23 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

यूपी गठबंधन पर जल्द फैसला हो — कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की माँग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
यूपी गठबंधन पर जल्द फैसला हो — कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की माँग

सारांश

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने साफ किया — गठबंधन का फैसला राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा, लेकिन देरी से संगठन की तैयारियों पर असर पड़ेगा। सपा के साथ गठजोड़ की तस्वीर अभी धुंधली है और कांग्रेस के भीतर अकेले चुनाव लड़ने की आवाज़ें भी उठने लगी हैं।

मुख्य बातें

यूपी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने 23 सितंबर 2026 को कहा कि गठबंधन पर अंतिम फैसला पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा।
राय ने चेताया कि गठबंधन निर्णय में देरी से संगठनात्मक तैयारियों के लिए उपलब्ध समय घटेगा।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा — गठबंधन फाइनल हो, वरना कांग्रेस अकेले चुनाव की तैयारी करेगी।
सपा सांसद इकरा हसन की गठबंधन पर टिप्पणी पर राय ने संयमित जवाब दिया, कहा — 'आगे क्या होगा, समय बताएगा।' राय के अनुसार पूर्व विधायक, पूर्व सांसद और आजाद पार्टी के सदस्य कांग्रेस में शामिल हुए हैं।

कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने 23 सितंबर 2026 को स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में गठबंधन को लेकर अंतिम निर्णय पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा, लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस फैसले में और देरी संगठनात्मक तैयारियों को नुकसान पहुँचा सकती है। राय ने कहा कि चुनावी रणनीति और जमीनी काम के लिए पार्टी को पर्याप्त समय चाहिए।

राय का बयान: समय की है ज़रूरत

अजय राय ने कहा, 'गठबंधन को लेकर जो भी बातचीत चल रही है, उस पर राष्ट्रीय नेतृत्व ही फैसला करेगा। पार्टी को चुनावी तैयारियों और जनता के बीच सक्रिय रूप से काम करने के लिए समय चाहिए।' उन्होंने अपने पिछले कार्यकाल का हवाला देते हुए बताया कि संगठन में लंबे समय तक काम करने से जमीनी स्तर पर पार्टी मजबूत हुई थी।

राय ने रेखांकित किया कि लोगों के बीच जाने, उनसे जुड़ने और कांग्रेस की बात रखने के लिए समय की आवश्यकता होती है। उनके अनुसार, गठबंधन पर निर्णय जितना लंबा खिंचेगा, संगठनात्मक तैयारियों के लिए उपलब्ध समय उतना ही कम होता जाएगा।

कार्यकर्ताओं की भूमिका और पार्टी की सक्रियता

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राय ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मेहनत को उजागर किया। उन्होंने कहा कि जहाँ भी अत्याचार, अन्याय या दुर्घटनाएँ हुईं, पार्टी के कार्यकर्ता जमीन पर मौजूद रहे और आम जनता के साथ खड़े रहे।

राय ने दावा किया कि पार्टी की इस सक्रियता के चलते पूर्व विधायक, पूर्व सांसद और आजाद पार्टी के सदस्य सहित विभिन्न दलों के नेता कांग्रेस से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज हर जगह दिखाई दे रही है और विभिन्न मुद्दों पर संघर्ष कर रही है।

सपा सांसद इकरा हसन की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया

समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन की गठबंधन पर की गई टिप्पणी पर राय ने संयमित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इकरा हसन सांसद हैं और उन्होंने अपनी राय रखी है, आगे क्या होगा यह समय बताएगा। यह टिप्पणी इशारा करती है कि दोनों दलों के बीच गठबंधन की बातचीत अभी अनिश्चित दौर में है।

इमरान मसूद का रुख: गठबंधन या अकेले चुनाव

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि अगर गठबंधन को अंतिम रूप नहीं दिया गया, तो कांग्रेस अपनी तैयारी खुद करेगी। उन्होंने कहा था कि राजनीतिक माहौल ऐसा है कि पूरे देश में कांग्रेस के बिना आगे नहीं बढ़ा जा सकता।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ धीरे-धीरे तेज हो रही हैं और गठबंधन की रूपरेखा अभी तक तय नहीं हो पाई है। गौरतलब है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और सपा ने अलग-अलग लड़ा था, और उसके बाद से दोनों दलों के बीच गठजोड़ की संभावनाओं पर बहस लगातार जारी रही है।

आगे क्या होगा

कांग्रेस का राष्ट्रीय नेतृत्व अब इस मामले में निर्णायक भूमिका में है। राय की माँग है कि जल्द से जल्द गठबंधन पर स्थिति स्पष्ट हो, ताकि पार्टी यूपी में अपनी जमीनी तैयारी पूरी दमखम से शुरू कर सके। आने वाले हफ्तों में कांग्रेस की केंद्रीय राजनीतिक समिति की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना बताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके भीतर एक राजनीतिक दबाव साफ झलकता है — अगर राष्ट्रीय नेतृत्व ने जल्द फैसला नहीं किया, तो जमीनी नुकसान की जिम्मेदारी केंद्रीय नेताओं पर जाएगी। इमरान मसूद की 'अकेले लड़ेंगे' वाली लाइन और राय की 'समय चाहिए' वाली माँग मिलकर संकेत देती हैं कि यूपी कांग्रेस के भीतर धैर्य टूट रहा है। 2022 में अलग लड़कर कांग्रेस को यूपी में बेहद कम सीटें मिली थीं — उस अनुभव के बाद भी अगर गठबंधन की बातचीत इतनी लंबी खिंच रही है, तो यह दोनों दलों के बीच आपसी भरोसे की कमी को उजागर करता है।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अजय राय ने यूपी गठबंधन पर क्या कहा?
यूपी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि गठबंधन पर अंतिम फैसला पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा, लेकिन यह फैसला जल्द होना चाहिए ताकि पार्टी के पास संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारी के लिए पर्याप्त समय रहे।
कांग्रेस और सपा के बीच यूपी गठबंधन की क्या स्थिति है?
23 सितंबर 2026 तक यूपी में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। कांग्रेस नेतृत्व के भीतर से अकेले चुनाव लड़ने की आवाज़ें भी उठ रही हैं।
इमरान मसूद ने यूपी चुनाव को लेकर क्या कहा?
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि अगर गठबंधन फाइनल नहीं होता, तो कांग्रेस अपनी तैयारी खुद करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि देशभर में राजनीतिक माहौल ऐसा है कि कांग्रेस के बिना आगे नहीं बढ़ा जा सकता।
सपा सांसद इकरा हसन ने गठबंधन पर क्या टिप्पणी की थी?
सपा सांसद इकरा हसन ने गठबंधन को लेकर टिप्पणी की थी, जिस पर अजय राय ने संयमित प्रतिक्रिया दी और कहा कि आगे क्या होगा यह समय बताएगा। राय ने कोई सीधा विवाद खड़ा करने से परहेज किया।
यूपी कांग्रेस में कौन से नेता हाल ही में पार्टी से जुड़े हैं?
अजय राय के अनुसार कांग्रेस की जमीनी सक्रियता के चलते पूर्व विधायक, पूर्व सांसद और आजाद पार्टी के सदस्य सहित विभिन्न दलों के नेता पार्टी से जुड़े हैं, हालाँकि उन्होंने किसी का नाम स्पष्ट नहीं किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले