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बांदा रेलवे स्टेशन से 2 वर्षीय शिवांश का अपहरण, पुलिस ने नहर से सकुशल बचाया; आरोपी किशन गिरफ्तार

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बांदा रेलवे स्टेशन से 2 वर्षीय शिवांश का अपहरण, पुलिस ने नहर से सकुशल बचाया; आरोपी किशन गिरफ्तार

सारांश

बांदा रेलवे स्टेशन से 2 वर्षीय शिवांश का अपहरण, आरोपी द्वारा बच्चे को नहर में फेंकने की कोशिश — लेकिन पुलिस, आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त घेराबंदी ने आरोपी किशन को रंगे हाथों पकड़ा और बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला।

मुख्य बातें

24 मई की शाम 5:30 बजे बांदा रेलवे स्टेशन से 2 वर्षीय शिवांश का अपहरण हुआ।
बच्चे की माँ आरती परिवार सहित मुंबई जाने के लिए स्टेशन पर थीं।
त्रिनेत्र कैमरों और सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की दिशा तेंदुआरी रोड की ओर ट्रेस की गई।
आरोपी किशन ने घेराबंदी के दौरान बच्चे को नहर में फेंका ; पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित निकाला और आरोपी को गिरफ्तार किया।
जीआरपी थाने में आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज; पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी।

उत्तर प्रदेश के बांदा रेलवे स्टेशन से 2 वर्षीय बच्चे शिवांश को 24 मई की शाम अगवा कर लिया गया। आरपीएफ और जीआरपी की त्वरित सक्रियता तथा डायल 112 के माध्यम से जिला पुलिस को सूचित किए जाने के बाद, कई टीमों ने संयुक्त अभियान चलाया और बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। आरोपी किशन को गिरफ्तार कर लिया गया है।

घटनाक्रम: कैसे हुआ अपहरण

बच्चे की माँ आरती अपने भाई और उनके परिवार के साथ मुंबई जाने के लिए बांदा रेलवे स्टेशन पर पहुँची थी। उन्हें पहले मानिकपुर रेलवे स्टेशन जाना था, जहाँ से मुंबई के लिए ट्रेन पकड़नी थी। इसी दौरान शाम 5:30 बजे एक अज्ञात व्यक्ति ने 2 वर्षीय शिवांश को अगवा कर लिया।

घटना की जानकारी रात 8:30 बजे डायल 112 पर मिली। जीआरपी और आरपीएफ के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिनसे पुष्टि हुई कि बच्चे को तेंदुआरी रोड की दिशा में ले जाया गया था।

पुलिस का अभियान और बरामदगी

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवराज ने बताया कि त्रिनेत्र कैमरों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की दिशा का पता लगाया गया। कोतवाली देहात के एसएचओ ने घेराबंदी की, जिससे घिरा हुआ आरोपी बच्चे को नहर में फेंककर भागने की कोशिश करने लगा।

पुलिस ने तत्काल आरोपी किशन को दबोच लिया। पूछताछ के बाद बच्चे को नहर से निकाला गया। एसपी की ओर से बनाई गई कई टीमों की सक्रियता के चलते यह अभियान सफल रहा।

परिजनों को सौंपा बच्चा, जीआरपी में मुकदमा दर्ज

बच्चे को सकुशल बरामद करने के बाद उसके परिजनों को बुलाया गया। जीआरपी और आरपीएफ की टीमें भी मौके पर पहुँचीं। जीआरपी थाने में आरोपी किशन के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवराज के अनुसार, पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आगे की कार्रवाई

पुलिस आरोपी किशन से पूछताछ जारी रखे हुए है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अपहरण के पीछे की मंशा क्या थी और क्या इसमें कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था। मामले में विधिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो तकनीक-आधारित पुलिसिंग की सफलता का उदाहरण है। लेकिन यह सवाल भी उठता है कि अपहरण के तीन घंटे बाद डायल 112 पर सूचना क्यों मिली — क्या स्टेशन पर तैनात सुरक्षाकर्मी इसे पहले रोक सकते थे? आरोपी की मंशा और संभावित नेटवर्क की जाँच अभी बाकी है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांदा रेलवे स्टेशन से किसे और कब अगवा किया गया?
24 मई की शाम 5:30 बजे बांदा रेलवे स्टेशन से 2 वर्षीय बच्चे शिवांश को एक व्यक्ति ने अगवा किया। उसकी माँ आरती परिवार के साथ मुंबई जाने के लिए स्टेशन पर मौजूद थीं।
पुलिस ने बच्चे को कैसे बरामद किया?
जीआरपी और आरपीएफ के सीसीटीवी व त्रिनेत्र कैमरों से आरोपी की दिशा तेंदुआरी रोड की ओर ट्रेस की गई। कोतवाली देहात के एसएचओ ने घेराबंदी की, जिससे आरोपी किशन ने बच्चे को नहर में फेंक दिया; पुलिस ने बच्चे को नहर से सुरक्षित निकाला।
आरोपी किशन के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?
आरोपी किशन को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। जीआरपी थाने में उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है और पूछताछ के आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में आरपीएफ और जीआरपी की क्या भूमिका रही?
घटना की जानकारी मिलते ही आरपीएफ और जीआरपी ने तत्काल सीसीटीवी फुटेज खंगाली और आरोपी की दिशा का पता लगाया। बरामदगी के बाद दोनों टीमें मौके पर पहुँचीं और बच्चे को परिजनों को सुपुर्द करने में सहयोग किया।
क्या बच्चे को कोई चोट आई?
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवराज के अनुसार, बच्चे शिवांश को सकुशल बरामद किया गया है। नहर से निकाले जाने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया।
राष्ट्र प्रेस
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