12 अक्टूबर 2026
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राजस्थान एसीबी का बांसवाड़ा में ट्रैप: कोर्ट क्लर्क और होम गार्ड ड्राइवर ₹40,000 रिश्वत लेते गिरफ्तार

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राजस्थान एसीबी का बांसवाड़ा में ट्रैप: कोर्ट क्लर्क और होम गार्ड ड्राइवर ₹40,000 रिश्वत लेते गिरफ्तार

सारांश

राजस्थान एसीबी ने बांसवाड़ा में न्यायालय के दो कर्मचारियों — क्लर्क संदीप नानावटी और होम गार्ड ड्राइवर राहुल चंदेल — को ट्रैप ऑपरेशन में ₹40,000 रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। आरोप है कि यह रकम जमानत बचाने और मुकदमे में मदद के नाम पर माँगी गई थी।

मुख्य बातें

राजस्थान एसीबी ने 12 अक्टूबर 2026 को बांसवाड़ा में ट्रैप ऑपरेशन चलाया।
संदीप कुमार नानावटी (चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के ग्रेड-I क्लर्क) और राहुल चंदेल (होम गार्ड ड्राइवर) को ₹40,000 रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया गया।
आरोप है कि रिश्वत शिकायतकर्ता की जमानत बचाने और न्यायालय में चल रहे मामले में सहायता के नाम पर माँगी गई।
जाँच में पता चला कि आरोपी ने पहले भी ₹2,000 'छोटे-मोटे खर्चों' के नाम पर लिए थे।
प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज; दोनों के घरों की तलाशी जारी।
ऑपरेशन की निगरानी DSP रतन सिंह राजपुरोहित और SP पीयूष दीक्षित ने की।

राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को बांसवाड़ा में एक सुनियोजित ट्रैप ऑपरेशन के तहत चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के ग्रेड-I क्लर्क संदीप कुमार नानावटी और एडिशनल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के होम गार्ड ड्राइवर राहुल चंदेल को गिरफ्तार किया। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने एक शिकायतकर्ता की जमानत बचाने और न्यायालय में चल रहे मामले में अनुकूल परिणाम दिलाने के नाम पर ₹40,000 की रिश्वत ली। एसीबी के अनुसार यह कार्रवाई बांसवाड़ा एसीबी यूनिट ने वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में की।

मुख्य घटनाक्रम

एसीबी के बयान के अनुसार, ब्यूरो को एक शिकायत प्राप्त हुई जिसमें आरोप लगाया गया था कि नानावटी ने चंदेल के माध्यम से शिकायतकर्ता और सह-शिकायतकर्ता से रिश्वत की माँग की। यह रकम इसलिए माँगी गई ताकि शिकायतकर्ता की जमानत रद्द न हो, कोर्ट में चल रहे मामले में सजा न मिले और आगे भी मदद मिलती रहे।

11 अक्टूबर 2026 को एसीबी ने शिकायतकर्ता और सह-शिकायतकर्ता की ओर से रिश्वत की माँग की पुष्टि की। जाँच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी ने इससे पहले भी शिकायतकर्ता से 'छोटे-मोटे खर्चों' के नाम पर ₹2,000 ले चुका था।

ट्रैप ऑपरेशन का विवरण

पुष्टि के बाद बांसवाड़ा एसीबी टीम ने डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस रतन सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में और एसीबी उदयपुर रेंज के सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस पीयूष दीक्षित की देखरेख में ट्रैप ऑपरेशन चलाया।

ऑपरेशन के दौरान चंदेल को नानावटी की ओर से ₹40,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। इसके बाद नानावटी को भी रिश्वत की माँग में कथित तौर पर शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

आगे की कार्रवाई

एसीबी की एडिशनल डायरेक्टर जनरल स्मिता श्रीवास्तव और इंस्पेक्टर जनरल एस. परिमला की निगरानी में दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। ब्यूरो दोनों के घरों की तलाशी भी ले रहा है।

एसीबी के डायरेक्टर जनरल गोविंद गुप्ता ने बताया कि प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाएगा और आगे की जाँच की जाएगी। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में न्यायिक और प्रशासनिक भ्रष्टाचार के मामलों पर एसीबी की पकड़ मजबूत करने की कोशिशें जारी हैं।

एसीबी की जनता को चेतावनी

ब्यूरो ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे उन धोखेबाज़ों का शिकार न बनें जो एसीबी जाँच के डर का फायदा उठाकर रिश्वत वसूलते हैं। एसीबी का कहना है कि जिस किसी के खिलाफ शिकायत या शुरुआती जाँच चल रही हो, वह अपना पक्ष रखने के लिए सीधे ब्यूरो से संपर्क कर सकता है। जाँच से जुड़े निर्णय पक्ष की विस्तृत समीक्षा के बाद ही लिए जाते हैं।

दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब न्यायालय में आगे की कानूनी प्रक्रिया और घरों की तलाशी में मिले साक्ष्यों के आधार पर इस प्रकरण की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि न्यायालय की दैनिक कार्यप्रणाली में ऐसी माँगें कितनी सामान्य हो चुकी हैं और उनकी आंतरिक निगरानी का तंत्र कितना प्रभावी है।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान एसीबी ने बांसवाड़ा में किसे और क्यों गिरफ्तार किया?
एसीबी ने चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के ग्रेड-I क्लर्क संदीप कुमार नानावटी और होम गार्ड ड्राइवर राहुल चंदेल को ₹40,000 रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया। यह रकम शिकायतकर्ता की जमानत बचाने और न्यायालय में चल रहे मामले में अनुकूल मदद के नाम पर माँगी गई थी।
एसीबी का ट्रैप ऑपरेशन कैसे हुआ?
11 अक्टूबर 2026 को रिश्वत की माँग की पुष्टि के बाद, 12 अक्टूबर को DSP रतन सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में और SP पीयूष दीक्षित की देखरेख में ट्रैप बिछाया गया। चंदेल को नानावटी की ओर से ₹40,000 लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया, जिसके बाद नानावटी को भी गिरफ्तार किया गया।
इस मामले में अब आगे क्या कार्रवाई होगी?
एसीबी की ADG स्मिता श्रीवास्तव और IG एस. परिमला की निगरानी में दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके घरों की तलाशी ली जा रही है। प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्या आरोपी ने पहले भी रिश्वत ली थी?
जाँच में सामने आया कि आरोपी ने इस मामले से पहले भी शिकायतकर्ता से 'छोटे-मोटे खर्चों' के नाम पर ₹2,000 लिए थे। यह ताज़ा गिरफ्तारी ₹40,000 की अलग माँग पर हुई ट्रैप कार्रवाई का परिणाम है।
एसीबी ने नागरिकों को क्या सलाह दी है?
एसीबी ने लोगों से अपील की है कि वे उन धोखेबाज़ों का शिकार न बनें जो एसीबी जाँच के डर का इस्तेमाल कर रिश्वत वसूलते हैं। जिस किसी के खिलाफ शिकायत या जाँच हो, वह सीधे ब्यूरो से संपर्क कर अपना पक्ष रख सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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