गोंदिया में 3 साल की बच्ची को बोलेरो ने कुचला, शव लेकर सड़क पर बैठा पिता; पुलिस पर लापरवाही का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के दासगांव में 15 जुलाई 2025 को एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन वर्षीय कुमारी पासी की मौत हो गई, जब मंगलवार के साप्ताहिक बाज़ार में एक तेज़ रफ़्तार बोलेरो ने उसे कुचल दिया। हादसे के बाद आरोपी चालक मौके से फ़रार हो गया, और परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने देर रात तक न तो चालक को गिरफ्तार किया और न ही वाहन जब्त किया।
हादसे का घटनाक्रम
बलमाटोला निवासी लक्ष्मीचंद सेवईवार अपनी तीन वर्षीय बेटी कुमारी पासी को साथ लेकर दासगांव के साप्ताहिक बाज़ार में सामान लेने आए थे। इसी दौरान एक अज्ञात बोलेरो तेज़ रफ़्तार में आई और मासूम को ज़ोरदार टक्कर मार काटी मार्ग की ओर भाग निकली। गंभीर रूप से घायल बच्ची को पिता और मौजूद ग्रामीणों की मदद से तत्काल दासगांव प्राथमिक उपकेंद्र पहुँचाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
हादसे के बाद परिजनों ने रावणवाड़ी पुलिस स्टेशन में अज्ञात बोलेरो चालक के विरुद्ध मामला दर्ज कराया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने देर रात तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया और वाहन को भी जब्त नहीं किया। इस लापरवाही से आक्रोशित लक्ष्मीचंद सेवईवार अपनी बेटी का शव गोद में उठाकर घटनास्थल पर पहुँचे और सड़क पर बैठकर न्याय की माँग करते रहे। उन्होंने 'पुलिस हाय हाय' के नारे भी लगाए।
ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन
पीड़ित परिवार के साथ एकजुटता दिखाते हुए पूर्व जिला परिषद सदस्य नरेंद्र तुरकर भी ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठ गए। यह विरोध प्रदर्शन रात लगभग 9 बजे से 3 बजे तक चला। गौरतलब है कि यह घटना उस समय हुई जब बाज़ार में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, फिर भी आरोपी चालक भागने में सफल रहा — जो क्षेत्र में यातायात निगरानी पर सवाल उठाती है।
रत्नागिरी में भी सड़क हादसा
इसी दिन महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के लांजा क्षेत्र में मुंबई-गोवा हाईवे पर एक और दर्दनाक हादसा हुआ। मुंबई के अग्रीपाड़ा का एक परिवार गोवा से लौट रहा था, जब लांजा रेस्ट हाउस के पास एक खड़े डंपर ने उनकी क्रेटा कार को पीछे से टक्कर मार दी। इस टक्कर में दो महिलाओं सहित तीन लोगों की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को लांजा ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आगे क्या
गोंदिया मामले में पुलिस पर आरोपी बोलेरो चालक को शीघ्र गिरफ्तार करने का दबाव है। रत्नागिरी हादसे में डंपर चालक की भूमिका की जाँच जारी है। दोनों घटनाएँ महाराष्ट्र में सड़क सुरक्षा और तेज़ रफ़्तार वाहनों पर नियंत्रण की गंभीर ज़रूरत को रेखांकित करती हैं।