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एनसीपीआई एकजुट है, देशहित सर्वोपरि: यूसुफ पठान का एनडीए बैठक पर बयान

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एनसीपीआई एकजुट है, देशहित सर्वोपरि: यूसुफ पठान का एनडीए बैठक पर बयान

सारांश

एनसीपीआई सांसद यूसुफ पठान ने एनडीए बैठक में भागीदारी को देशहित और गर्व की बात बताया, जबकि टीएमसी ने पार्टी से स्थिति स्पष्ट करने की माँग की। बैठक में लाउडस्पीकर विवाद समेत दो मुद्दे उठाए गए।

मुख्य बातें

एनसीपीआई सांसद यूसुफ पठान ने 6 अगस्त को कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और देशहित में एनडीए का समर्थन करेगी।
अबू ताहिर खान के नेतृत्व में एनसीपीआई प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की; बैठक में मस्जिद लाउडस्पीकर विवाद प्रमुख मुद्दा रहा।
टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने एनसीपीआई से अपनी राजनीतिक स्थिति स्पष्ट करने की माँग की।
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि 20 जुलाई की घटना के बाद से गृह मंत्री संसद में नहीं आए और न माफी माँगी।

नई दिल्ली, 6 अगस्त को नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) के सांसद यूसुफ पठान ने स्पष्ट किया कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और एनडीए की बैठक में भागीदारी को लेकर कोई मतभेद नहीं है। पठान ने कहा कि देशहित में जो भी उचित होगा, एनसीपीआई उसका समर्थन करेगी।

यूसुफ पठान का बयान

पत्रकारों से बातचीत में यूसुफ पठान ने कहा, 'हम सभी एनसीपीआई में एकजुट हैं। हम देश के हित में जो भी बेहतर होगा, वही करेंगे। हमें एनडीए की ओर से सूचित किया गया था और फोन कॉल भी आया था। जब निमंत्रण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या गृह मंत्री अमित शाह की ओर से मिलता है तो उसमें शामिल होना चाहिए। यह गर्व की बात है। हम एनसीपीआई के साथ खड़े हैं और देश के लिए जो भी लाभकारी होगा उसका समर्थन करेंगे।'

बैठक में उठाए गए मुद्दे

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद एनसीपीआई सांसद अबू ताहिर खान ने बताया कि बैठक में शताब्दी रॉय, असित कुमार मल, खलीकुर रहमान और यूसुफ पठान भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि बैठक में दो मुख्य मुद्दे उठाए गए। पहला मुद्दा मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने का था, जिसे उन्होंने समुदाय की भावनाओं से जुड़ा विषय बताया।

तृणमूल कांग्रेस की आपत्ति

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद सौगत रॉय ने एनसीपीआई के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा, 'अगर एनसीपीआई एनडीए के साथ जा रही है तो उसे अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। अगर वे एनडीए के साथ हैं तो उन्हें भाजपा के साथ जाना चाहिए और उसकी नीतियों को अपनाना चाहिए।' सौगत रॉय ने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ भाजपा सरकार ने मस्जिदों में लाउडस्पीकर पर रोक लगाई है, गो-हत्या पर प्रतिबंध लगाया है और बीफ बेचने वाली दुकानें बंद करवाई हैं।

महुआ मोइत्रा का निशाना

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने गृह मंत्री अमित शाह की संसद में अनुपस्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, '20 जुलाई की घटना के बाद से गृह मंत्री न तो सदन आए हैं, न माफी मांगी है और न ही इस मामले पर कोई बयान दिया है।' यह टिप्पणी संसद सत्र के बीच राजनीतिक तापमान को और बढ़ाती है।

आगे क्या

एनसीपीआई का यह रुख संसदीय गणित के लिहाज़ से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल गठबंधन की सीमाओं को परखने में लगे हैं। आने वाले दिनों में एनसीपीआई की स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुविचारित संकेत है — खासकर तब जब टीएमसी जैसी पार्टियाँ गठबंधन की सीमाएँ खींचने में लगी हैं। असली सवाल यह है कि एनसीपीआई की यह 'देशहित' की भाषा किस हद तक स्वतंत्र राजनीतिक पहचान बनाए रखती है और कब वह एनडीए के एजेंडे का विस्तार बन जाती है। लाउडस्पीकर जैसे सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील मुद्दों पर चुप्पी और सहमति के बीच की रेखा धुंधली होती जा रही है, जो अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिनिधित्व के दावे करने वाली पार्टी के लिए जवाबदेही का सवाल खड़ा करती है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूसुफ पठान ने एनडीए बैठक पर क्या कहा?
यूसुफ पठान ने कहा कि एनसीपीआई पूरी तरह एकजुट है और जब प्रधानमंत्री मोदी या गृह मंत्री शाह की ओर से निमंत्रण मिले तो उसमें शामिल होना गर्व की बात है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी देशहित में जो भी उचित होगा, उसका समर्थन करेगी।
एनसीपीआई और अमित शाह की बैठक में कौन-से मुद्दे उठाए गए?
सांसद अबू ताहिर खान के अनुसार बैठक में दो मुख्य मुद्दे उठाए गए, जिनमें से पहला मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने का मुद्दा था, जिसे उन्होंने समुदाय की भावनाओं से जुड़ा विषय बताया।
टीएमसी ने एनसीपीआई के रुख पर क्या आपत्ति जताई?
टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि एनसीपीआई को अपनी राजनीतिक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि अगर पार्टी एनडीए के साथ है तो उसे भाजपा की नीतियाँ भी अपनानी होंगी।
महुआ मोइत्रा ने अमित शाह पर क्या आरोप लगाया?
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि 20 जुलाई की घटना के बाद से गृह मंत्री अमित शाह न तो संसद में आए, न माफी माँगी और न ही इस मामले पर कोई बयान दिया।
एनसीपीआई क्या है और इसका एनडीए से क्या संबंध है?
नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) एक राजनीतिक दल है जिसके सांसद लोकसभा में हैं। पार्टी ने एनडीए की बैठक में भागीदारी को देशहित से जोड़ा है, हालाँकि औपचारिक गठबंधन की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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