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गोड्डा में अदाणी फाउंडेशन की पहल: 74,116 मरीजों का इलाज, 700 किसानों की आय में बढ़ोतरी

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गोड्डा में अदाणी फाउंडेशन की पहल: 74,116 मरीजों का इलाज, 700 किसानों की आय में बढ़ोतरी

सारांश

गोड्डा और साहिबगंज के 137 गांवों में अदाणी फाउंडेशन की मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयों ने 2025-26 में 74,116 मरीजों का इलाज किया। साथ ही 700 किसानों को उन्नत बीज और 300 को मशरूम प्रशिक्षण देकर आजीविका बदली। यह एकीकृत मॉडल झारखंड के ग्रामीण विकास की नई मिसाल बन रहा है।

मुख्य बातें

अदाणी फाउंडेशन और अदाणी पावर गोड्डा ने गोड्डा व साहिबगंज के 137 गांवों में 4 मोबाइल हेल्थ केयर यूनिट संचालित की हैं।
वर्ष 2025-26 में 74,116 मरीजों का उपचार किया गया; 108 विशेषज्ञ शिविरों में 2,415 से अधिक मरीजों को सेवाएं मिलीं।
निक्षय मित्र कार्यक्रम के तहत 300 टीबी मरीजों को 6 महीने तक पोषण किट दी गई।
300 किसानों को मशरूम प्रशिक्षण से 15,000 किलोग्राम से अधिक उत्पादन; 700 किसानों को उन्नत बीज से 5,500 क्विंटल से अधिक सब्जी उत्पादन।
600 से अधिक महिलाओं को सिलाई-टेलरिंग प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के लिए तैयार किया गया।

झारखंड के गोड्डा जिले में स्वास्थ्य और आजीविका की तस्वीर बदल रही है — अदाणी फाउंडेशन और अदाणी पावर गोड्डा द्वारा संचालित कार्यक्रमों के तहत गोड्डा और साहिबगंज के 137 गांवों में चार मोबाइल हेल्थ केयर यूनिट के ज़रिए स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। वर्ष 2025-26 में इन इकाइयों के माध्यम से 74,116 मरीजों का उपचार किया गया, जिनमें महिलाओं और बुजुर्गों की संख्या सबसे अधिक रही।

मोबाइल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

मोतिया गांव की 60 वर्षीया फदमा देवी मोतियाबिंद के कारण धीरे-धीरे अपनी दृष्टि खो रही थीं। आर्थिक तंगी के चलते इलाज संभव नहीं था। गांव में आयोजित नेत्र जांच शिविर में उनकी जांच हुई और निःशुल्क ऑपरेशन के बाद वे आज सामान्य दिनचर्या जी रही हैं।

लोबंधा गांव के 80 वर्षीय प्रसादी यादव जोड़ों के दर्द के कारण जिला मुख्यालय तक नहीं पहुंच पाते थे। नियमित स्वास्थ्य परामर्श और दवाइयों की उपलब्धता से उनकी स्थिति में सुधार आया है और वे अब पहले से अधिक सक्रिय हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों के 108 शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 2,415 से अधिक मरीजों को परामर्श, जांच और दवाइयां दी गईं। टीबी उन्मूलन के लिए 'निक्षय मित्र' कार्यक्रम के तहत 300 मरीजों को छह महीने तक पोषण किट वितरित की गई।

खेती में बदलाव और किसानों की बढ़ती आय

आजीविका के मोर्चे पर भी उल्लेखनीय बदलाव दर्ज किए गए हैं। आठ गांवों के 300 किसानों को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई, जिससे 15,000 किलोग्राम से अधिक मशरूम का उत्पादन हुआ। कई महिलाओं ने मशरूम से अचार और अन्य उत्पाद तैयार कर अतिरिक्त आय का स्रोत बनाया।

17 गांवों के 700 किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराए गए, जिसके परिणामस्वरूप 5,500 क्विंटल से अधिक सब्जियों का उत्पादन हुआ और किसानों की आय में वृद्धि दर्ज की गई।

कौशल विकास से युवाओं और महिलाओं को अवसर

युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए फिटर, डेटा एंट्री ऑपरेटर और सोलर टेक्नीशियन जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के ज़रिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही 600 से अधिक महिलाओं को सिलाई-टेलरिंग का प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के लिए तैयार किया गया है।

आम जनता पर असर

स्थानीय निवासियों के अनुसार इन पहलों से न केवल चिकित्सा सुविधाएं दरवाजे तक पहुंची हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता के नए रास्ते भी खुले हैं। स्वास्थ्य, पोषण, कृषि और कौशल विकास को एकीकृत रूप से जोड़ने वाला यह मॉडल गोड्डा के हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की बुनियाद रख रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पोषण, कृषि और कौशल विकास को एक साथ जोड़ा गया है — कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) की परंपरागत सोच से आगे जाता दिखता है। हालांकि, इन आँकड़ों की स्वतंत्र सत्यापन की आवश्यकता है, क्योंकि लाभार्थी संख्याएं स्वयं संस्था द्वारा प्रस्तुत हैं। असली कसौटी यह होगी कि क्या ये बदलाव टिकाऊ हैं — क्या किसान बाज़ार तक स्वतंत्र रूप से पहुंच पा रहे हैं और क्या प्रशिक्षित युवाओं को वास्तविक रोजगार मिल रहा है। झारखंड जैसे राज्य में, जहाँ सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचा अभी भी कमज़ोर है, इस तरह की निजी पहलें ज़रूरी हैं — लेकिन इन्हें सरकारी तंत्र के विकल्प के रूप में नहीं, बल्कि पूरक के रूप में देखा जाना चाहिए।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अदाणी फाउंडेशन की गोड्डा में स्वास्थ्य पहल क्या है?
अदाणी फाउंडेशन और अदाणी पावर गोड्डा ने गोड्डा व साहिबगंज के 137 गांवों में चार मोबाइल हेल्थ केयर यूनिट संचालित की हैं। वर्ष 2025-26 में इनके ज़रिए 74,116 मरीजों का उपचार किया गया।
गोड्डा के किसानों की आय कैसे बढ़ी?
17 गांवों के 700 किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराए गए, जिससे 5,500 क्विंटल से अधिक सब्जियों का उत्पादन हुआ। इसके अलावा 300 किसानों को मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण दिया गया, जिससे 15,000 किलोग्राम से अधिक मशरूम का उत्पादन हुआ।
निक्षय मित्र कार्यक्रम क्या है और इससे कितने लोगों को फायदा हुआ?
निक्षय मित्र केंद्र सरकार का टीबी उन्मूलन कार्यक्रम है जिसके तहत मरीजों को पोषण सहायता दी जाती है। गोड्डा में इस कार्यक्रम के अंतर्गत 300 टीबी मरीजों को छह महीने तक पोषण किट प्रदान की गई।
गोड्डा में महिलाओं के लिए क्या अवसर उपलब्ध कराए गए हैं?
600 से अधिक महिलाओं को सिलाई-टेलरिंग का प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा कई महिलाओं ने मशरूम से अचार और अन्य उत्पाद बनाकर अतिरिक्त आय का स्रोत विकसित किया है।
गोड्डा में युवाओं के लिए कौशल विकास के क्या प्रयास हो रहे हैं?
फिटर, डेटा एंट्री ऑपरेटर और सोलर टेक्नीशियन जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के ज़रिए युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रयास ग्रामीण युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार से जोड़ने की दिशा में किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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