर्ट में क्या था
प्रश्नगत रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि गांगुली ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद युसूफ पठान से संपर्क कर उन्हें बहरामपुर लोकसभा सीट छोड़ने का संदेश पहुँचाया था। रिपोर्ट के अनुसार यह संदेश पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से था, ताकि वे संभावित उपचुनाव में उस सीट से चुनाव लड़ सकें। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि पठान इस प्रस्ताव के लिए सहमत नहीं हुए।
गांगुली का स्पष्ट खंडन
गांगुली ने अपने बयान में इन सभी दावों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ममता बनर्जी ने उनसे कभी भी युसूफ पठान तक किसी प्रकार का राजनीतिक संदेश पहुँचाने का अनुरोध नहीं किया — न संसदीय सीट छोड़ने के विषय में, और न ही किसी अन्य राजनीतिक मामले में।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने स्वयं भी युसूफ पठान से इस तरह के किसी मुद्दे पर कभी संपर्क नहीं किया। ऐसे में यह प्रश्न ही नहीं उठता कि पठान ने उनके किसी संदेश पर सकारात्मक या नकारात्मक प्रतिक्रिया दी हो। गांगुली ने जोर देकर कहा कि वे किसी भी स्तर पर संबंधित व्यक्तियों के बीच राजनीतिक मामलों में मध्यस्थ की भूमिका में नहीं रहे।
मीडिया से अपील
पूर्व कप्तान ने मीडिया संस्थानों से आग्रह किया कि वे अफवाहों और अटकलों के आधार पर खबरें प्रकाशित करने से बचें। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की प्रतिष्ठा से जुड़े मामलों में तथ्यों की पुष्टि किए बिना उन्हें प्रमुखता देना पत्रकारिता के मूल दायित्व के विरुद्ध है।
गांगुली ने उम्मीद जताई कि आगे मीडिया संस्थान जिम्मेदार पत्रकारिता के मानकों का पालन करेंगे और अपुष्ट सूचनाओं को तथ्य के रूप में प्रस्तुत करने से परहेज करेंगे।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
गौरतलब है कि बहरामपुर लोकसभा सीट राजनीतिक रूप से संवेदनशील रही है। युसूफ पठान ने 2024 के लोकसभा चुनाव में यह सीट TMC के टिकट पर जीती थी। ममता बनर्जी के संभावित उपचुनाव लड़ने की अटकलें समय-समय पर चर्चा में आती रही हैं, जिसकी पृष्ठभूमि में यह रिपोर्ट सामने आई थी।
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में TMC के आंतरिक समीकरणों को लेकर मीडिया में अटकलों का दौर जारी है। गांगुली का यह स्पष्टीकरण उन खबरों पर विराम लगाने की कोशिश है जो बिना उनकी पुष्टि के प्रसारित हुईं।