सुचि सेमीकॉन को कैबिनेट की मंजूरी: ₹868 करोड़ के OSAT प्लांट से भारत बनेगा सेमीकंडक्टर हब

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सुचि सेमीकॉन को कैबिनेट की मंजूरी: ₹868 करोड़ के OSAT प्लांट से भारत बनेगा सेमीकंडक्टर हब

सारांश

केंद्रीय कैबिनेट ने सुचि सेमीकॉन और क्रिस्टल मैट्रिक्स के सेमीकंडक्टर प्लांट्स को मंजूरी दी। गुजरात के सूरत और धोलेरा में ₹3,936 करोड़ के निवेश से 2,230 नौकरियाँ पैदा होंगी। चेयरमैन अशोक मेहता ने कहा — यह भारत को चिप उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।

मुख्य बातें

सुचि सेमीकॉन के चेयरमैन अशोक मेहता ने केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी को भारत के लिए ऐतिहासिक बताया।
गुजरात के सूरत में ₹868 करोड़ के निवेश से OSAT प्लांट स्थापित होगा, जो पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, एनालॉग आईसी और इंडस्ट्रियल सिस्टम सेगमेंट को सेवा देगा।
क्रिस्टल मैट्रिक्स लिमिटेड का प्लांट गुजरात के धोलेरा में बनेगा, जो GaN फाउंड्री और मिनी/माइक्रो-एलईडी मॉड्यूल पर केंद्रित होगा।
दोनों प्लांट्स में कुल ₹3,936 करोड़ का निवेश और 2,230 कुशल पेशेवरों के लिए रोज़गार सृजन का अनुमान।
सुचि सेमीकॉन की मौजूदा सूरत सुविधा की वार्षिक क्षमता 1,033 मिलियन से अधिक चिप्स है।

सुचि सेमीकॉन के संस्थापक और चेयरमैन अशोक मेहता ने बुधवार, 6 मई को कहा कि केंद्रीय कैबिनेट द्वारा उनके सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी पूरी संस्था के लिए गर्व का क्षण है और यह भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। गुजरात के सूरत में स्थापित होने वाले इस OSAT (आउटसोर्स सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट) प्लांट में कंपनी करीब ₹868 करोड़ का निवेश करेगी।

प्रोजेक्ट में क्या शामिल है

मेहता के अनुसार, यह प्लांट पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, एनालॉग आईसी और इंडस्ट्रियल सिस्टम के क्षेत्र में घरेलू और वैश्विक दोनों तरह की माँग को पूरा करेगा। उल्लेखनीय है कि सुचि सेमीकॉन पहले से ही सूरत में एक OSAT सुविधा संचालित करती है, जिसकी वार्षिक क्षमता 1,033 मिलियन से अधिक चिप्स की है।

मेहता ने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी। भारत की OSAT क्षमता अभी भी ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों की तुलना में शैशव अवस्था में है, और ₹3,936 करोड़ का संयुक्त निवेश वैश्विक मानकों पर अपेक्षाकृत छोटा है। 2,230 नौकरियों का लक्ष्य उत्साहजनक है, लेकिन देश की विशाल तकनीकी बेरोज़गारी को देखते हुए यह पर्याप्त नहीं। सवाल यह है कि क्या ये प्लांट्स वास्तव में भारत की चिप आयात निर्भरता को मापनीय रूप से कम कर पाएँगे, या यह केवल नीतिगत दिशा की घोषणा तक सीमित रहेगा।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुचि सेमीकॉन का नया OSAT प्लांट कहाँ बनेगा और इसमें कितना निवेश होगा?
सुचि सेमीकॉन का नया OSAT प्लांट गुजरात के सूरत में बनेगा, जिसमें करीब ₹868 करोड़ का निवेश किया जाएगा। यह प्लांट पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, एनालॉग आईसी और इंडस्ट्रियल सिस्टम के लिए चिप असेंबली और टेस्टिंग का काम करेगा।
OSAT प्लांट क्या होता है और यह भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
OSAT यानी आउटसोर्स सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट — यह वह सुविधा होती है जो सेमीकंडक्टर चिप्स की असेंबली, परीक्षण, मार्किंग और पैकेजिंग करती है। भारत में इस क्षमता का विकास देश को चिप आपूर्ति श्रृंखला में आत्मनिर्भर बनाने के लिए ज़रूरी है।
क्रिस्टल मैट्रिक्स लिमिटेड का प्लांट कहाँ बनेगा और उसकी विशेषता क्या है?
क्रिस्टल मैट्रिक्स लिमिटेड का प्लांट गुजरात के धोलेरा में बनेगा। यह कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन, ATMP और मिनी/माइक्रो-एलईडी डिस्प्ले मॉड्यूल निर्माण पर केंद्रित होगा, साथ ही GaN फाउंड्री सेवाएँ भी प्रदान करेगा।
इन दोनों प्लांट्स से कितनी नौकरियाँ पैदा होंगी?
सुचि सेमीकॉन और क्रिस्टल मैट्रिक्स के दोनों प्लांट्स मिलकर 2,230 कुशल पेशेवरों के लिए रोज़गार के अवसर पैदा करेंगे। दोनों परियोजनाओं में संयुक्त निवेश करीब ₹3,936 करोड़ होगा।
नेशनल सेमीकंडक्टर मिशन क्या है?
नेशनल सेमीकंडक्टर मिशन भारत सरकार की वह पहल है जिसके तहत देश में सेमीकंडक्टर डिज़ाइन, विनिर्माण और पैकेजिंग क्षमता विकसित करने के लिए निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसका लक्ष्य भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में एक विश्वसनीय भागीदार बनाना है।
राष्ट्र प्रेस
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