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गिरिजा अम्मा: नागरकोइल की शिक्षिका जिन्होंने छात्रों से जुटाए सैनिकों के लिए ₹40 लाख, PM मोदी ने 'मन की बात' में की तारीफ

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गिरिजा अम्मा: नागरकोइल की शिक्षिका जिन्होंने छात्रों से जुटाए सैनिकों के लिए ₹40 लाख, PM मोदी ने 'मन की बात' में की तारीफ

सारांश

नागरकोइल की शिक्षिका गिरिजा अम्मा ने 'मन की बात' से प्रेरणा लेकर अपने 15 स्कूलों के छात्रों को प्रतिदिन ₹1 देने के लिए प्रेरित किया — और इस तरह सैनिकों के लिए ₹40 लाख जुटाए। PM मोदी ने इस पहल को हर भारतवासी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

मुख्य बातें

गिरिजा अम्मा , नागरकोइल (तमिलनाडु) की शिक्षिका, करीब 15 स्कूल संचालित करती हैं।
उन्होंने छात्रों से प्रतिदिन ₹1 के योगदान का आग्रह किया, जिससे कुल ₹40 लाख सैनिकों के लिए जुटाए गए।
PM मोदी ने 31 मई 2026 को ' मन की बात ' में इस पहल का उल्लेख कर गिरिजा अम्मा की प्रशंसा की।
गिरिजा अम्मा ने ₹40 लाख का चेक स्वयं प्रधानमंत्री को सौंपा।
जयगोपाल गरोडिया हिंदू विद्यालय , चेन्नई ने पिछले वर्ष अपने 50 वर्ष पूरे किए।

तमिलनाडु के नागरकोइल की शिक्षिका गिरिजा अम्मा ने अपने स्कूलों के छात्रों को प्रतिदिन ₹1 के योगदान के लिए प्रेरित कर देश के सैनिकों के लिए ₹40 लाख की राशि एकत्रित की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 मई 2026 को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में इस पहल का उल्लेख करते हुए गिरिजा अम्मा की देशभक्ति को हर भारतवासी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

कौन हैं गिरिजा अम्मा

गिरिजा अम्मा तमिलनाडु में करीब 15 स्कूल संचालित करती हैं, जिनमें चेन्नई का जयगोपाल गरोडिया हिंदू विद्यालय सबसे प्रमुख है। यह विद्यालय चेन्नई का पहला हिंदू विद्यालय है, जिसने पिछले वर्ष अपनी स्वर्ण जयंती50 वर्ष पूरे किए। शिक्षा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में इस स्कूल नेटवर्क की भूमिका को प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से रेखांकित किया।

कैसे जुटे ₹40 लाख

गिरिजा अम्मा ने 'मन की बात' से प्रेरणा लेकर अपने सभी स्कूलों के छात्रों से आग्रह किया कि वे देश के वीर जवानों के लिए प्रतिदिन ₹1 का योगदान दें। इस सरल किंतु सशक्त संकल्प से प्रत्येक छात्र ने एक वर्ष में ₹365 जमा किए। सभी स्कूलों के छात्रों के इस छोटे-छोटे योगदान से कुल ₹40 लाख की राशि एकत्रित हुई, जिसका चेक गिरिजा अम्मा ने स्वयं प्रधानमंत्री मोदी को सौंपा।

PM मोदी ने क्या कहा

प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' में बताया कि गिरिजा अम्मा से उनकी पहली मुलाकात करीब तीन दशक पहले हुई थी। हाल की मुलाकात के दौरान उनके साथ कुछ युवा छात्र भी उपस्थित थे। मोदी ने कहा, "उनसे बातचीत के दौरान मैंने महसूस किया कि मां भारती के प्रति उनका समर्पण कितना गहरा है।" उन्होंने इस पहल से जुड़े सभी छात्रों की विशेष सराहना की।

आम जनता और शिक्षा जगत पर असर

यह पहल इस बात का उदाहरण है कि किस प्रकार एक शिक्षक की प्रेरणा छात्रों में राष्ट्रीय चेतना जागृत कर सकती है। गौरतलब है कि 'मन की बात' में उल्लेख होने के बाद ऐसी जमीनी पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है, जिससे अन्य शिक्षण संस्थान भी प्रेरित होते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देश में सैन्य कल्याण कोष के प्रति नागरिक भागीदारी को लेकर जागरूकता बढ़ रही है।

आगे की राह

प्रधानमंत्री मोदी ने जयगोपाल गरोडिया हिंदू विद्यालय की 50 वर्षों की यात्रा को देश की शिक्षा और सांस्कृतिक गौरव के लिए सराहनीय बताया और इस नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी। गिरिजा अम्मा की यह पहल आने वाले वर्षों में भी जारी रहने की उम्मीद है, जो देशभर के शिक्षकों और छात्रों के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि सैनिक कल्याण के लिए नागरिक चंदे पर निर्भरता सरकारी आवंटन की पर्याप्तता के बारे में क्या संकेत देती है। तीन दशकों में दूसरी मुलाकात और 'मन की बात' में प्रमुखता — यह संयोग कम, सुनियोजित संदेश अधिक लगता है। फिर भी, एक शिक्षक द्वारा छात्रों में राष्ट्रीय चेतना जागृत करने का यह मॉडल शिक्षा जगत के लिए अनुकरणीय है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गिरिजा अम्मा कौन हैं और वे क्यों चर्चा में हैं?
गिरिजा अम्मा तमिलनाडु के नागरकोइल की एक शिक्षिका हैं जो करीब 15 स्कूल संचालित करती हैं। उन्होंने अपने स्कूलों के छात्रों से प्रतिदिन ₹1 का योगदान करवाकर सैनिकों के लिए ₹40 लाख जुटाए, जिसकी PM मोदी ने 'मन की बात' में प्रशंसा की।
गिरिजा अम्मा ने ₹40 लाख कैसे जुटाए?
'मन की बात' से प्रेरणा लेकर गिरिजा अम्मा ने अपने सभी स्कूलों के छात्रों से आग्रह किया कि वे देश के सैनिकों के लिए प्रतिदिन ₹1 का योगदान दें। इस तरह एक वर्ष में प्रत्येक छात्र से ₹365 जमा हुए और सभी स्कूलों के छात्रों के सामूहिक योगदान से कुल ₹40 लाख एकत्रित हुए।
PM मोदी ने 'मन की बात' में गिरिजा अम्मा का उल्लेख क्यों किया?
PM मोदी ने 31 मई 2026 को 'मन की बात' में गिरिजा अम्मा की पहल को हर भारतवासी के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि मां भारती के प्रति गिरिजा अम्मा का समर्पण अत्यंत गहरा है और उनसे उनकी पहली मुलाकात करीब तीन दशक पहले हुई थी।
जयगोपाल गरोडिया हिंदू विद्यालय क्या है?
जयगोपाल गरोडिया हिंदू विद्यालय चेन्नई का पहला हिंदू विद्यालय है, जो गिरिजा अम्मा के स्कूल नेटवर्क का प्रमुख हिस्सा है। इस विद्यालय ने पिछले वर्ष अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे किए।
'मन की बात' में इस पहल का उल्लेख किस तारीख को हुआ?
PM मोदी ने 31 मई 2026 को प्रसारित 'मन की बात' कार्यक्रम में गिरिजा अम्मा की इस पहल का उल्लेख किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने गिरिजा अम्मा से हुई हालिया मुलाकात का अनुभव श्रोताओं के साथ साझा किया।
राष्ट्र प्रेस
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