बांसवाड़ा: उपस्थिति कम होने पर रिश्वत मांगी, एसीबी ने ग्लोबल बीडी कॉलेज के डायरेक्टर सहित 3 को गिरफ्तार किया
सारांश
मुख्य बातें
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने 23 अक्टूबर 2026 को राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के बारोडिया स्थित ग्लोबल बीडी कॉलेज के केमिस्ट्री शिक्षक भूपेंद्र जैन को ₹5,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इसी मामले में कॉलेज के डायरेक्टर सिद्धांत जैन और राजनीति विज्ञान के लेक्चरर डॉ. डोमिनिक जैन को भी हिरासत में लिया गया है।
मामले की पृष्ठभूमि
एसीबी की बांसवाड़ा इकाई को शिकायत मिली थी कि ग्लोबल बीडी कॉलेज के डायरेक्टर, एक लेक्चरर और एक शिक्षक छात्रों से अनुचित धन की मांग कर रहे थे। यह मांग उन छात्रों से की जा रही थी जिनकी पूरे शैक्षणिक वर्ष में उपस्थिति काफी कम रही थी। आरोप के अनुसार, इन अधिकारियों ने उपस्थिति संबंधी मामलों को सुलझाने और इंटर्नशिप लेटर जारी करने के एवज में प्रत्येक छात्र से ₹20,000 तक की माँग की थी।
एसीबी का जाल और गिरफ्तारी
शिकायत की पुष्टि के बाद एसीबी रेंज के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पीयूष की निगरानी में शुक्रवार को एक सुनियोजित जाल बिछाया गया। एसीबी बांसवाड़ा इकाई की पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) रत्ना सिंह राजपुरोहित और उनकी टीम ने यह ऑपरेशन अंजाम दिया।
इस कार्रवाई में केमिस्ट्री शिक्षक भूपेंद्र जैन को शिकायतकर्ता से ₹5,000 नकद लेते हुए मौके पर ही दबोच लिया गया। जांच के दौरान रिश्वत की साजिश में मुख्य भूमिका निभाने के आरोप सामने आने के बाद डायरेक्टर सिद्धांत जैन और लेक्चरर डॉ. डोमिनिक जैन को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जांच
इस पूरे प्रकरण की जांच एसीबी की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) स्मिता श्री और पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) एस. परिमला की देखरेख में की जा रही है। तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
आम जनता और छात्रों पर असर
यह मामला उस प्रवृत्ति को उजागर करता है जिसमें शैक्षणिक संस्थानों के अंदर छात्रों की कमज़ोरियों का फायदा उठाकर अनुचित वसूली की जाती है। गौरतलब है कि बांसवाड़ा एक आदिवासी बहुल जिला है, जहाँ पहली पीढ़ी के कई छात्र उच्च शिक्षा ग्रहण करते हैं, ऐसे में इस तरह के भ्रष्टाचार का सामाजिक प्रभाव विशेष रूप से गंभीर माना जाता है।
आगे की कार्रवाई
एसीबी के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और यह देखा जाएगा कि क्या इस रिश्वत के दायरे में और अधिक छात्र या संस्था के अन्य कर्मचारी भी शामिल थे। तीनों आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे पेश किया जाएगा।