गौतमबुद्धनगर पुलिस परिवार के 7 मेधावी छात्रों को सम्मान, 90% से अधिक अंक पर मिला पुरस्कार
सारांश
मुख्य बातें
पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में 8 जून 2026 को पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के मेधावी बच्चों को सम्मानित करने के लिए एक विशेष पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2025-26 में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले 7 छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार देकर नवाज़ा गया। यह आयोजन पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में वामा सारथी, उत्तर प्रदेश पुलिस वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में पुलिस लाइन्स स्थित बहुउद्देशीय हॉल में संपन्न हुआ।
मुख्य घटनाक्रम
समारोह का आयोजन डीसीपी मुख्यालय के पर्यवेक्षण में एसीपी पुलिस लाइन्स द्वारा किया गया। कार्यक्रम में उन विद्यार्थियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया जिन्होंने बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पुलिस परिवार का नाम रोशन किया है। कुल 7 छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए।
एसीपी शकील मोहम्मद का संबोधन
एसीपी लाइन्स शकील मोहम्मद ने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि 'कठिन परिश्रम, अनुशासन और समर्पण ही सफलता की कुंजी है।' उन्होंने यह भी कहा कि इन बच्चों की उपलब्धि केवल उनके परिवार के लिए नहीं, बल्कि समूचे पुलिस विभाग के लिए गर्व का विषय है।
वेलफेयर एसोसिएशन की भागीदारी
उत्तर प्रदेश पुलिस वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्षा ने लखनऊ मुख्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने पुलिस परिवारों के कल्याण और बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी साझा की।
आठ कोचिंग संस्थानों के साथ एमओयू
कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत पुलिस कर्मियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 8 प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों के साथ किए गए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) की जानकारी दी गई। इन एमओयू के तहत पुलिस कर्मियों के बच्चों को रियायती दरों पर कोचिंग सुविधाएं मिलेंगी। उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों को इस संबंध में विस्तार से अवगत कराया गया।
आगे की राह
यह पहल पुलिस विभाग के भीतर शैक्षिक प्रोत्साहन की संस्कृति को मज़बूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। रियायती कोचिंग व्यवस्था लागू होने से पुलिस परिवारों के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में व्यापक सहायता मिलने की उम्मीद है।