यूसुफ पठान को मिली थी 'घर बुलडोजर से गिरा देंगे' की धमकी — मेहदी का संसद वाला चौंकाने वाला खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने 15 जून 2026 को एक चौंकाने वाला दावा किया — संसद के पिछले शीतकालीन सत्र के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसद यूसुफ पठान को एक अन्य विपक्षी सांसद ने कथित तौर पर यह कहते हुए डराया कि भाजपा उनका गुजरात स्थित घर बुलडोजर से गिरा देगी। मेहदी के अनुसार यह घटना उस समय की है जब पूरा विपक्ष सदन में एसआईआर (SIR) और अन्य मुद्दों के विरुद्ध प्रदर्शन कर रहा था।
मुख्य घटनाक्रम
मेहदी ने बताया कि शीतकालीन सत्र के दौरान तृणमूल कांग्रेस के सांसद हमेशा की तरह सदन के वेल में आगे बढ़कर निडरता से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने एक प्रमुख मुस्लिम सांसद — जो TMC से नहीं थे — को यूसुफ पठान पर चिल्लाते और उन्हें प्रदर्शन से हटने के लिए कहते सुना।
मेहदी के अनुसार उस सांसद ने पठान से कहा, 'तुम्हें क्या हो गया है? तुम भाजपा के खिलाफ विरोध क्यों कर रहे हो? खुद को दुश्मन क्यों बना रहे हो? वे गुजरात में तुम्हारा घर बुलडोजर से गिरा देंगे।' इसके बाद यूसुफ पठान पीछे हट गए और अपनी सीट पर वापस आ गए। मेहदी ने कहा कि पठान के चेहरे पर स्पष्ट बदलाव था और वह लगभग कांप रहे थे।
महुआ मित्रा की प्रतिक्रिया
मेहदी ने बताया कि उसी दौरान TMC सांसद महुआ मित्रा वहाँ पहुँचीं और उन्होंने पूरी बात सुनी। महुआ ने पठान को आश्वस्त करते हुए कहा कि उस व्यक्ति की बात न मानें — 'हम तुम्हारे साथ हैं, हम एक हैं, और कोई भी तुम्हें या तुम्हारे परिवार को छूने की हिम्मत नहीं करेगा।' मेहदी ने इस प्रसंग को साझा करते हुए TMC और महुआ मित्रा के प्रति सहानुभूति जताई, यह कहते हुए कि उन्होंने पठान का साथ दिया, लेकिन बाद में पठान और उनके साथियों ने पार्टी को धोखा दिया।
TMC में बगावत की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में आंतरिक दरार गहरी हो गई है। बहरामपुर से सांसद यूसुफ पठान और अभिनेत्री-सांसद सयानी घोष सहित कई नाम बागी खेमे में शामिल बताए जा रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब TMC अपनी राष्ट्रीय प्रासंगिकता को बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही है।
आगे क्या
मेहदी के इस खुलासे ने विपक्षी एकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि वह 'प्रमुख मुस्लिम सांसद' कौन थे जिन्होंने कथित तौर पर पठान को डराया — मेहदी ने उनका नाम सार्वजनिक नहीं किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह प्रकरण दर्शाता है कि विपक्षी गठबंधन के भीतर भी दबाव और भय की राजनीति सक्रिय रही है।