गुजरात: उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने होतायी इलेक्ट्रॉनिक्स को OCA लेटर सौंपा, साणंद में ₹700 करोड़ का सेमीकंडक्टर निवेश

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गुजरात: उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने होतायी इलेक्ट्रॉनिक्स को OCA लेटर सौंपा, साणंद में ₹700 करोड़ का सेमीकंडक्टर निवेश

सारांश

मलेशिया की होतायी इलेक्ट्रॉनिक्स — माइक्रोन की प्रमुख सप्लाई चेन पार्टनर — अब गुजरात के साणंद में ₹700 करोड़ लगाएगी। उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी द्वारा OCA लेटर सौंपे जाने के साथ DRAM, SSD और ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स का उत्पादन भारत की धरती पर होगा — यह PM मोदी के सेमीकंडक्टर पावरहाउस विजन की एक ठोस कड़ी है।

मुख्य बातें

उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने 7 मई 2026 को होतायी इलेक्ट्रॉनिक्स को OCA लेटर सौंपा।
मलेशियाई कंपनी अगले 10 वर्षों में साणंद-II जीआईडीसी में ₹700 करोड़ का निवेश करेगी।
परियोजना के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में 5 हेक्टेयर भूमि आवंटित।
फैसिलिटी में DRAM मेमोरी मॉड्यूल , SSDs , सर्वर मेमोरी और ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स का निर्माण होगा।
होतायी इलेक्ट्रॉनिक्स वैश्विक सेमीकंडक्टर दिग्गज माइक्रोन टेक्नोलॉजी की प्रमुख सप्लाई चेन पार्टनर है।

गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने 7 मई 2026 को मलेशिया की अग्रणी कंपनी होतायी इलेक्ट्रॉनिक्स को ऑफर कम अलॉटमेंट (OCA) लेटर सौंपा, जिससे साणंद-II जीआईडीसी में एक अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग सुविधा स्थापित करने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर पावरहाउस बनाने के विजन के अनुरूप है।

निवेश और भूमि आवंटन का विवरण

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में साणंद-II जीआईडीसी में 5 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। होतायी इलेक्ट्रॉनिक्स अगले 10 वर्षों में लगभग ₹700 करोड़ का निवेश करेगी। यह परियोजना गुजरात के उभरते सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को नई गति देने के लिए तैयार है।

क्या बनेगा साणंद की इस फैसिलिटी में

प्रस्तावित फैसिलिटी में DRAM मेमोरी मॉड्यूल, सॉलिड-स्टेट ड्राइव (SSDs), सर्वर और डेटा सेंटर मेमोरी मॉड्यूल तथा ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स — जिसमें LED लाइटिंग और इन्फोटेनमेंट मॉड्यूल शामिल हैं — का निर्माण किया जाएगा। गौरतलब है कि होतायी इलेक्ट्रॉनिक्स वैश्विक सेमीकंडक्टर दिग्गज माइक्रोन टेक्नोलॉजी की एक प्रमुख सप्लाई चेन पार्टनर है, जिससे इस परियोजना का वैश्विक महत्व और भी बढ़ जाता है।

उपमुख्यमंत्री सांघवी की प्रतिक्रिया

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने कहा कि यह निवेश राज्य में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को और सुदृढ़ करेगा। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और AI-आधारित ऑटोमेशन तकनीक के उपयोग से स्थानीय स्तर पर तकनीकी प्रगति होगी और बड़े पैमाने पर रोज़गार के अवसर सृजित होंगे। सांघवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट करते हुए कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि ₹700 करोड़ का यह आँकड़ा 10 वर्षों में फैला है — यानी सालाना औसतन ₹70 करोड़, जो भारत के सेमीकंडक्टर महत्वाकांक्षाओं के पैमाने पर अपेक्षाकृत मामूली है। माइक्रोन की सप्लाई चेन पार्टनर होने के नाते होतायी की उपस्थिति रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, परंतु असली कसौटी यह होगी कि रोज़गार सृजन के दावे किस हद तक सत्यापन-योग्य मील के पत्थरों से जुड़े हैं। गुजरात लगातार वैश्विक टेक निवेश आकर्षित कर रहा है, लेकिन घोषणाओं से जमीनी उत्पादन तक की यात्रा में अक्सर देरी देखी गई है — इस परियोजना को भी उसी कसौटी पर परखा जाना चाहिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

होतायी इलेक्ट्रॉनिक्स कौन है और यह कहाँ की कंपनी है?
होतायी इलेक्ट्रॉनिक्स मलेशिया की एक अग्रणी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी है और वैश्विक सेमीकंडक्टर दिग्गज माइक्रोन टेक्नोलॉजी की एक प्रमुख सप्लाई चेन पार्टनर है। यह कंपनी अब गुजरात के साणंद-II जीआईडीसी में अपनी उत्पादन सुविधा स्थापित करेगी।
साणंद में होतायी इलेक्ट्रॉनिक्स कितना निवेश करेगी?
होतायी इलेक्ट्रॉनिक्स अगले 10 वर्षों में साणंद-II जीआईडीसी में लगभग ₹700 करोड़ का निवेश करेगी। इस परियोजना के लिए 5 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है।
OCA लेटर क्या होता है और इसका क्या महत्व है?
ऑफर कम अलॉटमेंट (OCA) लेटर किसी औद्योगिक परियोजना के लिए भूमि आवंटन की आधिकारिक प्रक्रिया का पहला कदम होता है। इसके मिलने के बाद कंपनी निर्माण और निवेश की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से शुरू कर सकती है।
साणंद की इस फैसिलिटी में कौन-से उत्पाद बनाए जाएँगे?
इस फैसिलिटी में DRAM मेमोरी मॉड्यूल, सॉलिड-स्टेट ड्राइव (SSDs), सर्वर और डेटा सेंटर मेमोरी मॉड्यूल, तथा ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स — जिसमें LED लाइटिंग और इन्फोटेनमेंट मॉड्यूल शामिल हैं — का निर्माण होगा।
यह परियोजना भारत के सेमीकंडक्टर लक्ष्यों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह परियोजना PM मोदी के भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर पावरहाउस बनाने के विजन और 'मेक इन इंडिया' अभियान के अनुरूप है। माइक्रोन जैसी वैश्विक कंपनी की सप्लाई चेन पार्टनर का भारत में उत्पादन शुरू करना देश की सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता की दिशा में एक रणनीतिक कदम है।
राष्ट्र प्रेस
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