22 जुलाई 2026
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सौरव गांगुली का खंडन: युसूफ पठान को ममता के लिए सीट छोड़ने का संदेश देने की खबर 'वास्तविकता से परे'

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सौरव गांगुली का खंडन: युसूफ पठान को ममता के लिए सीट छोड़ने का संदेश देने की खबर 'वास्तविकता से परे'

सारांश

सौरव गांगुली ने 6 जून को साफ कहा — ममता बनर्जी ने उन्हें कोई संदेश नहीं दिया, उन्होंने युसूफ पठान से कोई संपर्क नहीं किया। 4 जून की वह रिपोर्ट जिसमें बहरामपुर सीट छोड़ने की 'सिफारिश' का दावा था, गांगुली के अनुसार 'वास्तविकता से परे' है।

मुख्य बातें

सौरव गांगुली ने 6 जून 2026 को 4 जून की एक मीडिया रिपोर्ट के सभी आरोपों को सार्वजनिक रूप से खारिज किया।
रिपोर्ट में दावा था कि गांगुली ने ममता बनर्जी की ओर से युसूफ पठान को बहरामपुर लोकसभा सीट छोड़ने का संदेश दिया।
गांगुली ने स्पष्ट किया कि ममता बनर्जी ने उनसे ऐसा कोई अनुरोध नहीं किया और उन्होंने स्वयं भी पठान से इस विषय पर कभी संपर्क नहीं किया।
गांगुली ने मीडिया से अपील की कि प्रतिष्ठा से जुड़े मामलों में तथ्य-सत्यापन के बाद ही खबर प्रकाशित की जाए।
युसूफ पठान ने 2024 लोकसभा चुनाव में TMC के टिकट पर बहरामपुर सीट जीती थी।

भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली ने 6 जून 2026 को एक मीडिया रिपोर्ट के विरुद्ध सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी करते हुए उसमें लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि 4 जून 2026 को प्रकाशित उस रिपोर्ट में किए गए दावों का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।

विवादित रिपोर्ट में क्या था

प्रश्नगत रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि गांगुली ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद युसूफ पठान से संपर्क कर उन्हें बहरामपुर लोकसभा सीट छोड़ने का संदेश पहुँचाया था। रिपोर्ट के अनुसार यह संदेश पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से था, ताकि वे संभावित उपचुनाव में उस सीट से चुनाव लड़ सकें। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि पठान इस प्रस्ताव के लिए सहमत नहीं हुए।

गांगुली का स्पष्ट खंडन

गांगुली ने अपने बयान में इन सभी दावों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ममता बनर्जी ने उनसे कभी भी युसूफ पठान तक किसी प्रकार का राजनीतिक संदेश पहुँचाने का अनुरोध नहीं किया — न संसदीय सीट छोड़ने के विषय में, और न ही किसी अन्य राजनीतिक मामले में।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने स्वयं भी युसूफ पठान से इस तरह के किसी मुद्दे पर कभी संपर्क नहीं किया। ऐसे में यह प्रश्न ही नहीं उठता कि पठान ने उनके किसी संदेश पर सकारात्मक या नकारात्मक प्रतिक्रिया दी हो। गांगुली ने जोर देकर कहा कि वे किसी भी स्तर पर संबंधित व्यक्तियों के बीच राजनीतिक मामलों में मध्यस्थ की भूमिका में नहीं रहे।

मीडिया से अपील

पूर्व कप्तान ने मीडिया संस्थानों से आग्रह किया कि वे अफवाहों और अटकलों के आधार पर खबरें प्रकाशित करने से बचें। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की प्रतिष्ठा से जुड़े मामलों में तथ्यों की पुष्टि किए बिना उन्हें प्रमुखता देना पत्रकारिता के मूल दायित्व के विरुद्ध है।

गांगुली ने उम्मीद जताई कि आगे मीडिया संस्थान जिम्मेदार पत्रकारिता के मानकों का पालन करेंगे और अपुष्ट सूचनाओं को तथ्य के रूप में प्रस्तुत करने से परहेज करेंगे।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

गौरतलब है कि बहरामपुर लोकसभा सीट राजनीतिक रूप से संवेदनशील रही है। युसूफ पठान ने 2024 के लोकसभा चुनाव में यह सीट TMC के टिकट पर जीती थी। ममता बनर्जी के संभावित उपचुनाव लड़ने की अटकलें समय-समय पर चर्चा में आती रही हैं, जिसकी पृष्ठभूमि में यह रिपोर्ट सामने आई थी।

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में TMC के आंतरिक समीकरणों को लेकर मीडिया में अटकलों का दौर जारी है। गांगुली का यह स्पष्टीकरण उन खबरों पर विराम लगाने की कोशिश है जो बिना उनकी पुष्टि के प्रसारित हुईं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे ऐसी रिपोर्टें उर्वर ज़मीन पाती हैं। लेकिन जब एक सार्वजनिक व्यक्ति स्पष्ट रूप से कहे कि उसे न किसी ने संपर्क किया, न उसने किसी को — तो मूल रिपोर्ट के स्रोत और उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। यह प्रकरण याद दिलाता है कि राजनीतिक अटकलों को तथ्य की तरह परोसने की प्रवृत्ति किसी भी व्यक्ति की साख को नुकसान पहुँचा सकती है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सौरव गांगुली ने किस रिपोर्ट का खंडन किया?
गांगुली ने 4 जून 2026 को प्रकाशित उस रिपोर्ट का खंडन किया जिसमें दावा था कि उन्होंने ममता बनर्जी की ओर से युसूफ पठान को बहरामपुर लोकसभा सीट छोड़ने का संदेश दिया। उन्होंने 6 जून को सार्वजनिक बयान जारी कर इसे पूरी तरह निराधार बताया।
क्या ममता बनर्जी ने गांगुली से युसूफ पठान तक संदेश पहुँचाने को कहा था?
गांगुली के अनुसार, ममता बनर्जी ने उनसे कभी भी युसूफ पठान तक किसी प्रकार का राजनीतिक संदेश पहुँचाने का अनुरोध नहीं किया — न सीट छोड़ने के विषय में, न किसी अन्य राजनीतिक मामले में।
बहरामपुर लोकसभा सीट का विवाद क्या है?
युसूफ पठान ने 2024 के लोकसभा चुनाव में बहरामपुर सीट TMC के टिकट पर जीती थी। मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि ममता बनर्जी संभावित उपचुनाव में इस सीट से चुनाव लड़ सकती हैं, और इसी संदर्भ में गांगुली का नाम जोड़ा गया था।
गांगुली ने मीडिया से क्या अपील की?
गांगुली ने मीडिया संस्थानों से आग्रह किया कि किसी भी व्यक्ति की प्रतिष्ठा से जुड़े मामलों में तथ्यों की पुष्टि किए बिना खबर प्रकाशित न की जाए। उन्होंने जिम्मेदार पत्रकारिता के मानकों का पालन करने की उम्मीद जताई।
क्या युसूफ पठान ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया दी?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार युसूफ पठान की ओर से इस विवाद पर कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है। गांगुली ने अपने बयान में कहा कि चूँकि उन्होंने पठान से कोई संपर्क ही नहीं किया, इसलिए पठान की किसी प्रतिक्रिया का सवाल ही नहीं उठता।
राष्ट्र प्रेस
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