23 अक्टूबर 2026
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बांसवाड़ा: उपस्थिति कम होने पर रिश्वत मांगी, एसीबी ने ग्लोबल बीडी कॉलेज के डायरेक्टर सहित 3 को गिरफ्तार किया

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बांसवाड़ा: उपस्थिति कम होने पर रिश्वत मांगी, एसीबी ने ग्लोबल बीडी कॉलेज के डायरेक्टर सहित 3 को गिरफ्तार किया

सारांश

राजस्थान के बांसवाड़ा में एसीबी ने एक निजी कॉलेज के डायरेक्टर, लेक्चरर और शिक्षक को उन छात्रों से रिश्वत माँगने के आरोप में गिरफ्तार किया, जिनकी उपस्थिति कम थी। शिक्षा संस्थान के भीतर हो रहे इस भ्रष्टाचार का पर्दाफाश एसीबी के सुनियोजित जाल से हुआ।

मुख्य बातें

एसीबी ने 23 अक्टूबर 2026 को बांसवाड़ा के ग्लोबल बीडी कॉलेज में छापेमारी कर 3 लोगों को गिरफ्तार किया।
केमिस्ट्री शिक्षक भूपेंद्र जैन को शिकायतकर्ता से ₹5,000 नकद लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
तीनों आरोपियों पर आरोप है कि वे प्रत्येक छात्र से ₹20,000 तक की रिश्वत माँग रहे थे।
रिश्वत उपस्थिति संबंधी मामलों को सुलझाने और इंटर्नशिप लेटर जारी करने के एवज में माँगी जा रही थी।
मामले की जांच एएसपी स्मिता श्री और आईजी एस.
परिमला की निगरानी में जारी है।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने 23 अक्टूबर 2026 को राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के बारोडिया स्थित ग्लोबल बीडी कॉलेज के केमिस्ट्री शिक्षक भूपेंद्र जैन को ₹5,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इसी मामले में कॉलेज के डायरेक्टर सिद्धांत जैन और राजनीति विज्ञान के लेक्चरर डॉ. डोमिनिक जैन को भी हिरासत में लिया गया है।

मामले की पृष्ठभूमि

एसीबी की बांसवाड़ा इकाई को शिकायत मिली थी कि ग्लोबल बीडी कॉलेज के डायरेक्टर, एक लेक्चरर और एक शिक्षक छात्रों से अनुचित धन की मांग कर रहे थे। यह मांग उन छात्रों से की जा रही थी जिनकी पूरे शैक्षणिक वर्ष में उपस्थिति काफी कम रही थी। आरोप के अनुसार, इन अधिकारियों ने उपस्थिति संबंधी मामलों को सुलझाने और इंटर्नशिप लेटर जारी करने के एवज में प्रत्येक छात्र से ₹20,000 तक की माँग की थी।

एसीबी का जाल और गिरफ्तारी

शिकायत की पुष्टि के बाद एसीबी रेंज के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पीयूष की निगरानी में शुक्रवार को एक सुनियोजित जाल बिछाया गया। एसीबी बांसवाड़ा इकाई की पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) रत्ना सिंह राजपुरोहित और उनकी टीम ने यह ऑपरेशन अंजाम दिया।

इस कार्रवाई में केमिस्ट्री शिक्षक भूपेंद्र जैन को शिकायतकर्ता से ₹5,000 नकद लेते हुए मौके पर ही दबोच लिया गया। जांच के दौरान रिश्वत की साजिश में मुख्य भूमिका निभाने के आरोप सामने आने के बाद डायरेक्टर सिद्धांत जैन और लेक्चरर डॉ. डोमिनिक जैन को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जांच

इस पूरे प्रकरण की जांच एसीबी की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) स्मिता श्री और पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) एस. परिमला की देखरेख में की जा रही है। तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

आम जनता और छात्रों पर असर

यह मामला उस प्रवृत्ति को उजागर करता है जिसमें शैक्षणिक संस्थानों के अंदर छात्रों की कमज़ोरियों का फायदा उठाकर अनुचित वसूली की जाती है। गौरतलब है कि बांसवाड़ा एक आदिवासी बहुल जिला है, जहाँ पहली पीढ़ी के कई छात्र उच्च शिक्षा ग्रहण करते हैं, ऐसे में इस तरह के भ्रष्टाचार का सामाजिक प्रभाव विशेष रूप से गंभीर माना जाता है।

आगे की कार्रवाई

एसीबी के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और यह देखा जाएगा कि क्या इस रिश्वत के दायरे में और अधिक छात्र या संस्था के अन्य कर्मचारी भी शामिल थे। तीनों आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे पेश किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो पहली पीढ़ी के छात्र — जो पहले से ही आर्थिक दबाव में हैं — सबसे अधिक असुरक्षित हो जाते हैं। सवाल यह भी है कि क्या नियामक निकाय ऐसे कॉलेजों की नियमित जांच कर रहे हैं, या केवल शिकायत मिलने पर ही कार्रवाई होती है।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांसवाड़ा ग्लोबल बीडी कॉलेज रिश्वत मामला क्या है?
यह मामला राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के बारोडिया स्थित ग्लोबल बीडी कॉलेज से जुड़ा है, जहाँ एसीबी ने 23 अक्टूबर 2026 को तीन लोगों को गिरफ्तार किया। आरोप है कि कॉलेज के डायरेक्टर, एक लेक्चरर और एक शिक्षक कम उपस्थिति वाले छात्रों से उपस्थिति सुधारने और इंटर्नशिप लेटर देने के बदले प्रति छात्र ₹20,000 तक की रिश्वत माँग रहे थे।
एसीबी ने किसे और कैसे गिरफ्तार किया?
एसीबी ने एक सुनियोजित जाल में केमिस्ट्री शिक्षक भूपेंद्र जैन को शिकायतकर्ता से ₹5,000 लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। इसके बाद जांच में मुख्य भूमिका सामने आने पर कॉलेज के डायरेक्टर सिद्धांत जैन और राजनीति विज्ञान के लेक्चरर डॉ. डोमिनिक जैन को भी गिरफ्तार किया गया।
इस मामले में एसीबी की टीम का नेतृत्व किसने किया?
ऑपरेशन एसीबी रेंज के एसपी पीयूष की निगरानी में हुआ, जिसे डीएसपी रत्ना सिंह राजपुरोहित और उनकी टीम ने अंजाम दिया। आगे की जांच एएसपी स्मिता श्री और आईजी एस. परिमला की देखरेख में चल रही है।
तीनों आरोपियों पर कौन सी धाराएँ लगाई गई हैं?
तीनों आरोपियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
रिश्वत की माँग किस आधार पर की जा रही थी?
आरोपों के अनुसार, जिन छात्रों की उपस्थिति पूरे शैक्षणिक वर्ष में काफी कम रही, उनसे उपस्थिति संबंधी मामलों को सुलझाने और इंटर्नशिप लेटर जारी करने के एवज में ₹20,000 प्रति छात्र तक की रिश्वत माँगी जा रही थी।
राष्ट्र प्रेस
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