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क्या जर्मन बिजनेस डेलीगेशन ने गुजरात सरकार के साथ निवेश और टेक्नोलॉजी साझेदारी पर चर्चा की?

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क्या जर्मन बिजनेस डेलीगेशन ने गुजरात सरकार के साथ निवेश और टेक्नोलॉजी साझेदारी पर चर्चा की?

सारांश

गुजरात में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में जर्मन बिजनेस डेलीगेशन ने निवेश और टेक्नोलॉजी साझेदारी पर चर्चा की। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने जर्मन उद्योग के साथ मजबूत संबंधों की आवश्यकता पर जोर दिया और सप्लाई चेन में विविधता लाने की दिशा में कदम उठाए।

मुख्य बातें

गुजरात ने जर्मन उद्योगों के साथ सहयोग की दिशा में कदम उठाए हैं।
बैठक में एसएमई सेक्टर को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
जर्मन कंपनियों के लिए गुजरात में निवेश को आसान बनाने के लिए हेल्प डेस्क की स्थापना की जाएगी।

गांधीनगर, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और जर्मनी के स्टेट सेक्रेटरी स्टीफन रूएनहोफ के नेतृत्व में एक हाई-लेवल बैठक आयोजित की गई। यह जर्मन बिजनेस डेलीगेशन इंडिया-जर्मन सीईओ फोरम में भाग लेने के लिए भारत और गुजरात के दौरे पर है।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की उपस्थिति में सीईओ फोरम की सफलता के लिए डेलीगेशन को बधाई दी और गुजरात में उनका स्वागत किया।

इस डेलीगेशन के सदस्य देश की जीडीपी ग्रोथ में गुजरात के महत्वपूर्ण योगदान से प्रभावित हुए हैं, जो 8 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने कहा कि वे एसएमई सेक्टर में व्यापार और आर्थिक संबंधों को बढ़ाने के लिए विशेष रूप से उत्सुक हैं।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशा-निर्देश में देश के राज्यों की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जर्मन उद्योग ने गुजरात पर जो विश्वास जताया है, उसे और मजबूत करके हम आपसी सहयोग से और अधिक प्रगति कर सकते हैं।

उन्होंने बैठक के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री जर्मनी के साथ एक विश्वसनीय मित्र की तरह आगे बढ़ना चाहते हैं। हमारा उद्देश्य गुजरात और जर्मनी के बीच औद्योगिक संबंधों को और गहरा और दीर्घकालिक विकसित करना है। मुख्यमंत्री ने इस बैठक में जर्मन उद्योगों के निवेश को सरल बनाने के लिए एक हेल्प डेस्क शुरू करने के निर्देश भी दिए।

जर्मन स्टेट सेक्रेटरी स्टीफन रूएनहोफ ने कहा कि जर्मनी अपनी सप्लाई चेन में विविधता लाना चाहता है और उम्मीद करता है कि गुजरात लॉजिस्टिक्स, उत्पादन संरचना और आर्थिक ढांचे के मामले में उनकी पसंद बनेगा।

उन्होंने आगे कहा कि गुजरात ऊर्जा क्षेत्र में नेता है और उसे नवीकरणीय ऊर्जा में ग्रिड और स्टोरेज के लिए जर्मन तकनीकी विशेषज्ञता से समर्थन मिल सकता है।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि गुजरात प्रधानमंत्री के दिए गए विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण में नेतृत्व लेने के लिए तैयार है। 2030 तक 100 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन के लक्ष्य के साथ-साथ, 2047 तक विकसित गुजरात का रोडमैप तैयार किया गया है।

इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री ने गुजरात को एक खास पहचान दी है। हाइब्रिड नवीकरणीय ऊर्जा नीति, आईटी नीति, ग्रीन हाइड्रोजन नीति जैसी क्षेत्र-विशिष्ट नीतियों का लाभ उठाकर, जर्मन उद्योग गुजरात के साथ उन क्षेत्रों में सहयोग कर सकती हैं जो उन्हें सूट करते हैं।

इस डेलीगेशन के सदस्य और सीमेंस के सीईओ रोनाल्ड बुश ने सुझाव दिए कि गुजरात में एसएमई और अन्य उद्योग सप्लाई चेन का हिस्सा कैसे बन सकते हैं।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ चर्चा में जर्मनी के विभिन्न सेक्टर के 30 से अधिक बड़े उद्योग और निवेशक शामिल हुए, जिनमें डेलो इंडस्ट्रीक्लेबस्टोफ़ के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. कार्ल बिटज़र, ब्रुकनर ट्रॉकेनटेक्निक के सीईओ रेजिना ब्रुकनर, वेबैस्टो एसई के सीईओ जॉर्ग बुचहाइम, टीकेएमएस एजी के एमडी ओलिवर बर्कहार्ड और डॉ. वुल्फ ग्रुप के मैनेजिंग पार्टनर एडुआर्ड रिचर्ड डोरेनबर्ग शामिल थे। इस डेलीगेशन के सभी सदस्यों ने गुजरात की मेहमाननवाज़ी की भी तारीफ़ की।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में भी नई संभावनाओं का द्वार खोलेगा।
RashtraPress
7 नवंबर 2026
राष्ट्र प्रेस
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