गोविंदपुरी में दो गुटों की झड़प: फायरिंग और चाकूबाजी में 3 घायल, 2 कारतूस-2 चाकू बरामद
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में 22 अक्टूबर 2026 को एक अपार्टमेंट परिसर के पास दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प में कम से कम तीन लोग घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से दो खाली कारतूस और दो चाकू बरामद किए गए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस को गोविंदपुरी स्थित आशा किरण अपार्टमेंट के पास फायरिंग की सूचना पर पीसीआर कॉल प्राप्त हुई। घायलों की पहचान संजू भेषधारी उर्फ कुमार भेषधारी, मंसूर आलम (आयु 40 वर्ष) और नितिन के रूप में की गई है।
जाँचकर्ताओं के अनुसार, संजू भेषधारी को गोली लगी है और उन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मंसूर आलम को मामूली चोटें आईं और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
तीसरे घायल नितिन को एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। उनकी चोटों की प्रकृति की जाँच अभी जारी है।
पुलिस की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस आरोपियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास में जुटी है। कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और मामले की विस्तृत जाँच जारी है। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं।
पृष्ठभूमि: दिल्ली में बढ़ती फायरिंग की घटनाएँ
यह ऐसे समय में आया है जब राजधानी में इस प्रकार की हिंसक घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। इससे पहले सितंबर में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के नंद नगरी इलाके में अज्ञात लोगों ने तीन घरों के बाहर फायरिंग की थी और आसपास खड़े वाहनों में तोड़फोड़ की थी।
गौरतलब है कि वह घटना नंद नगरी थाना क्षेत्र के डी-2 ब्लॉक में हुई थी, जहाँ अज्ञात बदमाशों ने तीन घरों को निशाना बनाकर अंधाधुंध गोलियाँ चलाई थीं। हालाँकि घरों में रहने वाले परिवार बाल-बाल बच गए थे। उस घटना का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें हमलावरों को फायरिंग और पथराव करते देखा गया था।
पीड़ित परिवार की आपबीती
नंद नगरी घटना में एक स्थानीय महिला ने बताया कि करीब 50 अज्ञात लोगों ने उनके घर पर हमला किया था और सभी हमलावरों ने चेहरे पर मास्क पहन रखे थे। उन्होंने कहा, 'हम जानते हैं कि ये लोग कौन हैं। मेरी बेटी को लेकर सात साल पहले एक विवाद हुआ था। तब से मेरे घर के बाहर अक्सर फायरिंग और पथराव होता रहा है। मेरे बेटों की पिटाई की गई है। हमें झूठे मामलों में फँसाने की धमकियाँ दी जाती हैं।'
महिला ने आगे कहा, 'शुक्रवार देर रात भी हमारे तीन घरों पर हमला किया गया था। उस समय परिवार के सभी लोग ऊपर वाले हिस्से में थे। अगर हम नीचे होते तो किसी की जान भी जा सकती थी।' यह बयान दिल्ली के कुछ इलाकों में चल रहे दीर्घकालिक सामुदायिक विवादों की ओर इशारा करता है।
आगे की जाँच
गोविंदपुरी मामले में पुलिस फिलहाल आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी पर ध्यान केंद्रित कर रही है। दोनों अस्पतालों में भर्ती घायलों की स्थिति की निगरानी की जा रही है। जाँच के नतीजे सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।