गोड्डा में अदाणी फाउंडेशन की पहल: 74,116 मरीजों का इलाज, 700 किसानों की आय में बढ़ोतरी
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के गोड्डा जिले में स्वास्थ्य और आजीविका की तस्वीर बदल रही है — अदाणी फाउंडेशन और अदाणी पावर गोड्डा द्वारा संचालित कार्यक्रमों के तहत गोड्डा और साहिबगंज के 137 गांवों में चार मोबाइल हेल्थ केयर यूनिट के ज़रिए स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। वर्ष 2025-26 में इन इकाइयों के माध्यम से 74,116 मरीजों का उपचार किया गया, जिनमें महिलाओं और बुजुर्गों की संख्या सबसे अधिक रही।
मोबाइल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
मोतिया गांव की 60 वर्षीया फदमा देवी मोतियाबिंद के कारण धीरे-धीरे अपनी दृष्टि खो रही थीं। आर्थिक तंगी के चलते इलाज संभव नहीं था। गांव में आयोजित नेत्र जांच शिविर में उनकी जांच हुई और निःशुल्क ऑपरेशन के बाद वे आज सामान्य दिनचर्या जी रही हैं।
लोबंधा गांव के 80 वर्षीय प्रसादी यादव जोड़ों के दर्द के कारण जिला मुख्यालय तक नहीं पहुंच पाते थे। नियमित स्वास्थ्य परामर्श और दवाइयों की उपलब्धता से उनकी स्थिति में सुधार आया है और वे अब पहले से अधिक सक्रिय हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों के 108 शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 2,415 से अधिक मरीजों को परामर्श, जांच और दवाइयां दी गईं। टीबी उन्मूलन के लिए 'निक्षय मित्र' कार्यक्रम के तहत 300 मरीजों को छह महीने तक पोषण किट वितरित की गई।
खेती में बदलाव और किसानों की बढ़ती आय
आजीविका के मोर्चे पर भी उल्लेखनीय बदलाव दर्ज किए गए हैं। आठ गांवों के 300 किसानों को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई, जिससे 15,000 किलोग्राम से अधिक मशरूम का उत्पादन हुआ। कई महिलाओं ने मशरूम से अचार और अन्य उत्पाद तैयार कर अतिरिक्त आय का स्रोत बनाया।
17 गांवों के 700 किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराए गए, जिसके परिणामस्वरूप 5,500 क्विंटल से अधिक सब्जियों का उत्पादन हुआ और किसानों की आय में वृद्धि दर्ज की गई।
कौशल विकास से युवाओं और महिलाओं को अवसर
युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए फिटर, डेटा एंट्री ऑपरेटर और सोलर टेक्नीशियन जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के ज़रिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही 600 से अधिक महिलाओं को सिलाई-टेलरिंग का प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के लिए तैयार किया गया है।
आम जनता पर असर
स्थानीय निवासियों के अनुसार इन पहलों से न केवल चिकित्सा सुविधाएं दरवाजे तक पहुंची हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता के नए रास्ते भी खुले हैं। स्वास्थ्य, पोषण, कृषि और कौशल विकास को एकीकृत रूप से जोड़ने वाला यह मॉडल गोड्डा के हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की बुनियाद रख रहा है।