गोवा क्राइम ब्रांच ने पकड़ा ₹1.50 करोड़ का तरल सोना, केरल के दो तस्कर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
गोवा क्राइम ब्रांच ने 18 जुलाई 2026 की रात सोने की तस्करी के एक बड़े प्रयास को नाकाम करते हुए 1.30 किलोग्राम तरल सोना बरामद किया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹1.50 करोड़ बताई गई है। धारगल के सुखे कुलान इलाके में की गई इस कार्रवाई में केरल के कासरगोड जिले के दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस अधीक्षक (अपराध) राहुल गुप्ता के निर्देशन में और पुलिस निरीक्षक निखिल पालेकर के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर दोनों संदिग्धों पर नज़र रखी। शुक्रवार रात धारगल के सुखे कुलान क्षेत्र में उन्हें रोककर कानूनी प्रक्रिया के तहत तलाशी ली गई। गवाहों की उपस्थिति में की गई इस तलाशी में दोनों आरोपियों की बनियान और अंतःवस्त्रों में विशेष रूप से सिली गई जेबों से तरल सोना बरामद हुआ।
आरोपियों की पहचान और तस्करी का तरीका
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 35 वर्षीय हसन नियाज और 57 वर्षीय मोहम्मद कुन्ही के रूप में हुई है — दोनों केरल के कासरगोड जिले के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, हसन नियाज दुबई से कतर एयरवेज की उड़ान के ज़रिए सोने की खेप लेकर गोवा पहुँचा था। वहीं, मोहम्मद कुन्ही ट्रेन से कासरगोड से मडगांव पहुँचा और वहाँ से मोपा हवाई अड्डे जाकर हसन नियाज से मिला। इसके बाद दोनों एक साथ रवाना हुए, लेकिन धारगल पहुँचते ही पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।
सीमा शुल्क विभाग को सौंपा मामला
दोनों आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद आगे की जाँच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए मोरमुगाओ सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब गोवा के हवाई अड्डों और सीमाओं से तस्करी के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है।
जाँच का दायरा
मामले की जाँच जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी नेटवर्क से और कौन-कौन से व्यक्ति जुड़े हैं। गौरतलब है कि दुबई से भारत में तरल सोने की तस्करी के मामले हाल के वर्षों में सीमा शुल्क अधिकारियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुके हैं, क्योंकि तरल या पेस्ट रूप में सोना पारंपरिक स्कैनिंग में पकड़ में नहीं आता। आने वाले दिनों में जाँच एजेंसियाँ इस नेटवर्क की पूरी कड़ी उजागर करने का प्रयास करेंगी।