घाटकोपर स्काईवॉक से 9 महीने के शिशु को फेंका, पिता जफर शेख गिरफ्तार; बच्चा सायन ICU में
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के घाटकोपर पश्चिम रेलवे स्टेशन के स्काईवॉक पर 25 अक्टूबर 2026 की रात एक अत्यंत गंभीर घटना हुई, जिसमें 23 वर्षीय आरोपी पिता जफर जहांगीर शेख पर अपने 9 महीने के शिशु को स्काईवॉक से नीचे फेंकने का आरोप है। गंभीर रूप से घायल बच्चे का फिलहाल सायन अस्पताल के आईसीयू में इलाज चल रहा है, और पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना का क्रम
25 अक्टूबर की रात लगभग रात 8 बजे, आरोपी की पत्नी 22 वर्षीय आरती शेख अपने बेटे के साथ घाटकोपर पश्चिम रेलवे स्टेशन के स्काईवॉक पर खड़ी थीं। पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, तभी जफर वहाँ पहुँचा और बच्चे को अपने साथ ले जाने की ज़िद करने लगा। आरोप है कि उसने आरती की गोद से बच्चे को छीन लिया, गाली-गलौज की और माँ व बच्चे दोनों को स्काईवॉक से नीचे फेंकने की धमकी दी।
जब आरती ने बच्चे को वापस करने की गुहार लगाई, तो आरोपी ने आवेश में आकर मासूम को स्काईवॉक से नीचे फेंक दिया। घटना के बाद स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आरती तुरंत नीचे पहुँचीं, जहाँ उनका बेटा खून से लथपथ हालत में पड़ा था।
चिकित्सा स्थिति
सूचना मिलने पर घाटकोपर पुलिस मौके पर पहुँची और घायल शिशु को पहले राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया। वहाँ प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बेहतर देखभाल के लिए बच्चे को सायन अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल शिशु की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे आईसीयू में रखा गया है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और आरोपी का इतिहास
आरती और जफर ने लगभग दो वर्ष पूर्व प्रेम विवाह किया था और घाटकोपर रेलवे स्टेशन के नज़दीक रहते थे। शिकायत के अनुसार, आरती की गर्भावस्था के दौरान ही दोनों के बीच तनाव शुरू हो गया था और पिछले करीब एक वर्ष से छोटी-छोटी बातों पर अक्सर झगड़े होते रहे। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि जफर को व्हाइटनर सूंघकर नशा करने की आदत पड़ गई थी। आरोपी कपड़े बेचने का काम करता है।
गौरतलब है कि यह घटना उस समय सामने आई है जब घरेलू हिंसा और नशे के कारण बच्चों पर होने वाले अत्याचार की घटनाएँ महानगरों में चिंता का विषय बन रही हैं।
पुलिस कार्रवाई
घाटकोपर पुलिस ने सायन अस्पताल में आरती का बयान दर्ज किया। आरती की शिकायत के आधार पर आरोपी जफर जहांगीर शेख के विरुद्ध मामला पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जाँच जारी है।
आगे की स्थिति
शिशु की हालत पर चिकित्सकों की कड़ी निगरानी बनी हुई है। पुलिस मामले की विस्तृत जाँच कर रही है और यह देखा जाएगा कि आरोपी के खिलाफ किन धाराओं में आरोप-पत्र दाखिल किया जाता है। यह मामला एक बार फिर नशे की लत और घरेलू विवादों के बच्चों पर पड़ने वाले विनाशकारी प्रभाव को उजागर करता है।