जीएमडीसी ने 2025-26 के लिए गुजरात सरकार को ₹223.54 करोड़ का लाभांश सौंपा
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (जीएमडीसी) ने 21 अक्टूबर 2026 को गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹223.54 करोड़ का लाभांश (डिविडेंड) चेक सौंपा। राज्य सरकार के स्वामित्व वाले इस उपक्रम द्वारा किया गया यह भुगतान ऐसे समय में हुआ है जब कॉर्पोरेशन अपने परंपरागत खनन कारोबार से आगे बढ़कर ऊर्जा और रणनीतिक खनिज क्षेत्रों में विस्तार की दिशा में सक्रिय है।
लाभांश हस्तांतरण का विवरण
राज्य सरकार के हिस्से वाला यह चेक मुख्य सचिव एम.के. दास ने सौंपा। इस अवसर पर जीएमडीसी के चेयरमैन और मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार हसमुख अधिया, प्रबंध निदेशक अजय भादू, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजीव कुमार और अतिरिक्त प्रधान सचिव विक्रांत पांडे मौजूद रहे। राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और जीएमडीसी के प्रतिनिधियों की उपस्थिति इस भुगतान के संस्थागत महत्व को दर्शाती है।
जीएमडीसी का परिचय और मौजूदा पोर्टफोलियो
1963 में स्थापित जीएमडीसी गुजरात सरकार का एक प्रमुख उपक्रम है, जो लिग्नाइट, बॉक्साइट, चूना पत्थर (लाइमस्टोन), फ्लोर्सपार और सिलिका सैंड जैसे खनिजों के खनन और बिक्री में संलग्न है। ये खनिज राज्य के औद्योगिक उपयोग के लिए कच्चे माल की आपूर्ति का आधार हैं। कॉर्पोरेशन के कामकाज गुजरात के खनिज संसाधन क्षेत्र की रीढ़ माने जाते हैं।
ओडिशा कोयला ब्लॉक और विस्तार योजनाएँ
गुजरात की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जीएमडीसी ने ओडिशा में तीन कोयला ब्लॉक — बैतरणी वेस्ट, बुरापहाड़ और कुडनाली-लुबरी — हासिल किए हैं। यह कदम राज्य के बाहर कॉर्पोरेशन की उपस्थिति को मजबूत करता है। इसके अलावा, कंपनी नवीकरणीय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) क्षेत्र में सक्रिय है और 'रेयर अर्थ एलिमेंट्स', तांबे तथा अन्य रणनीतिक खनिजों में अवसर तलाश रही है।
पारदर्शिता को लेकर सीमाएँ
गौरतलब है कि राज्य सरकार की आधिकारिक घोषणा में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जीएमडीसी के कुल राजस्व, शुद्ध मुनाफे और लाभांश भुगतान अनुपात (डिविडेंड पेआउट रेशियो) के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। इस जानकारी के अभाव में लाभांश की राशि की व्यापक वित्तीय प्रदर्शन के संदर्भ में समीक्षा करना संभव नहीं है। आँकड़ों के अनुसार, कॉर्पोरेशन ने इस वर्ष भी राज्य के राजकोष में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
आगे की दिशा
जीएमडीसी का रणनीतिक खनिजों और नवीकरणीय ऊर्जा में विस्तार कॉर्पोरेशन को दीर्घकालिक रूप से एक विविध संसाधन कंपनी में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत है। यह देखना होगा कि राज्य सरकार इस बदलाव के साथ पारदर्शिता और वित्तीय जवाबदेही के मानकों को किस प्रकार सुनिश्चित करती है।