पीयूष गोयल ने ओसाका में ROHM व आइची स्टील से की बैठक, चिप और स्टील में भारत-जापान साझेदारी पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 27 अगस्त 2026 को जापान दौरे के दौरान सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट और स्टील मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों में भारत-जापान औद्योगिक सहयोग को नई ऊँचाई देने के लिए प्रमुख जापानी निवेशकों और उद्योग संगठनों से विस्तृत चर्चा की। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में अपनी भूमिका मजबूत करने की दिशा में सक्रिय कदम उठा रहा है।
मुख्य बैठकें और घटनाक्रम
ओसाका में गोयल ने ROHM के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी कात्सुमी अज़ुमा के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा, 'भारत का बढ़ता इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम ज़्यादा सहयोग और निवेश के लिए बड़े अवसर देता है।' ROHM जापान की अग्रणी सेमीकंडक्टर निर्माता कंपनियों में से एक है।
इससे पूर्व, नागोया में गोयल ने सेंट्रल जापान इकोनॉमिक फेडरेशन (चुकेइरेन) के चेयरमैन सातोरा कात्सुनो से मुलाकात की। उन्होंने चुकेइरेन के सदस्यों को मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और प्रिसिजन इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में भारत के साथ जुड़ाव बढ़ाने तथा भारत-चुबू व्यापारिक संबंधों को सुदृढ़ करने के लिए सेक्टर-विशिष्ट प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने का निमंत्रण दिया।
आइची प्रशासन और स्टील क्षेत्र में चर्चा
गोयल ने आइची प्रिफेक्चर के गवर्नर हिदेआकी ओमुरा से भी भेंट की और व्यापार, निवेश तथा औद्योगिक सहयोग के रास्तों पर विचार-विमर्श किया। बैठक में आइची के इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम और भारतीय उद्यमों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
आइची स्टील कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष नाओहिदे गोटो के साथ बैठक में स्टील मैन्युफैक्चरिंग और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के क्षेत्र में भारत-जापान सहयोग के नए आयाम तलाशे गए। गोयल ने कहा, 'भारत का मजबूत मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम लगातार सहयोग के लिए काफी संभावनाएं प्रदान करता है।'
नागोया में 'इंडिया-जापान नेक्स्ट जेनरेशन' कार्यक्रम
नागोया में आयोजित 'इंडिया-जापान नेक्स्ट जेनरेशन इकोनॉमिक पार्टनरशिप: फ्रॉम चुबू टू इंडिया' कार्यक्रम में सेंट्रल जापान इकोनॉमिक फेडरेशन और नागोया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस मंच पर गोयल ने सेंट्रल जापान के व्यवसायों के लिए मैन्युफैक्चरिंग, निवेश और औद्योगिक सहयोग में भारत के साथ जुड़ाव गहरा करने की अपार संभावनाओं को रेखांकित किया।
गौरतलब है कि भारत और जापान के बीच पहले से ही एक व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (CEPA) लागू है, और यह यात्रा उसी ढाँचे को और विस्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
आगे की राह
उद्योग जगत के नेताओं और निवेशकों को भारत में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित करते हुए गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार जापानी पूँजी और तकनीक के लिए एक सुगम वातावरण तैयार करने को प्रतिबद्ध है। आने वाले महीनों में सेक्टर-विशिष्ट प्रतिनिधिमंडलों के भारत दौरे की संभावना है, जो दोनों देशों के बीच औद्योगिक सहयोग को ठोस रूप देंगे।